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Kasganj: सर्दी के साथ ही बच्चों में कोल्ड डायरिया का खतरा बढ़ा, जिला अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या

Wed, 22 Nov 2023 06:18 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Wed, 22 Nov 2023 06:18 PM IST
सार

कासगंज में सर्दी के साथ ही बच्चों में कोल्ड डायरिया का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। 

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risk of cold diarrhea increases in children As weather changes in Kasganj
बच्चों में कोल्ड डायरिया खतरा बढ़ा - फोटो : iStock

विस्तार

उत्तर प्रदेश कासगंज में बच्चों में कोल्ड डायरिया का खतरा बढ़ गया है। इलाज के लिए जिला अस्पताल लाए जाने वाले बच्चों में कोल्ड डायरिया से पीड़ित भी शामिल हैं। औसतन एक दिन में अस्पताल पहुंचने वाले बच्चों की संख्या करीब 100 के आसपास रहती है। इनमें पांच से छह बच्चों में कोल्ड डायरिया की शिकायत मिली। बच्चों में बढ़ते डायरिया के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है।

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मौसम में ठंड अब बढ़ चुकी है। सुबह के समय पारा गिरकर 11 डिग्री तक आ गया है। वहीं दोपहर में भी अधिकतम पारा 24 डिग्री तक रह गया है। मौसम में बढ़ी ठंड के कारण बीमारियां फैल रही हैं। सबसे अधिक दिक्कतें बच्चों को होने लगी हैं। परिजन सरकारी अस्पताल के अलावा निजी चिकित्सकों के यहां भी बीमार होने वाले बच्चों की संख्या में इजाफा होने लगा है। 
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जिला अस्पताल पर ही एक दिन में 100 तक बच्चे बीमार होकर पहुंच रहे हैं। इन बच्चों में सर्दी, खांसी के साथ ही कोल्ड डायरिया की भी शिकायत सामने आ रही हैं। पांच से छह बच्चे डायरिया की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश शर्मा का कहना है कि इस मौसम में बच्चों को ठंड से बचाना आवश्यक है। बच्चों के खानपान पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। 

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बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाना चाहिए। ताकि उन्हें डिहाइड्रेशन बचाया जा सके। खासकर नवजात बच्चों पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। ठंड के मौसम में बच्चों के कमरे में तापमान का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। रात में बच्चों को कंबल व रजाई से ढक कर रखें। सुबह की धूप से बच्चों को सेंकें। नवजात शिशु को मां सीने से लगाकर कंगारू मदर केयर जरूर करें। इससे बच्चे का शरीर गर्म बना रहे। सभी माताएं बच्चे को छह माह तक अपना ही दूध पिलाएं।

ये बरतें सावधानी

  • कीटाणुओं को फैलने से रोकने के लिए बच्चों के हाथ धुलवाते रहें।
  • बच्चों की देखभाल के दौरान अपने हाथों की सफाई का भी ध्यान रखें।
  • शिशु को छह माह तक सिर्फ स्तनपान ही कराएं।
  • बच्चों का नियमित टीकाकरण कराएं।
  • डॉक्टर की सलाह से भाप देना भी फायदेमंद रहता है।
  • छह माह से अधिक उम्र के बच्चों को पौष्टिक आहार का कराएं सेवन।
  • ठंड से बचाने के लिए गर्म कपडे़ पहनाएं, बच्चों को घर से बाहर ने भेजें

शादी-समारोह का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में बच्चों को रात के समय खुले में न रहने दें। आइसक्रीम नहीं खाने दें। गर्म कपड़े पहनाकर ही बच्चे को किसी भी कार्यक्रम में ले जाएं। -डॉ. राजीव अग्रवाल, सीएमएएस
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