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Kasganj News: क्या कसूर था मेरे बच्चे का... जो उसे मार डाला
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-गांव याकूतगंज में पूरे दिन चलती रही बालक की मौत की चर्चा
-घटना के बाद समारोह में मची अफरा-तफरी, छा गया मातम
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। सहावर के गांव याकूतगंज में नामकरण समारोह में बालक की गोली मारकर हत्या दी गई। पूरे दिन गांव में उसकी हत्या की चर्चा होती रही। उसकी मां बार-बार उसे याद करके रोते हुए बस यही पूछ रही थी कि क्या कसूर था मेरे बच्चे का... जो उसे मार डाला।
गांव याकूतगंज में शुक्रवार की रात नामकरण समारोह में वारदात के बाद अफरा-तफरी मच गई। खुशी का माहौल मातम में छा गया। शनिवार को दिनभर गांव में घटना की चर्चा होती रही। पोस्टमार्टम के बाद बालक का शव देर शाम 7:50 बजे गांव में पहुंचा तो परिवार में चीत्कार मच गया। उसकी मां व अन्य परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था। बच्चे का शव देखकर उसकी मां ममता रोते हुए बस यही पूछ रही थी कि मेरे बच्चे ने उसका क्या बिगाड़ा था, जो उसे गोली मार दी। उसकी मां बच्चे का शव देखकर बार-बार बेहोश हो रही थी। महिलाएं उन्हें ढांढस बंधाकर समझा रही थी। बालक का शव देखकर लोगों की आंखों में आंसू छलक उठे। परिजन देर शाम तक बालक के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे।
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परिवार में सबसे छोटा था यश
कासगंज। यश के पिता सुखवीर ने बताया कि उनके चार बच्चों में यश सबसे छोटा था। सबसे बड़ा बेटा अर्जुन (18), बहन मुस्कान (15),कामनी (12) की है। सुखवीर मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनकी पत्नी ममता दो दिन पहले ऑपरेशन होकर घर आई थी। यश की मौत के बाद परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। संवाद
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गोली लगने के बाद निकल आई थीं आंते
कासगंज। गांव याकूतगंज में यश पेट में गोली लगने के बाद लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि पेट में गोली लगने के बाद बालक की आंते बाहर निकल आई थी। संवाद
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-घटना के बाद समारोह में मची अफरा-तफरी, छा गया मातम
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। सहावर के गांव याकूतगंज में नामकरण समारोह में बालक की गोली मारकर हत्या दी गई। पूरे दिन गांव में उसकी हत्या की चर्चा होती रही। उसकी मां बार-बार उसे याद करके रोते हुए बस यही पूछ रही थी कि क्या कसूर था मेरे बच्चे का... जो उसे मार डाला।
गांव याकूतगंज में शुक्रवार की रात नामकरण समारोह में वारदात के बाद अफरा-तफरी मच गई। खुशी का माहौल मातम में छा गया। शनिवार को दिनभर गांव में घटना की चर्चा होती रही। पोस्टमार्टम के बाद बालक का शव देर शाम 7:50 बजे गांव में पहुंचा तो परिवार में चीत्कार मच गया। उसकी मां व अन्य परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था। बच्चे का शव देखकर उसकी मां ममता रोते हुए बस यही पूछ रही थी कि मेरे बच्चे ने उसका क्या बिगाड़ा था, जो उसे गोली मार दी। उसकी मां बच्चे का शव देखकर बार-बार बेहोश हो रही थी। महिलाएं उन्हें ढांढस बंधाकर समझा रही थी। बालक का शव देखकर लोगों की आंखों में आंसू छलक उठे। परिजन देर शाम तक बालक के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे।
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परिवार में सबसे छोटा था यश
कासगंज। यश के पिता सुखवीर ने बताया कि उनके चार बच्चों में यश सबसे छोटा था। सबसे बड़ा बेटा अर्जुन (18), बहन मुस्कान (15),कामनी (12) की है। सुखवीर मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनकी पत्नी ममता दो दिन पहले ऑपरेशन होकर घर आई थी। यश की मौत के बाद परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। संवाद
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गोली लगने के बाद निकल आई थीं आंते
कासगंज। गांव याकूतगंज में यश पेट में गोली लगने के बाद लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि पेट में गोली लगने के बाद बालक की आंते बाहर निकल आई थी। संवाद