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18 साल बाद घर लौटा करनपुर का उस्मान
Updated Sun, 11 Mar 2018 07:52 PM IST
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शमसाबाद। इलाके के करनपुर गांव का एक युवक रविवार को करीब 18 साल बाद घर लौटा। अपने गुरु के आदेश पर वह पैतृक गांव आया। बिछड़े बेटे से मिलकर परिजनों की आंखें भर आईं।
सैनी क्षेत्र के करनपुर गांव का उस्मान पुत्र जियाउद्दीन करीब 18 वर्ष की उम्र में लगभग 18 साल पहले ही घर छोड़कर चला गया था। परिवार वालों ने उसकी काफी खोजबीन की। पर, कहीं कोई सुराग नहीं लगा। रविवार सुबह अचानक उस्मान गांव लौट आया। घर जाने के बजाए वह सीधे मुस्जिद पहुंचा। पेश इमाम की जगह पर खड़े होकर उसने नमाजियों को सुबह की नमाज पढ़ाई। उसे देख मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। बिछड़े बेटे के आने की जानकारी मिलते ही परिजन भी मस्जिद पर पहुंच गए। परिवार वालों से उस्मान ने बताया कि वह मुंबई में एक मजार में रहता है। गुरु (मुर्सिद) ने किसी धार्मिक अनुष्ठान को पूरा करने के लिए गांव की मस्जिद में पांच वक्त की नमाज अदा करने का निर्देश दिया है। इसीलिए गांव आया है। उस्मान के बड़े भाई परवेज, फारुक, बहन बेबी, साहीन, नाहीद के साथ पिता भी उसको रोकने की कोशिश करते रहे। इन सभी की आंखें डबडबा गईं, लेकिन उस्मान वापस मुंबई जाने की जिद पर अड़ा रहा।
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सैनी क्षेत्र के करनपुर गांव का उस्मान पुत्र जियाउद्दीन करीब 18 वर्ष की उम्र में लगभग 18 साल पहले ही घर छोड़कर चला गया था। परिवार वालों ने उसकी काफी खोजबीन की। पर, कहीं कोई सुराग नहीं लगा। रविवार सुबह अचानक उस्मान गांव लौट आया। घर जाने के बजाए वह सीधे मुस्जिद पहुंचा। पेश इमाम की जगह पर खड़े होकर उसने नमाजियों को सुबह की नमाज पढ़ाई। उसे देख मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। बिछड़े बेटे के आने की जानकारी मिलते ही परिजन भी मस्जिद पर पहुंच गए। परिवार वालों से उस्मान ने बताया कि वह मुंबई में एक मजार में रहता है। गुरु (मुर्सिद) ने किसी धार्मिक अनुष्ठान को पूरा करने के लिए गांव की मस्जिद में पांच वक्त की नमाज अदा करने का निर्देश दिया है। इसीलिए गांव आया है। उस्मान के बड़े भाई परवेज, फारुक, बहन बेबी, साहीन, नाहीद के साथ पिता भी उसको रोकने की कोशिश करते रहे। इन सभी की आंखें डबडबा गईं, लेकिन उस्मान वापस मुंबई जाने की जिद पर अड़ा रहा।
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