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Kasganj News: जीपीएस बताएगा-चीनी मिल तक देरी से क्यों पहुंचा गन्ना
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कासगंज। खेत से गन्ने की कटाई के बाद चीनी मिल तक पहुंचने में होने वाली देरी के कारण किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान पर रोक लगेगी। गन्ना विभाग गन्ना ले जाने वाले वाहनों की रियल टाइम ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से ट्रैकिंग कराएगा। डिजिटल निगरानी से न सिर्फ लेट-लतीफी पर लगाम लगेगी बल्कि ताजा गन्ना तय समय-सीमा (24 घंटे) में संबंधित मिल तक पहुंच सकेगा। दरअसल, गन्ना क्रय विभाग गन्ने के खेत से मिल तक पहुंचने में होने वाली देरी पर रोक लगाने की कवायद में जुटा है। इसके लिए डिजिटल निगरानी करने की तैयारी है। क्रय केंद्रों से चीनी मिल के गेट तक गन्ना ले जाने वाले वाहनों की रियल टाइम ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से ट्रैकिंग कराने की योजना बना रहा है। व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) लागू होने के बाद अधिकारियों को वाहनों की पल-पल की लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी। इससे कटाई के बाद गन्ने को 24 घंटे के भीतर मिल तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
वजन रहेगा बरकरार, किसानों नहीं होगा नुकसान : रियल टाइम ट्रैकिंग से गन्ने की आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता आने की उम्मीद है। विभाग का मानना है कि 24 घंटे के भीतर गन्ना मिल पहुंचने से उसकी ताजगी बनी रहेगी और वजन में होने वाली कमी कम होगी। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान से राहत मिलने के साथ गन्ना आपूर्ति व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।
देरी होने सूखने लगता है गन्ना
जिला गन्ना अधिकारी ओउम प्रकाश सिंह ने बताया कि खेत से गन्ने की कटाई के बाद मिल तक पहुंचने में अधिक समय लगने से धूप और हवा के कारण गन्ना सूखने लगता है। इससे उसके वजन में कमी आती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य इस नुकसान को कम करना है।
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जिले में बनेगा केंद्रीय नियंत्रण कक्ष
योजना के तहत गन्ना क्रय केंद्र से चीनी मिल तक जाने वाले वाहनों को जीपीएस से जोड़ा जाएगा। इसके लिए केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। अधिकारी वहां से वाहनों की आवाजाही पर नजर रख सकेंगे। निर्धारित मार्ग से हटने, अनावश्यक ठहराव या अन्य गड़बड़ी की स्थिति में तत्काल जानकारी मिल सकेगी।
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वजन रहेगा बरकरार, किसानों नहीं होगा नुकसान : रियल टाइम ट्रैकिंग से गन्ने की आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता आने की उम्मीद है। विभाग का मानना है कि 24 घंटे के भीतर गन्ना मिल पहुंचने से उसकी ताजगी बनी रहेगी और वजन में होने वाली कमी कम होगी। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान से राहत मिलने के साथ गन्ना आपूर्ति व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।
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देरी होने सूखने लगता है गन्ना
जिला गन्ना अधिकारी ओउम प्रकाश सिंह ने बताया कि खेत से गन्ने की कटाई के बाद मिल तक पहुंचने में अधिक समय लगने से धूप और हवा के कारण गन्ना सूखने लगता है। इससे उसके वजन में कमी आती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य इस नुकसान को कम करना है।
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जिले में बनेगा केंद्रीय नियंत्रण कक्ष
योजना के तहत गन्ना क्रय केंद्र से चीनी मिल तक जाने वाले वाहनों को जीपीएस से जोड़ा जाएगा। इसके लिए केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। अधिकारी वहां से वाहनों की आवाजाही पर नजर रख सकेंगे। निर्धारित मार्ग से हटने, अनावश्यक ठहराव या अन्य गड़बड़ी की स्थिति में तत्काल जानकारी मिल सकेगी।