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Kasganj News: लहरा घाट से गंगाजल लेकर रवाना हो रहीं टोलियां
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फोटो10सोरोंजी के लहरा गंगाघाट से कांवड़ लेकर जाते कांवड़ियों की टोली। संवाद
सोरोंजी। सावन मास की शुरुआत के साथ ही तीर्थनगरी सोरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करने के लिए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के दूर-दराज जिलों से हजारों की संख्या में कांवड़ियों की टोलियां पहुंच रही हैं।
तीर्थनगरी में मध्य प्रदेश के शिवपुरी, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, भरतपुर तथा उत्तर प्रदेश के आगरा, फिरोजाबाद सहित अन्य जनपदों से श्रद्धालु निजी वाहनों और रोडवेज बसों के जरिए लगातार आ रहे हैं। यहां पहुंचकर श्रद्धालु सबसे पहले ऐतिहासिक ''हरि की पैड़ी'' में पवित्र गंगा स्नान करते हैं और गंगा मैया व भोले बाबा के जयकारों के बीच तीर्थपुरोहितों की बहियों में कांवड़ उठाने का पारंपरिक उल्लेख दर्ज कराते हैं।
इसके बाद बाजारों से कांवड़ का सामान खरीदकर उसे सजाया जाता है और लहरा घाट पहुंचकर गंगाजल भरकर विधिवत पूजन किया जाता है। पांडवकालीन लहरेश्वर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद कांवड़ियों की टोलियां अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।
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हर साल करते हैं अभिषेक
मुरैना के मनोज कुमार ने बताया कि वे हर साल यहां से जल लेकर मुरैना के मितावली स्थित चौंसठ योगिनी मंदिर में अभिषेक करते हैं, जिससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।
फिरोजाबाद से आए ध्रुवेंद्र राजौरिया ने बताया कि वह पहले सोमवार को यहां से जल ले जाकर सिद्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर में जलाभिषेक करते हैं। इसके उपरांत महामृत्युंजय मंत्र का अखंड जाप करते हैं।
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तीर्थनगरी में मध्य प्रदेश के शिवपुरी, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, भरतपुर तथा उत्तर प्रदेश के आगरा, फिरोजाबाद सहित अन्य जनपदों से श्रद्धालु निजी वाहनों और रोडवेज बसों के जरिए लगातार आ रहे हैं। यहां पहुंचकर श्रद्धालु सबसे पहले ऐतिहासिक ''हरि की पैड़ी'' में पवित्र गंगा स्नान करते हैं और गंगा मैया व भोले बाबा के जयकारों के बीच तीर्थपुरोहितों की बहियों में कांवड़ उठाने का पारंपरिक उल्लेख दर्ज कराते हैं।
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इसके बाद बाजारों से कांवड़ का सामान खरीदकर उसे सजाया जाता है और लहरा घाट पहुंचकर गंगाजल भरकर विधिवत पूजन किया जाता है। पांडवकालीन लहरेश्वर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद कांवड़ियों की टोलियां अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।
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हर साल करते हैं अभिषेक
मुरैना के मनोज कुमार ने बताया कि वे हर साल यहां से जल लेकर मुरैना के मितावली स्थित चौंसठ योगिनी मंदिर में अभिषेक करते हैं, जिससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।
फिरोजाबाद से आए ध्रुवेंद्र राजौरिया ने बताया कि वह पहले सोमवार को यहां से जल ले जाकर सिद्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर में जलाभिषेक करते हैं। इसके उपरांत महामृत्युंजय मंत्र का अखंड जाप करते हैं।