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Kasganj News: संशोधित...छह माह पहले खरीदी थी बंदूक, गोली लगने से मौत
Thu, 09 Jul 2026 11:09 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Thu, 09 Jul 2026 11:09 PM IST
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रिपीटर गन के साथ मृतक गार्ड विनोद सिंह यादव। स्त्रोत : परिजन
फोटो- 44
-सिढ़पुरा के गार्ड विनोद की रोडवेज बस में गन से गोली चलने से मौत
-अलीगढ़ के गभाना में ब्रेकर पर बस उछलने के दौरान चल गई गोली
संवाद न्यूज एजेंसी
सिढ़पुरा (कासगंज)। मैनपुरी डिपो की रोडवेज बस में अलीगढ़ के गभाना के पास एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। दिल्ली ड्यूटी पर जा रहे सिढ़पुरा क्षेत्र के ग्राम दामरी निवासी सिक्योरिटी गार्ड विनोद सिंह यादव (45) की अपनी ही लोड बंदूक से गोली चलने से मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब तेज रफ्तार बस ब्रेकर पर उछली और बंदूक का ट्रिगर दब गया। गोली सीधे विनोद के सीने में जा लगी। इस वाकये के बाद मौके पर पहुंची पुलिस के हाथ से भी उसी बंदूक से दोबारा गोली चल गई, जिससे एक सिपाही व यात्री घायल हो गए।
ग्राम दामरी निवासी विनोद सिंह यादव नोएडा की एक निजी कंपनी में बतौर सिक्योरिटी गार्ड तैनात थे। वह पिछले करीब आठ दिनों से गांव आए हुए थे और यहीं रहकर खेतीबाड़ी देख रहे थे। बृहस्पतिवार को कंपनी से बुलावा आने पर वह अपनी बंदूक लेकर एटा से मैनपुरी डिपो की बस में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे। जैसे ही बस अलीगढ़ के गभाना क्षेत्र में पहुंची, एक ऊंचे स्पीड ब्रेकर पर बस तेजी से उछल गई। झटका इतना जोरदार था कि विनोद के पास रखी लोड गन का ट्रिगर अचानक दब गया। गोली सीधे उनके सीने में समा गई और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद बस को पैराई पुलिस चौकी पर रोका गया। सूचना पर पहुंची पुलिस जब बस के अंदर से दुर्घटनाग्रस्त बंदूक को कब्जे में ले रही थी, इस दौरान एक पुलिसकर्मी के हाथ से बंदूक दोबारा फायर हो गई। इस दूसरी गोली की चपेट में आने से मौके पर मौजूद एक पुलिस सिपाही और बस का एक यात्री घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि मृतक विनोद के पिता स्व. सौदान सिंह पीएसी में तैनात थे। पिता के निधन के बाद विनोद को असलहे का यह लाइसेंस वारिसान में मिला था। विनोद ने महज छह महीने पहले ही यह बंदूक खरीदी थी, जो उनकी मौत का कारण बन गई। हादसे की खबर जैसे ही दामरी गांव पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। पति की मौत की खबर सुनते ही पत्नी आरती बेसुध हो गई। वहीं मां शकुंतला, बेटे प्रशांत (14), अंश (10) और सात वर्षीय बेटी वैष्णवी का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद मृतक के भाई प्रमोद यादव व पत्नी आरती सहित अन्य परिजन शव को लेने अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं।
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-सिढ़पुरा के गार्ड विनोद की रोडवेज बस में गन से गोली चलने से मौत
-अलीगढ़ के गभाना में ब्रेकर पर बस उछलने के दौरान चल गई गोली
संवाद न्यूज एजेंसी
सिढ़पुरा (कासगंज)। मैनपुरी डिपो की रोडवेज बस में अलीगढ़ के गभाना के पास एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। दिल्ली ड्यूटी पर जा रहे सिढ़पुरा क्षेत्र के ग्राम दामरी निवासी सिक्योरिटी गार्ड विनोद सिंह यादव (45) की अपनी ही लोड बंदूक से गोली चलने से मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब तेज रफ्तार बस ब्रेकर पर उछली और बंदूक का ट्रिगर दब गया। गोली सीधे विनोद के सीने में जा लगी। इस वाकये के बाद मौके पर पहुंची पुलिस के हाथ से भी उसी बंदूक से दोबारा गोली चल गई, जिससे एक सिपाही व यात्री घायल हो गए।
ग्राम दामरी निवासी विनोद सिंह यादव नोएडा की एक निजी कंपनी में बतौर सिक्योरिटी गार्ड तैनात थे। वह पिछले करीब आठ दिनों से गांव आए हुए थे और यहीं रहकर खेतीबाड़ी देख रहे थे। बृहस्पतिवार को कंपनी से बुलावा आने पर वह अपनी बंदूक लेकर एटा से मैनपुरी डिपो की बस में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे। जैसे ही बस अलीगढ़ के गभाना क्षेत्र में पहुंची, एक ऊंचे स्पीड ब्रेकर पर बस तेजी से उछल गई। झटका इतना जोरदार था कि विनोद के पास रखी लोड गन का ट्रिगर अचानक दब गया। गोली सीधे उनके सीने में समा गई और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद बस को पैराई पुलिस चौकी पर रोका गया। सूचना पर पहुंची पुलिस जब बस के अंदर से दुर्घटनाग्रस्त बंदूक को कब्जे में ले रही थी, इस दौरान एक पुलिसकर्मी के हाथ से बंदूक दोबारा फायर हो गई। इस दूसरी गोली की चपेट में आने से मौके पर मौजूद एक पुलिस सिपाही और बस का एक यात्री घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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ग्रामीणों ने बताया कि मृतक विनोद के पिता स्व. सौदान सिंह पीएसी में तैनात थे। पिता के निधन के बाद विनोद को असलहे का यह लाइसेंस वारिसान में मिला था। विनोद ने महज छह महीने पहले ही यह बंदूक खरीदी थी, जो उनकी मौत का कारण बन गई। हादसे की खबर जैसे ही दामरी गांव पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। पति की मौत की खबर सुनते ही पत्नी आरती बेसुध हो गई। वहीं मां शकुंतला, बेटे प्रशांत (14), अंश (10) और सात वर्षीय बेटी वैष्णवी का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद मृतक के भाई प्रमोद यादव व पत्नी आरती सहित अन्य परिजन शव को लेने अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं।

रिपीटर गन के साथ मृतक गार्ड विनोद सिंह यादव। स्त्रोत : परिजन
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