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Kasganj News: 50 लाख से बना मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर धूल फांक रहा
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फोटो19सोरोंजी में सड़क किनारे पड़ा कूड़ा। संवाद
सोरोंजी। तीर्थनगरी के बदरिया में भूरी देवी मंदिर मार्ग पर लाखों रुपये की लागत से बना मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर प्रशासनिक लापरवाही के कारण धूल फांक रहा है। वर्ष 2021 में 50 लाख रुपये की लागत से इस सेंटर का निर्माण कराकर बेशकीमती मशीनें स्थापित की गई थीं ताकि कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सके।
पालिका की योजना डोर-टू-डोर कचरा एकत्र कर इस सेंटर तक पहुंचाने की थी जहां एक बार में आधा टन कूड़े की प्रोसेसिंग होनी थी। इसके तहत गीले कचरे से खाद बनाने और सूखे कचरे (प्लास्टिक, रबड़, पॉलिथीन, लोहा, कांच व कागज आदि) को अलग कर उसका निस्तारण किया जाना था।
वर्तमान स्थिति यह है कि तीर्थनगरी से रोजाना 15 मीट्रिक टन से अधिक कूड़ा निकल रहा है। सफाईकर्मी इसे मेला ग्राउंड, सूर्यकुंड, लहरा मार्ग और नगरिया मार्ग पर डालकर आग लगा रहे हैं जिससे भारी प्रदूषण फैल रहा है।
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यदि यह सेंटर शुरू हो जाए तो यही कूड़ा नगर पालिका की आय का एक अच्छा जरिया बन सकता है। फिलहाल, एमआरएफ सेंटर के नजदीक ही पालिका द्वारा वेस्ट स्टोर के लिए एक नए हॉल का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है।
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मशीनें हो रहीं खराब
सड़क किनारे कूड़े के ढेर से दुर्गंध आती है जिससे मार्ग से गुजरने वाले लोगों को वायु प्रदूषण के कारण दिक्कतें होती हैं। पालिका को कूड़े के ढेर को एमआरएफ सेंटर पहुंचाकर निस्तारित कराना चाहिए। - अरुण पुंढीर, कैमिस्ट
एमआरएफ सेंटर संचालन के लिए पूर्व में खरीदी गई मशीनें संचालित न होने के कारण कंडम हो रही हैं। पालिका को इस सेंटर को शीघ्र संचालित कर तीर्थनगरी में इधर उधर फेंके जा रहे कूड़ा का उचित निस्तारण करना चाहिए- विकास पाठक, व्यवसायी
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वर्जन-
एमआरएफ सेंटर में बिजली कनेक्शन भी है। टेक्नीशियन आकर मशीनों को इंस्टॉल भी कर चुका है। कुछ दिन संचालन के बाद मशीनों में टेक्निकल दिक्कत होने के कारण यह बंद पड़ा है शीघ्र दिक्कतें दूर होने के बाद सेंटर फिर चालू हो जाएगा-रामेश्वर दयाल महेरे, अध्यक्ष सोरोंजी नगर पालिका
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पालिका की योजना डोर-टू-डोर कचरा एकत्र कर इस सेंटर तक पहुंचाने की थी जहां एक बार में आधा टन कूड़े की प्रोसेसिंग होनी थी। इसके तहत गीले कचरे से खाद बनाने और सूखे कचरे (प्लास्टिक, रबड़, पॉलिथीन, लोहा, कांच व कागज आदि) को अलग कर उसका निस्तारण किया जाना था।
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वर्तमान स्थिति यह है कि तीर्थनगरी से रोजाना 15 मीट्रिक टन से अधिक कूड़ा निकल रहा है। सफाईकर्मी इसे मेला ग्राउंड, सूर्यकुंड, लहरा मार्ग और नगरिया मार्ग पर डालकर आग लगा रहे हैं जिससे भारी प्रदूषण फैल रहा है।
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यदि यह सेंटर शुरू हो जाए तो यही कूड़ा नगर पालिका की आय का एक अच्छा जरिया बन सकता है। फिलहाल, एमआरएफ सेंटर के नजदीक ही पालिका द्वारा वेस्ट स्टोर के लिए एक नए हॉल का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है।
मशीनें हो रहीं खराब
सड़क किनारे कूड़े के ढेर से दुर्गंध आती है जिससे मार्ग से गुजरने वाले लोगों को वायु प्रदूषण के कारण दिक्कतें होती हैं। पालिका को कूड़े के ढेर को एमआरएफ सेंटर पहुंचाकर निस्तारित कराना चाहिए। - अरुण पुंढीर, कैमिस्ट
एमआरएफ सेंटर संचालन के लिए पूर्व में खरीदी गई मशीनें संचालित न होने के कारण कंडम हो रही हैं। पालिका को इस सेंटर को शीघ्र संचालित कर तीर्थनगरी में इधर उधर फेंके जा रहे कूड़ा का उचित निस्तारण करना चाहिए- विकास पाठक, व्यवसायी
वर्जन-
एमआरएफ सेंटर में बिजली कनेक्शन भी है। टेक्नीशियन आकर मशीनों को इंस्टॉल भी कर चुका है। कुछ दिन संचालन के बाद मशीनों में टेक्निकल दिक्कत होने के कारण यह बंद पड़ा है शीघ्र दिक्कतें दूर होने के बाद सेंटर फिर चालू हो जाएगा-रामेश्वर दयाल महेरे, अध्यक्ष सोरोंजी नगर पालिका