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Kasganj News: हुनर बना हथियार, प्रयासों से खड़ा किया कारोबार
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फोटो 01 कासगंज फोटो निधि। स्रोत: संवाद
कासगंज। नौकरी की तलाश और इंतजार की राह छोड़कर जिले की महिलाएं अब अपने हुनर को ही रोजगार में बदल रही हैं। ब्यूटी, मेहंदी, बुटिक और छोटे कारोबार महिलाओं के लिए स्वरोजगार के बेहतर विकल्प बन रहे हैं।
शहर की निधि ने ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण लेकर अपना काम शुरू किया। नियति कुशवाह मेहंदी के हुनर से कमाई कर रही हैं। शिवांगी काबरा ने बुटिक के जरिए कपड़ों और डिजाइनिंग को कारोबार बनाया है।
टीना माहेश्वरी ने कॉस्मेटिक की दुकान शुरू करने के बाद देव प्रतिमाओं की पोशाक और सजावट का सामान भी बिक्री में जोड़ लिया। इन महिलाओं की कहानी बताती है कि रोजगार के लिए हमेशा बड़े संस्थान या नौकरी जरूरी नहीं, हुनर और उसे काम में बदलने का हौसला भी काफी है।
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महिलाओं की जुबानी
निधि, ब्यूटीशियन ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद काम शुरू किया तो शुरुआती दौर में दिक्कतें आईं। धीरे-धीरे ग्राहक बढ़े और अब साल में करीब पांच लाख रुपये तक आय हो जाती है।
शिवांगी काबरा, बुटिक संचालिका के अनुसार, करीब चार साल पहले काम शुरू किया था। शुरुआत में ग्राहक कम थे लेकिन मेहनत से पहचान बनी और अब कारोबार अच्छी तरह चल रहा है।
नियति कुशवाह, मेहंदी कारीगर बताती हैं कि मेहंदी अब अच्छी आय का जरिया बन गई है। तीज-त्योहार और शादी के सीजन में काम बढ़ जाता है।
टीना माहेश्वरी, कारोबारी के अनुसार, दो साल पहले कॉस्मेटिक की दुकान शुरू की थी। अब देव प्रतिमाओं की पोशाक और सजावट का सामान भी रखने से कारोबार का दायरा बढ़ा है।
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शहर की निधि ने ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण लेकर अपना काम शुरू किया। नियति कुशवाह मेहंदी के हुनर से कमाई कर रही हैं। शिवांगी काबरा ने बुटिक के जरिए कपड़ों और डिजाइनिंग को कारोबार बनाया है।
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टीना माहेश्वरी ने कॉस्मेटिक की दुकान शुरू करने के बाद देव प्रतिमाओं की पोशाक और सजावट का सामान भी बिक्री में जोड़ लिया। इन महिलाओं की कहानी बताती है कि रोजगार के लिए हमेशा बड़े संस्थान या नौकरी जरूरी नहीं, हुनर और उसे काम में बदलने का हौसला भी काफी है।
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महिलाओं की जुबानी
निधि, ब्यूटीशियन ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद काम शुरू किया तो शुरुआती दौर में दिक्कतें आईं। धीरे-धीरे ग्राहक बढ़े और अब साल में करीब पांच लाख रुपये तक आय हो जाती है।
शिवांगी काबरा, बुटिक संचालिका के अनुसार, करीब चार साल पहले काम शुरू किया था। शुरुआत में ग्राहक कम थे लेकिन मेहनत से पहचान बनी और अब कारोबार अच्छी तरह चल रहा है।
नियति कुशवाह, मेहंदी कारीगर बताती हैं कि मेहंदी अब अच्छी आय का जरिया बन गई है। तीज-त्योहार और शादी के सीजन में काम बढ़ जाता है।
टीना माहेश्वरी, कारोबारी के अनुसार, दो साल पहले कॉस्मेटिक की दुकान शुरू की थी। अब देव प्रतिमाओं की पोशाक और सजावट का सामान भी रखने से कारोबार का दायरा बढ़ा है।

फोटो 01 कासगंज फोटो निधि। स्रोत: संवाद

फोटो 01 कासगंज फोटो निधि। स्रोत: संवाद

फोटो 01 कासगंज फोटो निधि। स्रोत: संवाद

फोटो 01 कासगंज फोटो निधि। स्रोत: संवाद