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Kasganj News: रोहित के साइबर ठग होने पर नहीं हो रहा ग्रामीणों को यकीन
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फोटो 36- साइबर ठगी का मास्टर माइंड रोहित। फाइल फोटो
कासगंज। 11वीं पास 18 वर्षीय रोहित ने ऐसा साइबर जाल बुना कि गुजरात पुलिस के भी होश उड़ गए। कासगंज जिले के नगला पटवारियान गांव का रहने वाला रोहित, एक साधारण मजदूर का बेटा है। उस पर करीब 65 करोड़ रुपये की अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का आरोप है।
सूरत पुलिस द्वारा 11 जुलाई को कानपुर से गिरफ्तार किए जाने के बाद जब इस ठगी का पर्दाफाश हुआ, तो पूरा गांव सन्न रह गया। रोहित ने ठगी के लिए 121 एपीके फाइलें तैयार की थीं। इन फाइलों को उसने देश भर के साइबर ठगों के गिरोह को बेचा, जिन्होंने इसके जरिए 65 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई। अब पुलिस उसके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
रोहित की गिरफ्तारी की खबर जब उसके गांव पहुंची, तो किसी को यकीन नहीं हुआ। उसकी मां का देहांत हो चुका है, जबकि पिता वीरेंद्र और बड़ा भाई दिल्ली में मजदूरी करते हैं। घर पर बुजुर्ग दादा-दादी और छोटी बहन रहती हैं।
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ग्राम प्रधान रामप्रताप शाक्य के मुताबिक, परिवार हमेशा से मेहनत-मजदूरी करके जीवन यापन करता रहा है। किसी को अंदेशा भी नहीं था कि एक साधारण मजदूर का बेटा इतने बड़े साइबर अपराध का सिंडिकेट चला रहा होगा। फिलहाल, गांव में यह मामला कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है।
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सूरत पुलिस द्वारा 11 जुलाई को कानपुर से गिरफ्तार किए जाने के बाद जब इस ठगी का पर्दाफाश हुआ, तो पूरा गांव सन्न रह गया। रोहित ने ठगी के लिए 121 एपीके फाइलें तैयार की थीं। इन फाइलों को उसने देश भर के साइबर ठगों के गिरोह को बेचा, जिन्होंने इसके जरिए 65 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई। अब पुलिस उसके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
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रोहित की गिरफ्तारी की खबर जब उसके गांव पहुंची, तो किसी को यकीन नहीं हुआ। उसकी मां का देहांत हो चुका है, जबकि पिता वीरेंद्र और बड़ा भाई दिल्ली में मजदूरी करते हैं। घर पर बुजुर्ग दादा-दादी और छोटी बहन रहती हैं।
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ग्राम प्रधान रामप्रताप शाक्य के मुताबिक, परिवार हमेशा से मेहनत-मजदूरी करके जीवन यापन करता रहा है। किसी को अंदेशा भी नहीं था कि एक साधारण मजदूर का बेटा इतने बड़े साइबर अपराध का सिंडिकेट चला रहा होगा। फिलहाल, गांव में यह मामला कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है।