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Kasganj News: कहीं मुफलिसी तो कहीं सिस्टम की नाकामी...एआई के दौर में बिजली नहीं

Fri, 02 Oct 2026 12:15 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2026 12:15 AM IST
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Poverty in some places, systemic failure in others... no electricity in the age of AI.
फोटो01पटियाली तहसील क्षेत्र के गांव नगला नरपत में सोलर से मोबाइल चार्ज करते ग्रामीण। संवाद
सुनील कुमार
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कासगंज। शासन के जीरो पॉवर्टी सर्वे में खुलासा हुआ है कि जिले के 6,071 घरों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के दौर में भी बिजली नहीं है। जिले के ग्रामीण अंचल में कई गांवों में बिजली के पोल खड़े हैं मगर लाइनें नहीं बिछ सकी हैं तो तमाम परिवार ऐसे भी है, जोकि बिजली के बिल का खर्च उठाने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में कहीं मुफलिसी तो कहीं सिस्टम की नाकामी के कारण लोग बगैर बिजली के गुजारा करने को मजबूर हैं। हालांकि कुछ सामर्थ्यवान लोगों ने सौर ऊर्जा का प्रयोग शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के अत्यंत गरीब परिवारों की पहचान के लिए 2 अक्तूबर 2024 को जीरो पॉवर्टी अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र और गरीब परिवारों को चिह्नित करने के लिए घर-घर सर्वे कराया गया।
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जिले के अन्य हिस्सों में भी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बिजली कनेक्शन का खर्च उठाना असंभव साबित हो रहा है। बिजली न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई और दैनिक घरेलू कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का मानना है कि यदि उनके घरों तक बिजली पहुंच जाए, तो उनकी रोजमर्रा की जिंदगी काफी हद तक आसान हो सकती है।
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सर्वे के अनुसार आंकड़े

विकासखंड - बिना बिजली कनेक्शन वाले परिवार
सोरोंजी - 1,086

गंजडुंडवारा - 976
सिढ़पुरा - 940

कासगंज - 936
अमांपुर - 827

सहावर - 660
पटियाली - 646

कुल 6,071परिवार
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एक दशक से बिजली का इंतजार
सर्वे के दौरान सामने आया कि पटियाली तहसील के नगला नरपत के ग्रामीण वर्ष 2016 यानी लगभग एक दशक से बिजली का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक विद्युत लाइन तो पहुंच गई है लेकिन कई घरों तक कनेक्शन देने के लिए पोल नहीं लगाए गए हैं। कनेक्शन के लिए आवेदन करने के बावजूद उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए। अधिकारियों से कई बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिला समाधान नहीं।

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क्या बोले लोग

- गांव में दूसरी ओर लाइन खींच दी गई है लेकिन घरों तक नहीं पहुंची। कई बार ऑनलाइन आवेदन किए, लेकिन आवेदन निरस्त कर दिए गए। - कुंवरपाल निवासी नगला नरपत सिकंदरपुर वैश्य
-बिजली के अभाव में मोबाइल चार्ज करने तक की समस्या है। घर की छत पर सोलर पैनल लगा रखा है। घरों तक विद्युत लाइन डालने के लिए अधिकारियों से शिकायत की गई है। - कृष्ण पाल सिंह निवासी नगला नरपत सिकंदरपुर वैश्य

-आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं किया। इससे कई सालों से बिना बिजली के जीवनयापन कर रहे हैं। - कांती देवी निवासी नवाबगंज नगरिया गंजडुंडवारा
-एक साल पहले ऑनलाइन आवेदन किया था लेकिन आवेदन निरस्त होने के बाद कनेक्शन नहीं हो सका। इससे घर तक बिजली नहीं पहुंच सकी है। -शमशुल निवासी उतरना, सिढ़पुरा


-मजदूरी से विद्युत कनेक्शन लेना मुश्किल है। ऑनलाइन आवेदन के लिए 250 रुपये पंजीकरण शुल्क देना पड़ता है और कनेक्शन के लिए करीब 5,500 रुपये। - राजेश निवासी गांव किलोनी सिढ़पुरा
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वर्जन -
जिन घरों तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां लाइन पहुंचाने का काम कराया जा रहा है। करीब 50 स्थानों को इसके लिए चिह्नित किया गया है। इनमें 27 गांवों में काम पूरा हो चुका है। शेष स्थानों पर भी कार्य पूरा कराया जाएगा। - एनके प्रसाद, अधीक्षण अभियंता कासगंज
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