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Kasganj News: पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा झाल का पुल

Sat, 11 Apr 2026 11:36 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज Updated Sat, 11 Apr 2026 11:36 PM IST
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Jhaal bridge will be developed as a tourist destination.
फोटो06कासगंज में नदरई ​स्थित झाल के पुल पर सौंदर्यीकरण का चल रहा कार्य । संवाद
कासगंज। नदरई हजारा नहर पर ब्रिटिश काल में बने ऐतिहासिक झाल के पुल को अब पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य तेज हो गया है। शासन से सौंदर्यीकरण की मंजूरी मिलने के बाद सिंचाई खंड नरौरा ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। इस परियोजना पर कुल 10 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से पुल के आसपास के क्षेत्र को आकर्षक और पर्यटक अनुकूल बनाने के लिए सड़क निर्माण, फैंसी बाउंड्रीवाल, रेलिंग और आधुनिक सेल्फी प्वाइंट तैयार किए जा रहे हैं। ब्रिटिश शासन में शहर से पांच किलोमीटर दूर हजारा नहर और काली नदी पर का झाल के पुल का निर्माण वर्ष 1885 से 89 बीच कराया गया था। पुल के नीचे नदी और ऊपर बहती नहर लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र है। इस पुल को देखने के लिए शहर के साथ-साथ आस-पास के गांवों और दूर दराज से लोग देखने के लिए आते हैं। वहीं, पर्व पर इस पुल को देखने के लिए काफी भीड़ रहती है। करीब 137 वर्ष पुराने पुल के सौंदर्यीकरण कराने के लिए दो साल पहले प्रस्ताव तैयार कर सिंचाई खंड नरौरा अलीगढ़ ने शासन में भेजा। वर्ष 2025 में स्वीकृति मिलने के बाद जनवरी वर्ष 2026 में सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू हुआ। इस पुल पर रेलिंग, सेल्फी प्वाइंट, फैंसी बाउंड्रीवाल समेत अन्य काम चल रहा है। झाल के पुल से कासगंज- सिकंदराराऊ तक 800 मीटर सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा इस स्थान को हरा भरा बनाने के लिए पौध रोपण भी किया जाएगा। सिंचाई खंड नरौरा अलीगढ़ के सहायक अभियंता हरवीर सिंह ने बताया कि शासन से स्वीकृति मिलने के बाद 10 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से झाल के पुल का सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। तय समय सीमा एक वर्ष में कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। झाल के पुल को देखने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं। नववर्ष और पर्व पर इस पुल को देखने वाले लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहता है। वहीं, पिकनिक मनाने के लिए भी इस स्थान पर समय-समय पर लोग आते है।इस स्थान का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करते हैं। इंजीनियरों ने झाल के पुल को इस तरह से बनाया गया है कि इसकी कारीगरी देखते ही बनती है। इस पुल को इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना बताया गया है। पुल के आर-पार जाने के लिए सुरंगें बनी हुई हैं। लोग एक तरफ से सुरंग में प्रवेश करके दूसरी ओर निकल सकते हैं। आयरलैंड की कार्क यूनिवर्सिटी के सहयोग से कार्यकारी अभियंता विलियम गुड ने इस पुल का डिजाइन तैयार किया था। 1300 फीट से अधिक इस लंबे पुल का निर्माण चार साल में हुआ था। झाल का पुल ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता का भी अनूठा संगम है।
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