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अवैध रूप से संचालित दो निजी अस्पताल और तीन लैब सीज
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अवैध रूप से संचालित दो निजी अस्पताल और तीन लैब सीज
शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की छापेमारी
विभाग की छापेमारी से निजी अस्पताल संचालकों में रहा हड़कंप
फोटो नं-16
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। बिना लाइसेंस के संचालित निजी अस्पताल और पैथोलॉजी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। मुख्यालय में ही टीम को दो निजी अस्पताल और तीन पैथोलॉजी ऐसी मिली, जिसके पंजीकरण के बाबत संचालक दस्तावेज नहीं दिखा सके। इन अस्पतालों में भर्ती मरीजों को जिला अस्पताल भेजने के साथ ही विभाग ने उन्हें सीज कर अपना ताला जड़ दिया है। स्वास्थ्य महकमे की छापेमारी से निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप रहा।
प्रदेश सरकार और न्यायालय ने सख्त आदेश दे रखा है कि ऐसे अस्पताल और पैथोलॉजी को चिन्हित कर उनके सीलिंग की कार्रवाई की जाए। इसे लेकर शनिवार को सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी के निर्देश पर डॉ. हिंदमणि के नेतृत्व में एक टीम ने मुख्यालय के निजी अस्पताल में चेकिंग की। टीम सबसे पहले सिराथू रोड पर स्थित न्यू संजीवनी अस्पताल पहुंची। अस्पताल में ही पैथोलॉजी का संचालन किया जा रहा था, जो मानक के अनुरूप नहीं मिली। अस्पताल में कोई भी चिकित्सक व प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ नहीं मिला। अस्पताल में भर्ती मरीजों को जिला अस्पताल भेजने के साथ ही उसे सील कर दिया गया है। इसके बाद जिला अस्पताल के सामने संचालित डॉ. लाल पैथोलॉजी पहुंची। वहां मौजूद अप्रशिक्षित स्टाफ लैब के पंजीकरण के बाबत कोई भी प्रमाण नहीं दिखा सका। टीम ने इस पैथोलॉजी को भी सील कर दिया है। इसी के समीप स्थित मीरा लैब में भी चेकिंग किया गया। लैब में मौजूद एक महिला ने बताया कि वह डीएमएलटी है। लेकिन वह अपनी डिग्री और पंजीकरण के बाबत कोई प्रमाण नहीं दिखा सकी। मीरा लैब को भी सील किया गया है। जिला अस्पताल के सामने ही एसपी सुंदरम अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। अस्पताल में ही लैब संचालित थी। तीन मरीज भर्ती पाए गए। यहां मिले अस्पताल के प्रबंधक अस्पताल और पैथोलॉजी के पंजीकरण के बाबत लाइसेंस नहीं दिखा सके। एसपी सुंदरम अस्पताल को भी सील किया गया है। अस्पताल में भर्ती रहे मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिला अस्पताल के ही सामने विष्णु अस्पताल का संचालन हो रहा था। अस्पताल का पंजीकरण तो मिला लेकिन पैथोलॉजी का रजिट्रेशन संचालक नहीं दिखा सका। सीएमओ ने बताया कि जिले में जो अस्पताल या पैथोलॉजी बिना लाइसेंस के संचालित हैं, संचालक रजिस्ट्रेशन मानक पूरा करके विभाग से लाइसेंस से हासिल कर लें। टीम की यह छापेमारी आगे भी जारी रहेगी।
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शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की छापेमारी
विभाग की छापेमारी से निजी अस्पताल संचालकों में रहा हड़कंप
फोटो नं-16
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। बिना लाइसेंस के संचालित निजी अस्पताल और पैथोलॉजी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। मुख्यालय में ही टीम को दो निजी अस्पताल और तीन पैथोलॉजी ऐसी मिली, जिसके पंजीकरण के बाबत संचालक दस्तावेज नहीं दिखा सके। इन अस्पतालों में भर्ती मरीजों को जिला अस्पताल भेजने के साथ ही विभाग ने उन्हें सीज कर अपना ताला जड़ दिया है। स्वास्थ्य महकमे की छापेमारी से निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप रहा।
प्रदेश सरकार और न्यायालय ने सख्त आदेश दे रखा है कि ऐसे अस्पताल और पैथोलॉजी को चिन्हित कर उनके सीलिंग की कार्रवाई की जाए। इसे लेकर शनिवार को सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी के निर्देश पर डॉ. हिंदमणि के नेतृत्व में एक टीम ने मुख्यालय के निजी अस्पताल में चेकिंग की। टीम सबसे पहले सिराथू रोड पर स्थित न्यू संजीवनी अस्पताल पहुंची। अस्पताल में ही पैथोलॉजी का संचालन किया जा रहा था, जो मानक के अनुरूप नहीं मिली। अस्पताल में कोई भी चिकित्सक व प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ नहीं मिला। अस्पताल में भर्ती मरीजों को जिला अस्पताल भेजने के साथ ही उसे सील कर दिया गया है। इसके बाद जिला अस्पताल के सामने संचालित डॉ. लाल पैथोलॉजी पहुंची। वहां मौजूद अप्रशिक्षित स्टाफ लैब के पंजीकरण के बाबत कोई भी प्रमाण नहीं दिखा सका। टीम ने इस पैथोलॉजी को भी सील कर दिया है। इसी के समीप स्थित मीरा लैब में भी चेकिंग किया गया। लैब में मौजूद एक महिला ने बताया कि वह डीएमएलटी है। लेकिन वह अपनी डिग्री और पंजीकरण के बाबत कोई प्रमाण नहीं दिखा सकी। मीरा लैब को भी सील किया गया है। जिला अस्पताल के सामने ही एसपी सुंदरम अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। अस्पताल में ही लैब संचालित थी। तीन मरीज भर्ती पाए गए। यहां मिले अस्पताल के प्रबंधक अस्पताल और पैथोलॉजी के पंजीकरण के बाबत लाइसेंस नहीं दिखा सके। एसपी सुंदरम अस्पताल को भी सील किया गया है। अस्पताल में भर्ती रहे मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिला अस्पताल के ही सामने विष्णु अस्पताल का संचालन हो रहा था। अस्पताल का पंजीकरण तो मिला लेकिन पैथोलॉजी का रजिट्रेशन संचालक नहीं दिखा सका। सीएमओ ने बताया कि जिले में जो अस्पताल या पैथोलॉजी बिना लाइसेंस के संचालित हैं, संचालक रजिस्ट्रेशन मानक पूरा करके विभाग से लाइसेंस से हासिल कर लें। टीम की यह छापेमारी आगे भी जारी रहेगी।
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