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Kasganj News: बाल ओपीडी में पांच दिन में पहुंचे 1444 बीमार बच्चे
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कासगंज। बार-बार बदलता मौसम मासूमों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। धूप और बारिश के बीच तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण बच्चे तेजी से वायरल और अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
महज पांच दिनों के भीतर जिला अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में 1444 बीमार बच्चे इलाज के लिए पहुंचे हैं। पर्चा काउंटर से डॉक्टर के कक्ष तक अभिभावकों की लंबी कतारें लगी रहती हैं।
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, इन पांच दिनों में आए कुल मरीजों में से 788 बच्चे तेज बुखार से पीड़ित मिले जबकि 656 बच्चों में सांस लेने की गंभीर समस्या दर्ज की गई है। इस बदलते मौसम ने बच्चों के श्वसन तंत्र को सबसे अधिक प्रभावित किया है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ध्रुव अग्रवाल ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव से बच्चों की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। इस समय ओपीडी में सबसे ज्यादा मामले निमोनिया, दमा, वायरल फीवर और डायरिया के आ रहे हैं। उन्होंने सलाह दी है कि यदि बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो या पसलियां चल रही हों, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर से संपर्क करें।
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चिकित्सकों की सलाह
बच्चों को बासा खाना और खुली चीजें न खाने दें।
केवल उबला या साफ पानी ही पिलाएं।
बारिश में भीगने न दें।
एसी से सीधे तेज धूप या गर्मी में बाहर न निकालें।
बुखार या सांस की तकलीफ होने पर मनमर्जी से मेडिकल स्टोर से सीरप न खरीदें
हमेशा शिशु रोग विशेषज्ञ के परामर्श के बाद ही दवा दें।
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महज पांच दिनों के भीतर जिला अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में 1444 बीमार बच्चे इलाज के लिए पहुंचे हैं। पर्चा काउंटर से डॉक्टर के कक्ष तक अभिभावकों की लंबी कतारें लगी रहती हैं।
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अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, इन पांच दिनों में आए कुल मरीजों में से 788 बच्चे तेज बुखार से पीड़ित मिले जबकि 656 बच्चों में सांस लेने की गंभीर समस्या दर्ज की गई है। इस बदलते मौसम ने बच्चों के श्वसन तंत्र को सबसे अधिक प्रभावित किया है।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ध्रुव अग्रवाल ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव से बच्चों की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। इस समय ओपीडी में सबसे ज्यादा मामले निमोनिया, दमा, वायरल फीवर और डायरिया के आ रहे हैं। उन्होंने सलाह दी है कि यदि बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो या पसलियां चल रही हों, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर से संपर्क करें।
चिकित्सकों की सलाह
बच्चों को बासा खाना और खुली चीजें न खाने दें।
केवल उबला या साफ पानी ही पिलाएं।
बारिश में भीगने न दें।
एसी से सीधे तेज धूप या गर्मी में बाहर न निकालें।
बुखार या सांस की तकलीफ होने पर मनमर्जी से मेडिकल स्टोर से सीरप न खरीदें
हमेशा शिशु रोग विशेषज्ञ के परामर्श के बाद ही दवा दें।