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Kasganj News: मौसम ने बदली करवट, बारिश और ठंडी हवाओं से पारा गिरा
Wed, 28 Jan 2026 12:10 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Wed, 28 Jan 2026 12:10 AM IST
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फोटो 16 कासगंज में बारिश के दौरान अपने शरीर को तिरपाल से ढक कर जाता राहगीर। स्रोत:संवाद
कासगंज। मौसम ने मंगलवार को दोपहर बाद करवट बदल ली। दोपहर के समय अचानक बारिश का दौर शुरू हुआ, जो कभी तेज और कभी हल्की बूंदाबांदी के रूप में दर्ज किया गया। इससे पारे में गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम पारा 8 तथा अधिकतम पारा 19 डिग्री रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग ने बुधवार को आंधी, तेज बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।
सुबह से ही बादलों ने डेरा डाल लिया। इससे धूप के दर्शन नहीं हुए, लेकिन दोपहर होते ही बारिश का दौर शुरू हो गया। तेज ठंडी हवाओं के साथ होने वाली बारिश से पारे में गिरावट आ गई। दोपहर के समय अधिकतम पारा 3 डिग्री गिरकर 19 डिग्री रह गया।
बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ। बारिश होते ही पटरी पर व्यापार करने वाले लोगों ने अपने सामान को बचाने के इंतजाम शुरू कर दिए। जब बारिश नहीं थमी तो वे अपना सामान समेट कर चले गए। सड़कों पर चल रहे लोग आश्रय लेने पर मजबूर हुए। बारिश से भीगने से बचने के लिए किसी ने बाजार से तिरपाल ले लिया तो किसी ने थैली ले ली।
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मौसम विज्ञान केंद्र के डॉ. आकाश ने बताया कि बुधवार को बारिश, आंधी, बिजली गिरने की संभावना है। बाहहर निकलते समय सावधानी बरतें, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने बताया कि अभी तक फसलों को नुकसान नहीं है। यदि ओलावृष्टि होती है या तेज हवाएं चलती हैं तो इससे गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों को नुकसान होगा।
रुक रुककर होती रही बारिश
सोरोंजी। दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। तीर्थनगरी सोरों सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवा के साथ रुक-रुक कर बारिश और बूंदाबांदी हुई। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे, वहीं दोपहर होते ही तेज हवाओं संग बारिश शुरू हो गई। अचानक बदले मौसम से खेतों में खड़ी सरसों, आलू, तंबाकू और टमाटर की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। बारिश और शीतलहर के चलते ठंड बढ़ गई, जिससे लोग गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हो गए। ठंड से बचाव के लिए लोगों ने बक्सों से गर्म कपड़े निकाल लिए।
बदले मौसम ने बढ़ाई ठंड
गंजडुंडवारा। आज दोपहर करीब दो बजे से शुरू हुई बूंदाबांदी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। हल्की गर्माहट महसूस कर रहे लोगों को अचानक फिर से ठिठुरन का एहसास होने लगा। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे सुबह और शाम की सर्दी लौट आई। बदले मौसम का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दिया। लोग दोबारा स्वेटर और जैकेट पहने नजर आए, वहीं दफ्तर जाने वालों और स्कूली बच्चों को ठंड का सामना करना पड़ा। मौसम परिवर्तन के चलते चाय, पकोड़े और गरम खाद्य पदार्थों की मांग भी बढ़ गई।
बूंदाबांदी से जनजीवन प्रभावित
सहावर। कस्बे में मंगलवार दोपहर से बेमौसम बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं ने अचानक ठंड बढ़ा दी, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह से ही बादल छाए रहे और दोपहर बाद हुई बूंदाबांदी से मौसम का मिजाज बदल गया। ठंडी हवाओं के कारण लोग ठिठुरते नजर आए और सड़कों पर चल रहे लोगों ने आश्रय लिया। बाजारों में चहल-पहल कम हो गई और लोग घरों में दुबक गए। गरीब व जरूरतमंद लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। चिकित्सकों ने सर्दी-खांसी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। हल्की बारिश किसानों के लिए मिली-जुली साबित हो रही है।
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सुबह से ही बादलों ने डेरा डाल लिया। इससे धूप के दर्शन नहीं हुए, लेकिन दोपहर होते ही बारिश का दौर शुरू हो गया। तेज ठंडी हवाओं के साथ होने वाली बारिश से पारे में गिरावट आ गई। दोपहर के समय अधिकतम पारा 3 डिग्री गिरकर 19 डिग्री रह गया।
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बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ। बारिश होते ही पटरी पर व्यापार करने वाले लोगों ने अपने सामान को बचाने के इंतजाम शुरू कर दिए। जब बारिश नहीं थमी तो वे अपना सामान समेट कर चले गए। सड़कों पर चल रहे लोग आश्रय लेने पर मजबूर हुए। बारिश से भीगने से बचने के लिए किसी ने बाजार से तिरपाल ले लिया तो किसी ने थैली ले ली।
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मौसम विज्ञान केंद्र के डॉ. आकाश ने बताया कि बुधवार को बारिश, आंधी, बिजली गिरने की संभावना है। बाहहर निकलते समय सावधानी बरतें, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने बताया कि अभी तक फसलों को नुकसान नहीं है। यदि ओलावृष्टि होती है या तेज हवाएं चलती हैं तो इससे गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों को नुकसान होगा।
रुक रुककर होती रही बारिश
सोरोंजी। दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। तीर्थनगरी सोरों सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवा के साथ रुक-रुक कर बारिश और बूंदाबांदी हुई। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे, वहीं दोपहर होते ही तेज हवाओं संग बारिश शुरू हो गई। अचानक बदले मौसम से खेतों में खड़ी सरसों, आलू, तंबाकू और टमाटर की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। बारिश और शीतलहर के चलते ठंड बढ़ गई, जिससे लोग गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हो गए। ठंड से बचाव के लिए लोगों ने बक्सों से गर्म कपड़े निकाल लिए।
बदले मौसम ने बढ़ाई ठंड
गंजडुंडवारा। आज दोपहर करीब दो बजे से शुरू हुई बूंदाबांदी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। हल्की गर्माहट महसूस कर रहे लोगों को अचानक फिर से ठिठुरन का एहसास होने लगा। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे सुबह और शाम की सर्दी लौट आई। बदले मौसम का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दिया। लोग दोबारा स्वेटर और जैकेट पहने नजर आए, वहीं दफ्तर जाने वालों और स्कूली बच्चों को ठंड का सामना करना पड़ा। मौसम परिवर्तन के चलते चाय, पकोड़े और गरम खाद्य पदार्थों की मांग भी बढ़ गई।
बूंदाबांदी से जनजीवन प्रभावित
सहावर। कस्बे में मंगलवार दोपहर से बेमौसम बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं ने अचानक ठंड बढ़ा दी, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह से ही बादल छाए रहे और दोपहर बाद हुई बूंदाबांदी से मौसम का मिजाज बदल गया। ठंडी हवाओं के कारण लोग ठिठुरते नजर आए और सड़कों पर चल रहे लोगों ने आश्रय लिया। बाजारों में चहल-पहल कम हो गई और लोग घरों में दुबक गए। गरीब व जरूरतमंद लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। चिकित्सकों ने सर्दी-खांसी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। हल्की बारिश किसानों के लिए मिली-जुली साबित हो रही है।