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Kasganj News: योग शुभ, मुहूर्त खास... आज पधारेंगे गणराज
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फोटो 08 कासगंज फोटो ज्योतिषाचार्य पंडित मुकुंद बल्लभ भट्ट। स्रोत: संवाद
कासगंज। इस बार का गणेशोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ अत्यंत दुर्लभ ज्योतिषीय संयोगों के कारण खास रहने वाला है। आज से शुरू हो रहे 10 दिवसीय पर्व पर मालव्य, भद्र, हंस और रवि योग का महासंयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य पं. मुकुंद बल्लभ भट्ट के अनुसार, गणेश चतुर्थी पर बुध और अरुण के संयोग से नवपंचम राजयोग का निर्माण भी हो रहा है जो बौद्धिक क्षमता, विवेक और निर्णय शक्ति को मजबूत करता है।
इन शुभ योगों में विधि-विधान से की गई आराधना विशेष आध्यात्मिक लाभ देती है। मान्यता है कि गणेश चतुर्थी के दिन प्रातः स्नान के बाद प्रतिमा घर लाते समय उनकी आंखों को लाल वस्त्र से ढका जाता है। गाजे-बाजे और मंगलगीतों के साथ भगवान का स्वागत करना मंगलकारी माना जाता है।
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गणेश प्रतिमा स्थापना की विधि
घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पूर्व दिशा का चयन करें।
चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर हल्दी से स्वस्तिक बनाएं और अक्षत अर्पित करें।
प्रतिमा को दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से स्नान कराकर चौकी पर विराजित करें।
दूर्वा, फल, फूल और वस्त्र अर्पित कर मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
अंत में घी का दीपक जलाकर आरती करें और बीजमंत्र का जाप करें।
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इन शुभ योगों में विधि-विधान से की गई आराधना विशेष आध्यात्मिक लाभ देती है। मान्यता है कि गणेश चतुर्थी के दिन प्रातः स्नान के बाद प्रतिमा घर लाते समय उनकी आंखों को लाल वस्त्र से ढका जाता है। गाजे-बाजे और मंगलगीतों के साथ भगवान का स्वागत करना मंगलकारी माना जाता है।
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गणेश प्रतिमा स्थापना की विधि
घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पूर्व दिशा का चयन करें।
चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर हल्दी से स्वस्तिक बनाएं और अक्षत अर्पित करें।
प्रतिमा को दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से स्नान कराकर चौकी पर विराजित करें।
दूर्वा, फल, फूल और वस्त्र अर्पित कर मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
अंत में घी का दीपक जलाकर आरती करें और बीजमंत्र का जाप करें।