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Kasganj News: कांवड़ यात्रा के चलते डायवर्जन से रोडवेज बसों की रफ्तार थमी
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फोटो 02 - कासगंज रोडवेज बस स्टैंड पर डायवर्जन व्यवस्था लागू होने के बाद बसों को निकलवाते प्रभार
कासगंज। कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने के बाद शुक्रवार रात से मार्ग पर डायवर्जन लागू हो गया है। इस व्यवस्था का असर रोडवेज बसों के संचालन पर भी पड़ा है। रूट बदलने से बसों का सफर लंबा हो गया है और फेरे भी कम हो गए हैं। दिल्ली-अलीगढ़ रूट की बसें गंगीरी-पनैठी होकर संचालित की जा रही हैं, जबकि एटा जाने वाली बसें अमांपुर होकर जा रही हैं। आगरा रूट पर किलोमीटर बढ़ने के कारण बसों को एक चक्कर पूरा करने में अधिक समय लग रहा है।
कांवड़ यात्रा को लेकर यातायात व्यवस्था में बदलाव के तहत रोडवेज बसों के रूट डायवर्ट किए हैं। दिल्ली और अलीगढ़ की ओर जाने वाली बसें अब गंगीरी-पनैठी होकर संचालित हो रही हैं। वहीं, एटा के लिए बसों को अमांपुर होकर भेजा जा रहा है। डायवर्जन का सबसे अधिक असर आगरा रूट पर दिखाई दे रहा है। रूट बढ़ जाने के कारण आगरा तक पहुंचने में करीब पांच घंटे का समय लग रहा है। इस वजह से बसें दिनभर में केवल एक ही चक्कर लगा पा रही हैं। इस मार्ग पर डायवर्जन व्यवस्था के चलते बस का लोड़ फैक्टर जो पहले 80 से 90 फीसद आता था वो अब 40 से 50 फीसद रह गया है। डायवर्जन के चलते बसों के संचालन की संख्या और यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं पर भी असर पड़ा है। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, डायवर्जन व्यवस्था अब केवल दो दिन और प्रभावी रहेगी।
वर्जन-
सावन के आखिरी सोमवार के बाद कांवड़ियों की भीड़ कम हो जाएगी। इसके बाद डायवर्जन व्यवस्था समाप्त कर बसों का संचालन निर्धारित मार्गों से किया जाएगा। यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। — नीरज कुमार, प्रभारी एआरएम
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कांवड़ यात्रा को लेकर यातायात व्यवस्था में बदलाव के तहत रोडवेज बसों के रूट डायवर्ट किए हैं। दिल्ली और अलीगढ़ की ओर जाने वाली बसें अब गंगीरी-पनैठी होकर संचालित हो रही हैं। वहीं, एटा के लिए बसों को अमांपुर होकर भेजा जा रहा है। डायवर्जन का सबसे अधिक असर आगरा रूट पर दिखाई दे रहा है। रूट बढ़ जाने के कारण आगरा तक पहुंचने में करीब पांच घंटे का समय लग रहा है। इस वजह से बसें दिनभर में केवल एक ही चक्कर लगा पा रही हैं। इस मार्ग पर डायवर्जन व्यवस्था के चलते बस का लोड़ फैक्टर जो पहले 80 से 90 फीसद आता था वो अब 40 से 50 फीसद रह गया है। डायवर्जन के चलते बसों के संचालन की संख्या और यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं पर भी असर पड़ा है। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, डायवर्जन व्यवस्था अब केवल दो दिन और प्रभावी रहेगी।
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वर्जन-
सावन के आखिरी सोमवार के बाद कांवड़ियों की भीड़ कम हो जाएगी। इसके बाद डायवर्जन व्यवस्था समाप्त कर बसों का संचालन निर्धारित मार्गों से किया जाएगा। यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। — नीरज कुमार, प्रभारी एआरएम
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