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Kasganj News: मकान खाली कराने के विवाद में मारपीट, डीजीसी व बेटों पर प्राथमिकी
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कासगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र में मकान खाली कराने पर हुए विवाद में दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना सामने आई है। इस मामले में सरकारी वकील (डीजीसी) संजीव सिंह यदुवंशी ने अपने भाई समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं, दूसरी ओर, डीजीसी के भाई की पत्नी रेनू सिंह की तहरीर पर संजीव सिंह यदुवंशी और उनके दो बेटों आदित्य यदुवंशी व रजत यदुवंशी के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
तहसील रोड निवासी सरकारी वकील संजीव सिंह यदुवंशी ने सदर कोतवाली में दर्ज कराई गई अपनी प्राथमिकी में बताया है कि वे घर की निचली मंजिल पर रहते हैं, जबकि उनके भाई राहुल का परिवार ऊपरी मंजिल पर रहता है। 13 सितंबर की रात लगभग 11:45 बजे, भाई राहुल, पुष्कर दुबे और 2-3 अज्ञात व्यक्तियों ने कथित तौर पर घर में घुसकर जान से मारने की नीयत से मारपीट की। इस घटना में उनके बेटे आदित्य और रजत को गंभीर चोटें आईं।
वहीं, संजीव सिंह यदुवंशी के भाई की पत्नी रेनू सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि कुछ साल पहले उनके परिवार में आपसी बंटवारा हुआ था। समझौते के तहत मकान खाली करने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। रेनू सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने मकान खाली करने को कहा, तो उनके जेठ (संजीव सिंह यदुवंशी) और उनके दो बेटों आदित्य यदुवंशी व रजत यदुवंशी ने उनके परिवार से मारपीट की। आरोप लगाया कि जेठ ने अपने सरकारी पद का धौंस जमाते हुए धमकी दी। घटना के दौरान बीच-बचाव करने आए बच्चों के दोस्तों और अन्य लोगों के साथ भी मारपीट की गई।
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डीजीसी संजीव सिंह यदुवंशी ने बताया कि तीन दिन पहले उनके भाई ने बाहर से लोगों को बुलाकर उनके घर पर हमला किया था, जिसमें उनके बेटों को गंभीर चोटें आई थीं। उन्होंने सदर कोतवाली में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि उन पर दबाव बनाने के लिए भाई पक्ष ने भी प्राथमिकी दर्ज करा दी है। एएसपी सुशील कुमार ने बताया कि दोनों ओर से प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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तहसील रोड निवासी सरकारी वकील संजीव सिंह यदुवंशी ने सदर कोतवाली में दर्ज कराई गई अपनी प्राथमिकी में बताया है कि वे घर की निचली मंजिल पर रहते हैं, जबकि उनके भाई राहुल का परिवार ऊपरी मंजिल पर रहता है। 13 सितंबर की रात लगभग 11:45 बजे, भाई राहुल, पुष्कर दुबे और 2-3 अज्ञात व्यक्तियों ने कथित तौर पर घर में घुसकर जान से मारने की नीयत से मारपीट की। इस घटना में उनके बेटे आदित्य और रजत को गंभीर चोटें आईं।
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वहीं, संजीव सिंह यदुवंशी के भाई की पत्नी रेनू सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि कुछ साल पहले उनके परिवार में आपसी बंटवारा हुआ था। समझौते के तहत मकान खाली करने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। रेनू सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने मकान खाली करने को कहा, तो उनके जेठ (संजीव सिंह यदुवंशी) और उनके दो बेटों आदित्य यदुवंशी व रजत यदुवंशी ने उनके परिवार से मारपीट की। आरोप लगाया कि जेठ ने अपने सरकारी पद का धौंस जमाते हुए धमकी दी। घटना के दौरान बीच-बचाव करने आए बच्चों के दोस्तों और अन्य लोगों के साथ भी मारपीट की गई।
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डीजीसी संजीव सिंह यदुवंशी ने बताया कि तीन दिन पहले उनके भाई ने बाहर से लोगों को बुलाकर उनके घर पर हमला किया था, जिसमें उनके बेटों को गंभीर चोटें आई थीं। उन्होंने सदर कोतवाली में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि उन पर दबाव बनाने के लिए भाई पक्ष ने भी प्राथमिकी दर्ज करा दी है। एएसपी सुशील कुमार ने बताया कि दोनों ओर से प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।