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जहरीले धुंएं से बीमार हो रहे छात्र और शिक्षक
Updated Sat, 10 Nov 2018 11:55 PM IST
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जहरीले धुंएं से बीमार हो रहे छात्र और शिक्षक
-गौसपुर में सेंट जोसेफ स्कूल के सामने सड़क निर्माण के लिए लगाया गया है गिट्टी-डामर मिक्सर प्लांट
-स्कूल प्रशासन की शिकायत के बावजूद नहीं की जा रही कोई कार्रवाई, अभिभावकों में आक्रोश
फोटो नं-4
अमर उजाला ब्यूरो
चरवा। सुप्रीम कोर्ट एक तरफ जहां प्रदूषण को लेकर जहां फिक्रमंद है, वहीं, जिले के चायल तहसील के गौसपुर स्थित सेंट जोसेफ स्कूल के 1200 बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। स्कूल के सामने सड़क निर्माण के लिए संचालित डामर-मिट्टी मिक्सर प्लांट से निकलने वाले जहरीले धुंए से बच्चों के आंखों में जलन व सांस संबंधी बीमारी के शिकार हो रहे हैं। ऐसी ही कुछ समस्या शिक्षकों को भी हो रही है। आरोप है कि शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसे लेकर अभिभावकों में नाराजगी है।
सेंट जोसेफ स्कूल में तकरीबन 1200 बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूल के सामने ही कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के एक ठेकेदार ने सड़क निर्माण के लिए गिट्टी-डामर मिक्सर प्लांट लगा रखा है। स्कूल टाइम सुबह आठ से दो बजे है। इसी दौरान सुबह साढ़े सात बजे से ढाई बजे तक प्लांट चलता है। इसके चलते ध्वनि और वायु प्रदूषण होता है। चिमनियों से निकलने वाला जहरीला धुंआ और मशीनों की गड़गड़ाहट से बच्चों की सेहत बिगड़ रही है। कोई आंखों की जलन से परेशान है तो कोई सिरदर्द से पीड़ित है। तमाम छात्रों को सांस लेने में भी दिक्कत होती है। यही हाल शिक्षकों का भी है। अभिभावकों ने कॉलेज प्रशासन को समस्या से अवगत कराया तो प्रिंसिपल फादर विल्सन छह मार्च को समाधान दिवस में शिकायत की। प्रिंसिपल ने प्लांट को दूसरी जगह शिफ्ट कराने की मांग की। पर, समस्या का कोई हल नहीं निकला। लगातार बढ़ती दिक्कतों को देखते हुए प्रिंसिपल ने तब से कई बार शिकायत दर्ज कराई। लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। इससे अभिभावकों में नाराजगी है।
बोले अभिभावक-
फोटो नं- 14, मुन्ना चौरसिया, आलमचंद्र
मेरे तीन बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। प्लांट के धुंए से बच्चे परेशान रहते हैं। बच्चों की आंखों में जलन की तकलीफ बनी रहती है। शिकायत के बावजूद प्रशासन समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।
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फोटो नं-13, उमेश सोनी, आलमचंद्र
सेंट जोसेफ स्कूल के सामने लगा मिक्सर प्लांट जहरीला धुंआ उगलता है। स्कूल में पढ़ रहे मेरे दोनों बच्चे सिर दर्द से परेशान रहते हैं। उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत होती है।
फोटो नं-15,रामनारायण, चरवा
मेरी बेटी रंजना कक्षा छह की छात्रा है। वह हमेशा स्कूल से वापस आने के बाद आंखों में जलन होने की तकलीफ बताती है। इसे लेकर परेशान रहता हूं।
फोटो नं-16, जगनारायण, चरवा
प्लांट से निकलने वाला धुंआ इतना खतरनाक है कि अक्सर बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। इसकी वजह से बच्चों को सांस संबंधित समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
इनका कहना है
मामला संज्ञान में नहीं है। फिर भी प्रकरण गंभीर है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
अनिल चतुर्वेदी-एसडीएम, चायल
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-गौसपुर में सेंट जोसेफ स्कूल के सामने सड़क निर्माण के लिए लगाया गया है गिट्टी-डामर मिक्सर प्लांट
-स्कूल प्रशासन की शिकायत के बावजूद नहीं की जा रही कोई कार्रवाई, अभिभावकों में आक्रोश
फोटो नं-4
अमर उजाला ब्यूरो
चरवा। सुप्रीम कोर्ट एक तरफ जहां प्रदूषण को लेकर जहां फिक्रमंद है, वहीं, जिले के चायल तहसील के गौसपुर स्थित सेंट जोसेफ स्कूल के 1200 बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। स्कूल के सामने सड़क निर्माण के लिए संचालित डामर-मिट्टी मिक्सर प्लांट से निकलने वाले जहरीले धुंए से बच्चों के आंखों में जलन व सांस संबंधी बीमारी के शिकार हो रहे हैं। ऐसी ही कुछ समस्या शिक्षकों को भी हो रही है। आरोप है कि शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसे लेकर अभिभावकों में नाराजगी है।
सेंट जोसेफ स्कूल में तकरीबन 1200 बच्चे पंजीकृत हैं। स्कूल के सामने ही कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के एक ठेकेदार ने सड़क निर्माण के लिए गिट्टी-डामर मिक्सर प्लांट लगा रखा है। स्कूल टाइम सुबह आठ से दो बजे है। इसी दौरान सुबह साढ़े सात बजे से ढाई बजे तक प्लांट चलता है। इसके चलते ध्वनि और वायु प्रदूषण होता है। चिमनियों से निकलने वाला जहरीला धुंआ और मशीनों की गड़गड़ाहट से बच्चों की सेहत बिगड़ रही है। कोई आंखों की जलन से परेशान है तो कोई सिरदर्द से पीड़ित है। तमाम छात्रों को सांस लेने में भी दिक्कत होती है। यही हाल शिक्षकों का भी है। अभिभावकों ने कॉलेज प्रशासन को समस्या से अवगत कराया तो प्रिंसिपल फादर विल्सन छह मार्च को समाधान दिवस में शिकायत की। प्रिंसिपल ने प्लांट को दूसरी जगह शिफ्ट कराने की मांग की। पर, समस्या का कोई हल नहीं निकला। लगातार बढ़ती दिक्कतों को देखते हुए प्रिंसिपल ने तब से कई बार शिकायत दर्ज कराई। लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। इससे अभिभावकों में नाराजगी है।
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बोले अभिभावक-
फोटो नं- 14, मुन्ना चौरसिया, आलमचंद्र
मेरे तीन बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। प्लांट के धुंए से बच्चे परेशान रहते हैं। बच्चों की आंखों में जलन की तकलीफ बनी रहती है। शिकायत के बावजूद प्रशासन समस्या का समाधान नहीं कर रहा है।
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फोटो नं-13, उमेश सोनी, आलमचंद्र
सेंट जोसेफ स्कूल के सामने लगा मिक्सर प्लांट जहरीला धुंआ उगलता है। स्कूल में पढ़ रहे मेरे दोनों बच्चे सिर दर्द से परेशान रहते हैं। उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत होती है।
फोटो नं-15,रामनारायण, चरवा
मेरी बेटी रंजना कक्षा छह की छात्रा है। वह हमेशा स्कूल से वापस आने के बाद आंखों में जलन होने की तकलीफ बताती है। इसे लेकर परेशान रहता हूं।
फोटो नं-16, जगनारायण, चरवा
प्लांट से निकलने वाला धुंआ इतना खतरनाक है कि अक्सर बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। इसकी वजह से बच्चों को सांस संबंधित समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
इनका कहना है
मामला संज्ञान में नहीं है। फिर भी प्रकरण गंभीर है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
अनिल चतुर्वेदी-एसडीएम, चायल