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Kasganj News: सड़कों से खेतों तक निराश्रित पशुओं का डेरा
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फोटो 43- समोठी ग्रामपंचायत के खेतों में विचरण करते निराश्रित गोवंश। स्रोत संवाद
कासगंज। जिले में निराश्रित पशु अब न केवल किसानों की खून-पसीने की कमाई को तबाह कर रहे हैं बल्कि सड़कों पर आम नागरिकों के लिए काल साबित हो रहे हैं। सड़क से लेकर पगडंडियों तक पर विचरण करते पशुओं के झुंड रोजाना जानलेवा दुर्घटनाओं का सबब बन रहे हैं। प्रशासन के दावों के बावजूद स्थिति यह है कि किसान रात भर जागकर फसलों की रखवाली करने को मजबूर हैं। निराश्रित पशुओं की समस्या पर पड़ताल करती रिपोर्ट-
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सड़कों पर हादसों का सिलसिला जारी
पटियाली तहसील क्षेत्र के नरदौली, नगला विजय, असदगढ़ किला, सनौड़ी और दरका में सड़कों पर निराश्रित पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। बीते रविवार को नरदौली निवासी युवक राजकुमार की बाइक के सामने अचानक निराश्रित पशु आने से उसकी मौत हो गई। वहीं बृहस्पतिवार को बाइक सवार अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह पशु की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। सिढ़पुरा के समौठी क्षेत्र में खेतों में लगी धान की फसल को बर्बाद करते है। एक पखवाड़े पूर्व एसएन कॉलेज के प्रवक्ता चंद्रभान सिंह दुर्घटना में घायल हो चुके हैं।
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गोशालाएं फुल, समस्या जस की तस
गंजडुंडवारा के नवाबगंज नगरिया में सड़क किनारे बैठे पशु रात होते ही खेतों में तबाही मचाते हैं। महज पांच किलोमीटर दूर गोशाला होने के बाद भी इन्हें वहां संरक्षित नहीं किया गया है। वहीं तीर्थनगरी सोरोंजी में स्थिति और भयावह है, जहां गोवंश के साथ कुत्ते और बंदरों का भी आतंक है। बच्चों को स्कूल भेजने में अभिभावक सहम रहे हैं। स्थानीय पुरोहित सतीश भारद्वाज के अनुसार, तीर्थनगरी की गोशालाएं क्षमता से अधिक भरी होने के कारण सड़कों पर पशुओं का जमावड़ा कम नहीं हो पा रहा है।
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आंकड़े की नजर से-
ग्रामीण गोशालाएं- 13
नगर पंचायतों में कान्हा गोशालाएं- 8
गोशालाओं और कान्हा गोशालाओं में निराश्रित गोवंश पशु संरक्षित- 6447
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- जिले के ग्रामीण इलाकों में निराश्रित पशु किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। किसान बेहद परेशान हैं। किसान यूनियन लगातार निराश्रित पशुओं की रोकथाम की मांग उठा रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा- संजय प्रजापति, जिलाध्यक्ष, भाकियू अराजनैतिक
- सड़कों पर तमाम निराश्रित पशु विचरण करते रहते हैं। जिससे दुर्घटनाएं होती रहती हैं। मैं भी दुर्घटनाओं का शिकार हो चुका हूं। इस समस्या का समाधान होना जरूरी है- चन्द्रभान सिंह, प्रवक्ता, एसएन कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन
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वर्जन-
जिले में गोशालाओं व गो आश्रय स्थलों में निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। निराश्रित गोवंशों को लगातार संरक्षित किया जा रहा है। जहां से भी शिकायतें मिलती हैं उन पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाती हैं। - डॉ. मनोज शर्मा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
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सड़कों पर हादसों का सिलसिला जारी
पटियाली तहसील क्षेत्र के नरदौली, नगला विजय, असदगढ़ किला, सनौड़ी और दरका में सड़कों पर निराश्रित पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। बीते रविवार को नरदौली निवासी युवक राजकुमार की बाइक के सामने अचानक निराश्रित पशु आने से उसकी मौत हो गई। वहीं बृहस्पतिवार को बाइक सवार अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह पशु की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। सिढ़पुरा के समौठी क्षेत्र में खेतों में लगी धान की फसल को बर्बाद करते है। एक पखवाड़े पूर्व एसएन कॉलेज के प्रवक्ता चंद्रभान सिंह दुर्घटना में घायल हो चुके हैं।
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गोशालाएं फुल, समस्या जस की तस
गंजडुंडवारा के नवाबगंज नगरिया में सड़क किनारे बैठे पशु रात होते ही खेतों में तबाही मचाते हैं। महज पांच किलोमीटर दूर गोशाला होने के बाद भी इन्हें वहां संरक्षित नहीं किया गया है। वहीं तीर्थनगरी सोरोंजी में स्थिति और भयावह है, जहां गोवंश के साथ कुत्ते और बंदरों का भी आतंक है। बच्चों को स्कूल भेजने में अभिभावक सहम रहे हैं। स्थानीय पुरोहित सतीश भारद्वाज के अनुसार, तीर्थनगरी की गोशालाएं क्षमता से अधिक भरी होने के कारण सड़कों पर पशुओं का जमावड़ा कम नहीं हो पा रहा है।
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आंकड़े की नजर से-
ग्रामीण गोशालाएं- 13
नगर पंचायतों में कान्हा गोशालाएं- 8
गोशालाओं और कान्हा गोशालाओं में निराश्रित गोवंश पशु संरक्षित- 6447
- जिले के ग्रामीण इलाकों में निराश्रित पशु किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। किसान बेहद परेशान हैं। किसान यूनियन लगातार निराश्रित पशुओं की रोकथाम की मांग उठा रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा- संजय प्रजापति, जिलाध्यक्ष, भाकियू अराजनैतिक
- सड़कों पर तमाम निराश्रित पशु विचरण करते रहते हैं। जिससे दुर्घटनाएं होती रहती हैं। मैं भी दुर्घटनाओं का शिकार हो चुका हूं। इस समस्या का समाधान होना जरूरी है- चन्द्रभान सिंह, प्रवक्ता, एसएन कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन
वर्जन-
जिले में गोशालाओं व गो आश्रय स्थलों में निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। निराश्रित गोवंशों को लगातार संरक्षित किया जा रहा है। जहां से भी शिकायतें मिलती हैं उन पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाती हैं। - डॉ. मनोज शर्मा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी

फोटो 43- समोठी ग्रामपंचायत के खेतों में विचरण करते निराश्रित गोवंश। स्रोत संवाद

फोटो 43- समोठी ग्रामपंचायत के खेतों में विचरण करते निराश्रित गोवंश। स्रोत संवाद

फोटो 43- समोठी ग्रामपंचायत के खेतों में विचरण करते निराश्रित गोवंश। स्रोत संवाद

फोटो 43- समोठी ग्रामपंचायत के खेतों में विचरण करते निराश्रित गोवंश। स्रोत संवाद

फोटो 43- समोठी ग्रामपंचायत के खेतों में विचरण करते निराश्रित गोवंश। स्रोत संवाद