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Kasganj News: प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज, मजदूरों के रुपये गबन करने का आरोप
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कासगंज। जिले के अमांपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत किशोरपुर की प्रधान रानी देवी वित्तीय अनियमितताओं के मामले में घिर गई हैं। उन पर मजदूरों के भुगतान की रकम को अपने पति समेत तीन लोगों के खातों में भेजने का आरोप है।
प्रारंभिक जांच में यह आरोप सही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं और अंतिम जांच के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई दरुआपुर गांव के निवासी रोहताश कुमार की शिकायत पर की गई है।
उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम के तहत जल निगम के अधिशासी अभियंता ने मामले की शुरुआती जांच की थी। जांच रिपोर्ट में प्रधान और सचिव दोनों को वित्तीय गड़बड़ी का दोषी पाया गया। इसके बाद प्रधान रानी देवी को ''कारण बताओ नोटिस'' जारी किया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं था।
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जांच में सामने आया कि प्रधान ने सचिव से मिलीभगत कर मजदूरों के हक का पैसा अपने पति राजेश कुमार के खाते में 5.02 लाख रुपये, संजीव कुमार के खाते में 2.18 लाख रुपये और सुनील कुमार के खाते में 1.83 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) राजेश चौरसिया ने बताया कि डीएम ने अंतिम जांच की जिम्मेदारी जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को सौंपी है। साथ ही, ग्राम पंचायत के कामों को चलाने के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाने के निर्देश दिए हैं।
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प्रारंभिक जांच में यह आरोप सही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं और अंतिम जांच के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई दरुआपुर गांव के निवासी रोहताश कुमार की शिकायत पर की गई है।
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उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम के तहत जल निगम के अधिशासी अभियंता ने मामले की शुरुआती जांच की थी। जांच रिपोर्ट में प्रधान और सचिव दोनों को वित्तीय गड़बड़ी का दोषी पाया गया। इसके बाद प्रधान रानी देवी को ''कारण बताओ नोटिस'' जारी किया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं था।
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जांच में सामने आया कि प्रधान ने सचिव से मिलीभगत कर मजदूरों के हक का पैसा अपने पति राजेश कुमार के खाते में 5.02 लाख रुपये, संजीव कुमार के खाते में 2.18 लाख रुपये और सुनील कुमार के खाते में 1.83 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) राजेश चौरसिया ने बताया कि डीएम ने अंतिम जांच की जिम्मेदारी जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को सौंपी है। साथ ही, ग्राम पंचायत के कामों को चलाने के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाने के निर्देश दिए हैं।