{"_id":"6a284b81f8a46a606e0c89f5","slug":"former-mp-devendra-yadav-to-ride-a-bicycle-again-kasganj-news-c-175-1-kas1003-148969-2026-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: पूर्व सांसद देवेंद्र यादव फिर करेंगे साइकिल की सवारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: पूर्व सांसद देवेंद्र यादव फिर करेंगे साइकिल की सवारी
Tue, 09 Jun 2026 10:51 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Tue, 09 Jun 2026 10:51 PM IST
विज्ञापन
फोटो 30 - पूर्व सांसद देवेंद्र यादव सपा मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करते।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। जिला एवं पड़ोसी जनपद एटा की सियासत एक बार फिर बड़ी करवट लेने जा रही है। इन जिलों की राजनीति का बड़ा नाम पूर्व सांसद कुंवर देवेंद्र सिंह यादव भाजपा का दामन छोड़कर फिर से समाजवादी पार्टी के चौधरी बनेंगे। भाजपा में वह करीब सवा दो साल रहे और फिर घर वापसी की तरंग मन में उठने लगी। पूर्व सांसद की सपा के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के परिवार से नजदीकी रही हैं। हर सुख-दुख में उनकी भागीदारी रही।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की राजनीति में उनके कदम बढ़े। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेटे एवं पूर्व सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया की पहल पर भाजपा के शीर्ष नेताओं से बात की। 17 मार्च, 2024 को वह डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। पूर्व सांसद के भाजपा में शामिल होने के बाद राजनीतिक हालात में परिवर्तन हुआ। करीब सवा दो साल तक वह भाजपा से जुड़े रहे, लेकिन भाजपा की राजनीति में वह अपने आप को सहज महसूस नहीं कर पाए। भाजपा ने भी उनका कद बढ़ाने पर कोई ध्यान नहीं दिया। इससे पूर्व सांसद आहत हुए। अब वह फिर से सपा में शामिल होंगे। इसके लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनकी मुलाकात हो चुकी है। पूर्व सांसद अपने नवनिर्मित गेस्ट हाउस का उद्घाटन भी पूर्व मुख्यमंत्री के हाथों करा रहे हैं। इसी कार्यक्रम में वह घर वापसी करेंगे।
कांग्रेस से शुरू किया राजनीतिक सफर, बसपा में भी रहे
कासगंज। पूर्व सांसद देवेंद्र सिंह यादव का राजनीतिक सफर कांग्रेस पार्टी से शुरू हुआ। वह पहली बार सन 1989 में जिले की पटियाली विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते। उसके बाद सन 1991 में भी उन्होंने कांग्रेस से चुनाव लड़ा और चुनाव हार गए। सन 1993 का चुनाव भी कांग्रेस से लड़े और हार गए। वर्ष 1996 में वह सपा में शामिल होकर पटियाली विधानसभा से चुनाव जीते। इसके बाद वर्ष 1999 एवं 2004 के एटा लोकसभा चुनाव में सपा से चुनाव लड़कर जीत हासिल की। वर्ष 2009 में सपा से टिकट न मिलने पर पूर्व सांसद ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद फिर सपा में घर वापसी हुई। वर्ष 2014 और 2019 का चुनाव सपा की टिकट पर लड़ा, लेकिन सफल नहीं हो सके। वर्ष 2024 में उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। संवाद
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- --
वर्जन
मैं नेताजी के परिवार का हमेशा हिस्सा रहा हूं। भाजपा में रहते हुए हमेशा घुटन होती रही। अखिलेश यादव ने हमेशा मुझे सम्मान दिया है। वह 12 जून को कासगंज आ रहे हैं। उनकी मौजूदगी में सपा में वापसी करूंगा। -कुं. देवेंद्र यादव, पूर्व सांसद
-- -- -- -- -- -- -- -- --
कुंवर देवेंद्र सिंह यादव राजनीतिक पृष्ठभूमि
1976 में चंडौस सोसाइटी में अध्यक्ष पद पर चुने गए।
1981 में अल्लीपुर बरवारा के प्रधान पद पर चुने गए।
1983 में ब्लॉक प्रमुख सोरों के पद पर चुने गए।
1988 में दोबारा ब्लॉक प्रमुख सोरों के पद पर चुने गए।
1989 में विधायक पटियाली से चुने गए।
1996 में दोबारा विधायक पटियाली से चुने गए।
1999 में एटा से लोकसभा के लिए चुने गए।
2004 में दोबारा एटा से लोकसभा के लिए चुने गए।
विज्ञापन
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की राजनीति में उनके कदम बढ़े। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेटे एवं पूर्व सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया की पहल पर भाजपा के शीर्ष नेताओं से बात की। 17 मार्च, 2024 को वह डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। पूर्व सांसद के भाजपा में शामिल होने के बाद राजनीतिक हालात में परिवर्तन हुआ। करीब सवा दो साल तक वह भाजपा से जुड़े रहे, लेकिन भाजपा की राजनीति में वह अपने आप को सहज महसूस नहीं कर पाए। भाजपा ने भी उनका कद बढ़ाने पर कोई ध्यान नहीं दिया। इससे पूर्व सांसद आहत हुए। अब वह फिर से सपा में शामिल होंगे। इसके लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनकी मुलाकात हो चुकी है। पूर्व सांसद अपने नवनिर्मित गेस्ट हाउस का उद्घाटन भी पूर्व मुख्यमंत्री के हाथों करा रहे हैं। इसी कार्यक्रम में वह घर वापसी करेंगे।
विज्ञापन
कांग्रेस से शुरू किया राजनीतिक सफर, बसपा में भी रहे
कासगंज। पूर्व सांसद देवेंद्र सिंह यादव का राजनीतिक सफर कांग्रेस पार्टी से शुरू हुआ। वह पहली बार सन 1989 में जिले की पटियाली विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते। उसके बाद सन 1991 में भी उन्होंने कांग्रेस से चुनाव लड़ा और चुनाव हार गए। सन 1993 का चुनाव भी कांग्रेस से लड़े और हार गए। वर्ष 1996 में वह सपा में शामिल होकर पटियाली विधानसभा से चुनाव जीते। इसके बाद वर्ष 1999 एवं 2004 के एटा लोकसभा चुनाव में सपा से चुनाव लड़कर जीत हासिल की। वर्ष 2009 में सपा से टिकट न मिलने पर पूर्व सांसद ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद फिर सपा में घर वापसी हुई। वर्ष 2014 और 2019 का चुनाव सपा की टिकट पर लड़ा, लेकिन सफल नहीं हो सके। वर्ष 2024 में उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। संवाद
विज्ञापन
वर्जन
मैं नेताजी के परिवार का हमेशा हिस्सा रहा हूं। भाजपा में रहते हुए हमेशा घुटन होती रही। अखिलेश यादव ने हमेशा मुझे सम्मान दिया है। वह 12 जून को कासगंज आ रहे हैं। उनकी मौजूदगी में सपा में वापसी करूंगा। -कुं. देवेंद्र यादव, पूर्व सांसद
कुंवर देवेंद्र सिंह यादव राजनीतिक पृष्ठभूमि
1976 में चंडौस सोसाइटी में अध्यक्ष पद पर चुने गए।
1981 में अल्लीपुर बरवारा के प्रधान पद पर चुने गए।
1983 में ब्लॉक प्रमुख सोरों के पद पर चुने गए।
1988 में दोबारा ब्लॉक प्रमुख सोरों के पद पर चुने गए।
1989 में विधायक पटियाली से चुने गए।
1996 में दोबारा विधायक पटियाली से चुने गए।
1999 में एटा से लोकसभा के लिए चुने गए।
2004 में दोबारा एटा से लोकसभा के लिए चुने गए।