सिल्ट सफाई के नाम पर कोरम पूरा करा रही सरकार

Allahabad Bureau Updated Thu, 07 Dec 2017 10:02 PM IST
ख़बर सुनें
सिल्ट सफाई के नाम पर खानापूर्ति
264 की जगह महज 103 किलोमीटर का पास हुआ इस्टीमेट
छोटी माइनरों की इस साल भी नहीं हो सकेगी सफाई
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। जिले के आधे हिस्से में फैले किशनपुर पंप कैनाल व उसकी माइनरों, रजबहों की सिल्ट सफाई के लिए सरकार के पास रुपए नहीं हैं। सिल्ट सफाई के लिए शासन ने 33 लाख रुपए की मंजूरी दी है। इस धनराशि से 103 किलोमीटर नहर व उसकी माइनरों की सफाई कराई जा रही है। ऐसे में सिल्ट साफ न होने वाली माइनरों, रजबहों में टेल तक पानी पहुंचाना टेढ़ी खीर होगी।
किशनपुर पंप कैनाल की 28 माइनरों व छह रजबहों का जाल जिले में 264 किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। नहर व माइनरों में लगातार पानी चलने से सिल्ट जमा हो जाती है। रबी व खरीफ की खेती शुरू होने से पहले इन माइनरों की सिल्ट सफाई का नियम है। इस साल सिल्ट सफाई के लिए किशनपुर पंप कैनाल को 30 अक्तूबर को बंद कर दिया गया। सिल्ट सफाई के लिए पचास लाख से अधिक का इस्टीमेट शासन को भेजा गया। शासन ने इस साल महज 103 किलोमीटर नहर व उसकी माइनरों की सफाई के लिए 33 लाख के इस्टीमेट को मंजूरी दी। इस्टीमेट मंजूर होने के बाद 15 नवंबर तक सिल्ट सफाई का काम टेंडर प्रक्रिया के चलते शुरू नहीं हो सका। 16 नवंबर से नहरों की सफाई ठेकेदार ने शुरू कराया। कम धनराशि होने के कारण किशनपुर पंप कैनाल व उसकी कुछ खास माइनरों की ही सिल्ट सफाई कराई जा रही है। बाकी माइनरों व रजबहों की सफाई न होने से इनके किसानों को टेल तक पानी मिल पाने में कठिनाई होगी। बगैर सिल्ट सफाई के टेल तक पानी पहुंचाने की कोशिश विभागीय जिम्मेदारों ने की तो मुहाने के खेत पटरी ओवरफ्लो होकर जलमग्न हो जाएंगे। इससे टेल के किसानों को जहां फायदा होगा वहीं मुहाने के किसानों की फसलें पानी से नष्ट होना तय है। उधर, सभी माइनरों व रजबहों की सफाई न कराए जाने से इलाकाई किसानों में नाराजगी है।

इनसेट
घास व सिल्ट से पटी हैं बटंबंधुरी व घोषिया माइनर
जिले की दर्जन भर माइनरों की सफाई कई सालों से नहीं हो सकी है। इन माइनरों में जरूरत के समय पानी भी नहीं छोड़ा जाता है। इसके चलते माइनरें मिट्टी व घास-फूस से पट गई हैं। इन माइनरों में सिल्ट सफाई कराए बगैर पानी छोड़ना खतरे से खाली नहीं है। बानगी के तौर पर घोषिया व बटबंधुरी माइनर को लिया जा सकता है। दोनों की सफाई लगभग तीन साल से नहीं कराई गई है। बंधुरी निवासी शेष नारायण मिश्र का कहना है कि सिल्ट सफाई न होने से माइनरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। इससे इलाकाई किसानों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी
103 किलोमीटर नहर व उसके माइनरों की सिल्ट सफाई कराई जा रही है। जिन माइनरों की सफाई रह जाएगी उसे अगले सीजन में कराया जाएगा। माइनरों में पानी उतना ही छोड़ा जाएगा जिससे किसानों का नुकसान न हो।
आरके निरंजन, एक्सईएन सिंचाई

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Chandigarh

अपने ही दो भाइयों, दो बहनों समेत 7 लोगों को मारने वाली पर नहीं कर सकते रहम: हाईकोर्ट

अपने ही दो भाइयों, दो बहनों और दादी समेत सात लोगों की हत्या करने वाली पर रहम नहीं किया जा सकता। उसकी और उसके प्रेमी की मौत की सजा बरकरार रहेगी।

18 जुलाई 2018

Related Videos

कहीं गौरैया सिर्फ यादों में न रह जाए

यूपी के इलाहाबाद में गौरैया को बचाने के लिए द्वारिका सेवा संस्थान की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें संगठन के सदस्यों ने लोगों से गौरैया के लिए अपने घर की छत पर दाना पानी रखने की अपील की।

20 मार्च 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen