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Kasganj News: हंस वाहिनी, वीणा वादिनि, मां अक्षर वर दे...
Sun, 18 Jan 2026 11:15 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Sun, 18 Jan 2026 11:15 PM IST
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फोटो14केए पीजी कॉलेज में आयोजित कवि सम्मेलन में कवि एवं चिकित्सक डॉ.अखलेश गौड़ को सम्मानित
कासगंज। केए महाविद्यालय में संस्थापक सचिव कपूर चंद्र जैन की 95वीं जयंती पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व न्यायाधीश पीएन पाराशर एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व चेयरमैन राजेंद्र बौहरे एवं सचिव विनय कुमार जैन ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
सर्वप्रथम कवि डॉ. अखिलेश गौड़ ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करते हुए कहा कि जननि विमल मति भाषा स्वर दे, हंस वाहिनी, वीणा वादिनि, मां अक्षर वर दे। कवि चन्द्रहास हर्ष ने भारतीय संस्कृति पर रचना प्रस्तुत की। रचनाकार अखिलेश सक्सेना ने छात्र छात्राओं को समर्पित रचना में कहा कि बर्तनों जैसी भी न हों टकराहटें, सब सुखों से संंवरती रहे जिंदगी। हास्य कवि निर्मल सक्सेना ने रचना पढी मैं शब्दों का बाजीगर हूं, शब्दों से हर काम करूं। इनके अलावा कवि राजीव प्रखर, पूजा राणा, अक्षत अशेष, बृजेंद्र वत्स ने काव्य रचनाएं प्रस्तुत कीं। कवि सम्मेलन के संयोजक डॉ. बृजेंद्र यादव ने अतिथियों और कवियों का परिचय प्रस्तुत किया। समापन पर सचिव विनय कुमार जैन, प्राचार्य डॉ. अशोक रुस्तगी ने कवियों, अतिथियों का आभार जताया। इस दौरान संतोष माहेश्वरी, अनिल माहेश्वरी, राकेश माहेश्वरी, डाॅ राधा कृष्ण दीक्षित, डाॅ शेखर शर्मा, यश जैन, कमल जैन, डॉ. आदर्शमोहन राठी, मधुर पुंडीर, आलोक सक्सेना, सर्वोत्त्म शर्मा, सुकांत आर्य भी रहे।
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सर्वप्रथम कवि डॉ. अखिलेश गौड़ ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करते हुए कहा कि जननि विमल मति भाषा स्वर दे, हंस वाहिनी, वीणा वादिनि, मां अक्षर वर दे। कवि चन्द्रहास हर्ष ने भारतीय संस्कृति पर रचना प्रस्तुत की। रचनाकार अखिलेश सक्सेना ने छात्र छात्राओं को समर्पित रचना में कहा कि बर्तनों जैसी भी न हों टकराहटें, सब सुखों से संंवरती रहे जिंदगी। हास्य कवि निर्मल सक्सेना ने रचना पढी मैं शब्दों का बाजीगर हूं, शब्दों से हर काम करूं। इनके अलावा कवि राजीव प्रखर, पूजा राणा, अक्षत अशेष, बृजेंद्र वत्स ने काव्य रचनाएं प्रस्तुत कीं। कवि सम्मेलन के संयोजक डॉ. बृजेंद्र यादव ने अतिथियों और कवियों का परिचय प्रस्तुत किया। समापन पर सचिव विनय कुमार जैन, प्राचार्य डॉ. अशोक रुस्तगी ने कवियों, अतिथियों का आभार जताया। इस दौरान संतोष माहेश्वरी, अनिल माहेश्वरी, राकेश माहेश्वरी, डाॅ राधा कृष्ण दीक्षित, डाॅ शेखर शर्मा, यश जैन, कमल जैन, डॉ. आदर्शमोहन राठी, मधुर पुंडीर, आलोक सक्सेना, सर्वोत्त्म शर्मा, सुकांत आर्य भी रहे।
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