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Kasganj News: ..साइलेंट किलर बन रही आधुनिक जीवनशैली, दिल-शुगर के मरीज बढ़े
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कासगंज। आधुनिक जीवनशैली और अनियमित खानपान का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिख रहा है। जिला अस्पताल में शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एलएफटी और केएफटी जैसी जांचों की मांग भी बढ़ी है, जो बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं की ओर इशारा करती है।
सीएमएस संजीव सक्सेना के अनुसार, पहले डायबिटीज और हाई बीपी जैसी बीमारियां बुजुर्गों तक सीमित थीं। लेकिन अब युवा वर्ग भी तेजी से इनकी चपेट में आ रहा है। अस्पताल में बीपी और शुगर की जांच कराने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। एलएफटी और केएफटी जैसी अन्य जांचों की मांग भी बढ़ी है।
इन बीमारियों की जांच के लिए हर दिन करीब 500 मरीज जिला अस्पताल में आते हैं। यह स्थिति काफी चिंताजनक है। आधुनिक जीवनशैली के कारण यह बदलाव देखा जा रहा है। अनियमित खानपान भी इसका एक बड़ा कारण है।
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बीमारियों के प्रमुख कारण और खतरे
डाॅ. संजीव सक्सेना ने बताया कि अनियमित दिनचर्या इन बीमारियों का मुख्य कारण है। देर रात तक जागना, जंक फूड का अधिक सेवन और व्यायाम की कमी भी इसमें शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते जांच और उपचार नहीं कराए जाने पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने की सलाह दी है।
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मरीजों की बात
चालीस वर्षीय पूनम ने बताया कि उनका शुगर लेवल कई बार 350 से ऊपर पहुंच जाता है। इसे नियंत्रित करने के लिए उन्हें नियमित दवा लेनी पड़ती है। 48 वर्षीय शिव कुमार को हाई बीपी की समस्या हो गई है। उन्हें इससे घबराहट और बेचैनी महसूस होती है।
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सीएमएस संजीव सक्सेना के अनुसार, पहले डायबिटीज और हाई बीपी जैसी बीमारियां बुजुर्गों तक सीमित थीं। लेकिन अब युवा वर्ग भी तेजी से इनकी चपेट में आ रहा है। अस्पताल में बीपी और शुगर की जांच कराने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। एलएफटी और केएफटी जैसी अन्य जांचों की मांग भी बढ़ी है।
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इन बीमारियों की जांच के लिए हर दिन करीब 500 मरीज जिला अस्पताल में आते हैं। यह स्थिति काफी चिंताजनक है। आधुनिक जीवनशैली के कारण यह बदलाव देखा जा रहा है। अनियमित खानपान भी इसका एक बड़ा कारण है।
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बीमारियों के प्रमुख कारण और खतरे
डाॅ. संजीव सक्सेना ने बताया कि अनियमित दिनचर्या इन बीमारियों का मुख्य कारण है। देर रात तक जागना, जंक फूड का अधिक सेवन और व्यायाम की कमी भी इसमें शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते जांच और उपचार नहीं कराए जाने पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने की सलाह दी है।
मरीजों की बात
चालीस वर्षीय पूनम ने बताया कि उनका शुगर लेवल कई बार 350 से ऊपर पहुंच जाता है। इसे नियंत्रित करने के लिए उन्हें नियमित दवा लेनी पड़ती है। 48 वर्षीय शिव कुमार को हाई बीपी की समस्या हो गई है। उन्हें इससे घबराहट और बेचैनी महसूस होती है।