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खान निरीक्षक पर हमले के बाद निरंकुश हुए बालू माफिया
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मंझनपुर। खान निरीक्षक पर हुए जानलेवा हमले के बाद बालू माफिया पूरी तरह से निरंकुश हो गए हैं। चेकिंग नहीं होने के कारण जिले भर में बालू की ओवरलोडिंग खुलेआम की जा रही है। उधर, सबकुछ जानने के बाद भी आला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं।
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने पिछले दिनों पट्टाधारकों को पत्र भेजकर वाहनों को ओवरलोड बालू नहीं देने का निर्देश दिया था। चेतावनी दिया था कि ओवरलोड बालू का परिवहन कराने वाले घाट संचालकों के खिलाफ प्रशासन सख्ती से पेश आएगा। डीएम के निर्देश के बाद खान निरीक्षक, एआरटीओ प्रवर्तन, एसडीएम की टीम लगातार छापेमारी कर ओवर लोड वाहनों पर शिकंजा कस रही थी। चार दिन चली कार्रवाई के बाद पांचवे दिन ही अवैध खनन की शिकायत पर भखंदा घाट पहुंचे खान निरीक्षक पर निषाद समुदाय के लोगों ने हमला कर दिया। घटना के बाद खान निरीक्षक राज रंजन अवकाश पर चले गए तो खनन टीम में शामिल अन्य अधिकारियों ने भी चेकिंग अभियान से हाथ खींच लिया। इसका वाहन चालक भरपूर फायदा उठा रहे हैं। उनके द्वारा ओवर लोड बालू का बेखौफ परिवहन सरायअकिल, करारी, मंझनपुर से ओसा चौराहा होते हुए कराया जा रहा है। माना जा रहा है कि खान अधिकारी पर हमले के बाद टीम में शामिल अन्य अधिकारी भी सहम गए हैं। अब उनके द्वारा ओवरलोड के नाम पर कोरम भी पूरा नहीं किया जा रहा है।
छह ट्रकों को बरामद नहीं कर सकी कोखराज पुलिस
मंझनपुर। पखवारे भर पहले खान निरीक्षक राज रंजन को भरवारी के पास चेकिंग के दौरान ट्रक से कुचलने का प्रयास किया गया था। मामले में खान निरीक्षक की तहरीर पर आधा दर्जन ट्रकों के खिलाफ नड्डबर के आधार पर कोखराज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस है कि वाहन संख्या पता होने के बाद भी वाहनों को पकड़ नहीं पा रही है। वहीं बताया जा रहा है कि उन्हीं वाहनों से नम्बर बदलकर ओवरलोडिंग कराई जा रही है।
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रात में अवैध खनन कर भूड़े से मिटाई जा रही शिनाख्त
मंझनपुर। सरायअकिल इलाके के एक बालू घाट पर अभी तक दिन में खंड से हटकर अवैध खनन किया जाता था। पिछले दिनो अफसरों ने सख्ती की तो माफिया के होश उड़ गए। अब वह दिन के बजाए रात को अवैध खनन कराता है। इसके लिए जेबसी व पोकलैंड की मदद ली जाती है। सुबह होते-होते खुदाई वाले स्थानों को भूड़ा बालू से पाटकर मशीनों को खंड में खड़ा कर दिया जाता है।
ओवरलोड बालू गिट्टी का परिवहन करने वाले वाहनों को कोई छूट नहीं है। घटना के बाद प्रशासन आरोपियों की धरपकड़ को गंभीर है। अवैध खनन व ओवरलोड परिवहन के विरुद्ध जल्द ही अभियान चलेगा।
राकेश कुमार श्रीवास्तव, एडीएम
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डीएम मनीष कुमार वर्मा ने पिछले दिनों पट्टाधारकों को पत्र भेजकर वाहनों को ओवरलोड बालू नहीं देने का निर्देश दिया था। चेतावनी दिया था कि ओवरलोड बालू का परिवहन कराने वाले घाट संचालकों के खिलाफ प्रशासन सख्ती से पेश आएगा। डीएम के निर्देश के बाद खान निरीक्षक, एआरटीओ प्रवर्तन, एसडीएम की टीम लगातार छापेमारी कर ओवर लोड वाहनों पर शिकंजा कस रही थी। चार दिन चली कार्रवाई के बाद पांचवे दिन ही अवैध खनन की शिकायत पर भखंदा घाट पहुंचे खान निरीक्षक पर निषाद समुदाय के लोगों ने हमला कर दिया। घटना के बाद खान निरीक्षक राज रंजन अवकाश पर चले गए तो खनन टीम में शामिल अन्य अधिकारियों ने भी चेकिंग अभियान से हाथ खींच लिया। इसका वाहन चालक भरपूर फायदा उठा रहे हैं। उनके द्वारा ओवर लोड बालू का बेखौफ परिवहन सरायअकिल, करारी, मंझनपुर से ओसा चौराहा होते हुए कराया जा रहा है। माना जा रहा है कि खान अधिकारी पर हमले के बाद टीम में शामिल अन्य अधिकारी भी सहम गए हैं। अब उनके द्वारा ओवरलोड के नाम पर कोरम भी पूरा नहीं किया जा रहा है।
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छह ट्रकों को बरामद नहीं कर सकी कोखराज पुलिस
मंझनपुर। पखवारे भर पहले खान निरीक्षक राज रंजन को भरवारी के पास चेकिंग के दौरान ट्रक से कुचलने का प्रयास किया गया था। मामले में खान निरीक्षक की तहरीर पर आधा दर्जन ट्रकों के खिलाफ नड्डबर के आधार पर कोखराज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस है कि वाहन संख्या पता होने के बाद भी वाहनों को पकड़ नहीं पा रही है। वहीं बताया जा रहा है कि उन्हीं वाहनों से नम्बर बदलकर ओवरलोडिंग कराई जा रही है।
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रात में अवैध खनन कर भूड़े से मिटाई जा रही शिनाख्त
मंझनपुर। सरायअकिल इलाके के एक बालू घाट पर अभी तक दिन में खंड से हटकर अवैध खनन किया जाता था। पिछले दिनो अफसरों ने सख्ती की तो माफिया के होश उड़ गए। अब वह दिन के बजाए रात को अवैध खनन कराता है। इसके लिए जेबसी व पोकलैंड की मदद ली जाती है। सुबह होते-होते खुदाई वाले स्थानों को भूड़ा बालू से पाटकर मशीनों को खंड में खड़ा कर दिया जाता है।
ओवरलोड बालू गिट्टी का परिवहन करने वाले वाहनों को कोई छूट नहीं है। घटना के बाद प्रशासन आरोपियों की धरपकड़ को गंभीर है। अवैध खनन व ओवरलोड परिवहन के विरुद्ध जल्द ही अभियान चलेगा।
राकेश कुमार श्रीवास्तव, एडीएम