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परमिशन लेकर काले धन से खरीदी जमीन

Tue, 12 Sep 2017 12:35 AM IST
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:35 AM IST
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परमिशन लेकर काले धन से खरीदी जमीन
काले धन से खरीदी जमीन
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बिना हैसियत वालों के नाम दर्ज हो गई कीमती भूमि
भू-माफिया के खेल से हर कोई हैरान
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
जिले में अनुसूचित जाति के लोगों की भूमि की खरीदारी भू-माफिया अपने चहेतों से करा रहे हैं। काले धन से भूमि खरीदकर वे उसको सफेद कर रहे हैं। इसके लिए बाकायदा परमिशन भी ले रहे हैं। झूठे तथ्यों के आधार पर परमिशन के लिए आवेदन किया जाता था। अनुमति मिलते ही लाखों रुपये कीमत की जमीन खरीद ली जाती है।
नोटबंदी के पहले जमीन की खरीद-फरोख्त में बहुत बड़ा खेल हुआ है। प्रापर्टी डीलरों ने अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई थी। इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि भूमि औने-पौने दाम में मिल जाती थी। इसके लिए माफिया अपने किसी अनुसूचित जाति के चहेते के नाम जमीन खरीद लेते थे। बाद में उसके नाम से झूठे तथ्यों के आधार पर प्रशासनिक अधिकारी से जमीन बेचने का परमिशन ले लेते थे। बीमारी, शादी व अन्य कारणों को आधार बनाकर परमिशन लिया जाता था। 40 लाख से लेकर 75-75 लाख रुपये की भूमि की खरीद करवाई गई। इसके बाद सवा गुना दाम बढ़ाकर माफिया ने अपने नाम भूमि करवा ली। इसके लिए चहेते को मामूली रकम दी जाती थी या फिर एक विस्वा भूमि का प्लाट दे दिया जाता था। इस तरह के दर्जनों खेल हुए हैं। परमिशन देने से पहले अधिकारियों ने कभी उसके तथ्यों की जांच नहीं करवाई, जिसका परिणाम यह रहा कि अनुसूचित जाति के लोग संगठित गिरोह का शिकार होते रहे।
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सपा नेता के खिलाफ शिकायत
सिराथू के बम्हरौली निवासी नरेंद्र कुमार ने डीएम को शिकायती पत्र देकर झूठे तथ्यों के आधार पर लिए गए परमिशन पर माफिया को जमीन बेचने का आरोप लगाया है। आरोप है कि बसावनपुर गांव के एक दलित की भूमि को भरवारी के एक सपा नेता ने अपने चहेते के नाम 49 लाख रुपये में लिखवाई। भूमि का बैनामा होने के बाद चहेते के नाम से परमिशन लेकर उसको अपने ही एक करीबी को 91 लाख रुपये में बिकवा दी। जमीन बेचने वाले को दो लाख रुपये दिए और लगभग 50 लाख रुपये का खेल हो गया। नरेंद्र का आरोप है कि जमीन की खरीद काले धन से की गई थी। इसको सफेद करने के लिए यह खेल किया गया।
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चायल क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिकी भूमि
चायल तहसील क्षेत्र में अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन बड़े पैमाने पर प्रापर्टी डीलरों ने खरीद रखी है। सभी जमीनें औने-पौने दाम में खरीदकर अपने चहेतों को दिलवाई गई। अब इसी भूमि पर प्लाटिंग हो रही है। भींटी गांव के एक दलित ने भी इसी तरह की शिकायत की है। इस मामले की जांच की जा रही है।

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क्या कहते हैं अधिकारी
शिकायत हुई तो प्रकरण की जांच करवाई जाएगी कि आखिर किन परिस्थितियों में अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन की बिक्री हुई है। यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी प्रकाश में आई तो कार्रवाई की जाएगी।
मनीष कुमार वर्मा
जिलाधिकारी
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