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Kasganj News: जानलेवा हमले के तीन दोषियों को सात साल की सजा
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कासगंज। रात के अंधेरे में घर लौट रहे विजेंद्र सिंह को रास्ते में घेरकर जान से मारने की कोशिश के करीब 12 साल पुराने मामले में अदालत ने तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।मामला 28 सितंबर 2014 की शाम करीब 6 बजे का है। विजेंद्र सिंह मोटरसाइकिल से नगला फौता से तेरहवीं की दावत खाकर अपने गांव नगला इंद्रजीत लौट रहा था। आरोप है कि नगला भवानी के पास नाले की पुलिया के आगे पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उसकी मोटरसाइकिल रोक ली।
अभियोजन के अनुसार,सत्यप्रकाश, संजीत, विनय कुमार और लोकेँद्र ने विजेंद्र को पकड़ लिया। इसके बाद जान से मारने की नीयत से उस पर गोली चला दी गई। गोली विजेंद्र की छाती के दाहिनी ओर लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा।
गोली लगने के बाद विजेंद्र के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों को आता देख हमलावर फायर करते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के बाद विजेंद्र का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और उसकी तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
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मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश रत्नेश कुमार श्रीवास्तव ने संजीव उर्फ संजीत, विनय कुमार और लोकेंद्र को धारा 307 सह पठित धारा 34 भारतीय दंड संहिता के अपराध में दोष सिद्ध किया।
अदालत ने तीनों अभियुक्तों को सात-सात वर्ष के साधारण कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर प्रत्येक अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जबकि इस मामले के एक अन्य आरोपी सत्य प्रकाश की मुकदमे के दौरान मौत हाे गई।
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अभियोजन के अनुसार,सत्यप्रकाश, संजीत, विनय कुमार और लोकेँद्र ने विजेंद्र को पकड़ लिया। इसके बाद जान से मारने की नीयत से उस पर गोली चला दी गई। गोली विजेंद्र की छाती के दाहिनी ओर लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा।
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गोली लगने के बाद विजेंद्र के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों को आता देख हमलावर फायर करते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के बाद विजेंद्र का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और उसकी तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
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मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश रत्नेश कुमार श्रीवास्तव ने संजीव उर्फ संजीत, विनय कुमार और लोकेंद्र को धारा 307 सह पठित धारा 34 भारतीय दंड संहिता के अपराध में दोष सिद्ध किया।
अदालत ने तीनों अभियुक्तों को सात-सात वर्ष के साधारण कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर प्रत्येक अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जबकि इस मामले के एक अन्य आरोपी सत्य प्रकाश की मुकदमे के दौरान मौत हाे गई।