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Kasganj News: बैराज से कम हुआ प्रवाह, घटने लगा बाढ़ का पानी
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फोटो42पटियाली के गांव नगला जैली में बाढ़ के पानी के बीच से होकर जाते ग्रामीण ।संवाद
कासगंज। बैराजों से पानी का प्रवाह कम हुआ है। इससे गंगा का जलस्तर घटा है। मगर ग्रामीणों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। बाढ़ से घिरे गांवों में गंगा के कटान का खतरा बना हुआ है। वहीं, खेत जलमग्न हैं। इससे ग्रामीणों के सामने बीमारी और पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है।
गंगा में नरौरा बैराज से लगभग 10 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज घट गया है। रविवार को नरौरा बैराज से 67,667 क्यूसेक पानी का प्रवाह रहा। इससे गंगा के जलस्तर में हल्की कमी आई है। बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी घटना शुरू तो हुआ है लेकिन अभी पूरी तरह से हालात नहीं सुधरे हैं। पानी उतरने के बाद अब कीचड़ और दलदल से संक्रामक बीमारी का खतरा ग्रामीणों को सता रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि नगला हंसी से राजेपुर कुर्रा होते हुए गांव तक जाने वाला रास्ता बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया है। कई स्थानों पर पुलिया टूट गई हैं। गंगा की धारा कई जगह रास्ते के बीच से बह रही है। कुछ स्थानों पर ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। नगला जयकिशन के ग्रामीण राजवीर ने बताया कि गांव के आसपास पानी हल्का घटा है, लेकिन हालात अब भी मुश्किल है। बाढ़ का पानी कई जगह जमा हुआ है, जो निकल नहीं पा रहा है। इससे आवागमन से लेकर अन्य तरह की दिक्कतें हो रही है। पिछली बार की अपेक्षा इस साल ज्यादा दिनों तक बाढ़ की आपदा झेलनी पड़ रही है।
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बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज : 81,135 क्यूसेक
बिजनौर बैराज : 69,771 क्यूसेक
नरौरा बैराज : 67,667 क्यूसेक
कछला ब्रिज जलस्तर : 162.15 मीटर
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गंगा में नरौरा बैराज से लगभग 10 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज घट गया है। रविवार को नरौरा बैराज से 67,667 क्यूसेक पानी का प्रवाह रहा। इससे गंगा के जलस्तर में हल्की कमी आई है। बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी घटना शुरू तो हुआ है लेकिन अभी पूरी तरह से हालात नहीं सुधरे हैं। पानी उतरने के बाद अब कीचड़ और दलदल से संक्रामक बीमारी का खतरा ग्रामीणों को सता रहा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि नगला हंसी से राजेपुर कुर्रा होते हुए गांव तक जाने वाला रास्ता बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया है। कई स्थानों पर पुलिया टूट गई हैं। गंगा की धारा कई जगह रास्ते के बीच से बह रही है। कुछ स्थानों पर ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। नगला जयकिशन के ग्रामीण राजवीर ने बताया कि गांव के आसपास पानी हल्का घटा है, लेकिन हालात अब भी मुश्किल है। बाढ़ का पानी कई जगह जमा हुआ है, जो निकल नहीं पा रहा है। इससे आवागमन से लेकर अन्य तरह की दिक्कतें हो रही है। पिछली बार की अपेक्षा इस साल ज्यादा दिनों तक बाढ़ की आपदा झेलनी पड़ रही है।
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बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज : 81,135 क्यूसेक
बिजनौर बैराज : 69,771 क्यूसेक
नरौरा बैराज : 67,667 क्यूसेक
कछला ब्रिज जलस्तर : 162.15 मीटर