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Kasganj News: अभी संभल भी नहीं पाए थे फिर उफना गई गंगा
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फोटो 50- सुदवीर, नगला पदम। संवाद
पटियाली (कासगंज)। पटियाली क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर बाढ़ का प्रकोप गहरा गया है। बुधवार रात से ही ग्रामीण इलाकों में पानी तेजी से घुसने लगा। इससे पटियाली के नगला चतुरी, नगला जैली, राजेपुर कुर्रा, पनसोती नगला, मूंझखेड़ा, नगला नरपत, नगला खना, नगला दुर्जन, नगला दिपी और नगला जयकिशन समेत 10 से अधिक गांवों के बाहरी इलाकों में पानी पहुंच गया।
बढ़ते जलस्तर की आशंका से ग्रामीण पूरी रात सहमे रहे और उनका समय जगराते में बीता। भोर होते ही ग्रामीणों ने सबसे पहले निचले इलाकों से अपने पशुओं को सुरक्षित निकाला और उन्हें सड़कों के किनारे या सूखे स्थानों पर बांधा।
इस दौरान पशुओं का चारा भी भीग जाने से पालकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। सनौड़ी पुल के नजदीक गंगा में अधिक पानी होने के कारण मूंझखेड़ा और नगला जयकिशन में एक बार फिर आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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पहले की बाढ़ में किसानों की फसलें पहले ही बर्बाद हो चुकी हैं, और अब दोबारा आए इस संकट से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। नगला दुर्जन निवासी उर्वेश ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा के बीच हर समय दहशत का माहौल रहता है। पहले के हालात सुधारने में लगे थे लेकिन दोबारा बाढ़ आने से किसानों का सब कुछ खतरे में पड़ गया है।
टूटी सड़कों और कटी हुई पुलिया के कारण आवाजाही बुरी तरह प्रभावित है। राहत और बचाव कार्यों में भी कठिनाई आ रही है। ग्रामीण इस दोहरी मार से बेहद परेशान हैं और प्रशासन की मदद की आस लगाए बैठे हैं।
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सब कुछ हो रहा बर्बाद
- गंगा का पानी काफी बढ़ गया है। रास्ते कटे हुए हैं और उन पर पानी है। ऐसे में आने-जाने की परेशानी है। पशुओं के लिए भी सूखी जगह नहीं मिल पा रही। दूर जाकर पशुओं को बांधना पड़ रहा है। - रनवीर, नगला दुर्जन
- गंगा का पानी रातभर बढ़ा है। खादर के खेतों में पानी ही पानी नजर आ रहा है। गांव की बाहरी आबादी तक पानी है। बार-बार बाढ़ का प्रकोप होने से सबकुछ बर्बाद होता जा रहा है। - सुदवीर, नगला पदम
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प्रभावित इलाकों में पहुंची राजस्व टीम
पटियाली। तहसीलदार शौर्यवर्धन सिंह राठौर, नायब तहसीलदार रोहित सक्सेना राजस्व कर्मियों की टीम के साथ प्रभावित इलाकों में निरीक्षण को पहुंचे। तहसील प्रशासन ने लोगों के आवागमन की समस्या को देखते हुए मूंझखेड़ा और नगला जयकिशन में नाव लगवाई। पशु चिकित्सा विभाग एवं चिकित्सा विभाग को प्रभावित इलाकों में पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश दिए।
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वर्जन-
दो दिन पहले से नरौरा बैराज से गंगा में बढ़े प्रवाह का असर पटियाली के इलाके में पहुंचा है। निचले इलाके के गांव में पानी भरा है। बैराजों से प्रवाह घट गया है। अब पानी कम होने की संभावना है। - संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई
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बढ़ते जलस्तर की आशंका से ग्रामीण पूरी रात सहमे रहे और उनका समय जगराते में बीता। भोर होते ही ग्रामीणों ने सबसे पहले निचले इलाकों से अपने पशुओं को सुरक्षित निकाला और उन्हें सड़कों के किनारे या सूखे स्थानों पर बांधा।
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इस दौरान पशुओं का चारा भी भीग जाने से पालकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। सनौड़ी पुल के नजदीक गंगा में अधिक पानी होने के कारण मूंझखेड़ा और नगला जयकिशन में एक बार फिर आवागमन के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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पहले की बाढ़ में किसानों की फसलें पहले ही बर्बाद हो चुकी हैं, और अब दोबारा आए इस संकट से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। नगला दुर्जन निवासी उर्वेश ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा के बीच हर समय दहशत का माहौल रहता है। पहले के हालात सुधारने में लगे थे लेकिन दोबारा बाढ़ आने से किसानों का सब कुछ खतरे में पड़ गया है।
टूटी सड़कों और कटी हुई पुलिया के कारण आवाजाही बुरी तरह प्रभावित है। राहत और बचाव कार्यों में भी कठिनाई आ रही है। ग्रामीण इस दोहरी मार से बेहद परेशान हैं और प्रशासन की मदद की आस लगाए बैठे हैं।
सब कुछ हो रहा बर्बाद
- गंगा का पानी काफी बढ़ गया है। रास्ते कटे हुए हैं और उन पर पानी है। ऐसे में आने-जाने की परेशानी है। पशुओं के लिए भी सूखी जगह नहीं मिल पा रही। दूर जाकर पशुओं को बांधना पड़ रहा है। - रनवीर, नगला दुर्जन
- गंगा का पानी रातभर बढ़ा है। खादर के खेतों में पानी ही पानी नजर आ रहा है। गांव की बाहरी आबादी तक पानी है। बार-बार बाढ़ का प्रकोप होने से सबकुछ बर्बाद होता जा रहा है। - सुदवीर, नगला पदम
प्रभावित इलाकों में पहुंची राजस्व टीम
पटियाली। तहसीलदार शौर्यवर्धन सिंह राठौर, नायब तहसीलदार रोहित सक्सेना राजस्व कर्मियों की टीम के साथ प्रभावित इलाकों में निरीक्षण को पहुंचे। तहसील प्रशासन ने लोगों के आवागमन की समस्या को देखते हुए मूंझखेड़ा और नगला जयकिशन में नाव लगवाई। पशु चिकित्सा विभाग एवं चिकित्सा विभाग को प्रभावित इलाकों में पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश दिए।
वर्जन-
दो दिन पहले से नरौरा बैराज से गंगा में बढ़े प्रवाह का असर पटियाली के इलाके में पहुंचा है। निचले इलाके के गांव में पानी भरा है। बैराजों से प्रवाह घट गया है। अब पानी कम होने की संभावना है। - संदीप जैन, एसडीओ, सिंचाई

फोटो 50- सुदवीर, नगला पदम। संवाद

फोटो 50- सुदवीर, नगला पदम। संवाद

फोटो 50- सुदवीर, नगला पदम। संवाद

फोटो 50- सुदवीर, नगला पदम। संवाद