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जर्दा व्यापारियों की हड़ताल जारी
अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 01 Jul 2015 02:04 AM IST
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जर्दा व्यापारियों ने दूसरे दिन भी अपनी दुकानों के ताले नहीं खोले। मंगलवार को व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल ने कमिश्नर मो. इफ्तिखारूद्दीन से मिलकर उनको अपनी व्यथा सुनाई। जिला प्रशासन और वाणिज्य कर विभाग पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों के अधिकारियों और जर्दा व्यापारियों की बुधवार को बैठक बुलाकर स्थितियों को सामान्य करने की कोशिश की जाएगी।
कानपुर जर्दा एसोसिएशन के महामंत्री अशोक केसरवानी ने बताया कि दो दिन की हड़ताल से करीब 70 से 80 लाख रुपये का जर्दा कारोबार प्रभावित हुआ है। कानपुर जर्दा एसोसिएशन के पदाधिकारी, कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय पांडेय और महामंत्री विनोद गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारी कमिश्नर से मिलने पहुंचे।
व्यापारियों ने बताया कि शहर के करीब दो हजार जर्दा व्यापारी जून में तंबाकू को लेकर शुरू हुए अभियान से त्रस्त हैं। इनका कहना है कि अधिकारी जांच के बहाने काम के वक्त दुकान और प्रतिष्ठान में आ जाते हैं। व्यापारी को आर्थिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। कुछ कहने पर माल जब्त करने की धमकी भी दी जाती है।
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बड़े-छोटे सभी व्यापारी इससे परेशान हैं। कारोबार प्रभावित हो रहा है। जर्दा व्यापारी आरके चौरसिया तो अपनी पीड़ा बताते-बताते रो पड़े। इस दौरान व्यापार मंडल के चेयरमैन मणिकांत जैन, पप्पू त्रिवेदी, मुकुंद मिश्रा, रोशन लाल अरोड़ा, संत मिश्रा, अतुल अग्रवाल, मनीष अरोड़ा, मनोज साहू, मो. नफीस और राम चंदर आदि मौजूद रहे।
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कानपुर जर्दा एसोसिएशन के महामंत्री अशोक केसरवानी ने बताया कि दो दिन की हड़ताल से करीब 70 से 80 लाख रुपये का जर्दा कारोबार प्रभावित हुआ है। कानपुर जर्दा एसोसिएशन के पदाधिकारी, कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय पांडेय और महामंत्री विनोद गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारी कमिश्नर से मिलने पहुंचे।
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व्यापारियों ने बताया कि शहर के करीब दो हजार जर्दा व्यापारी जून में तंबाकू को लेकर शुरू हुए अभियान से त्रस्त हैं। इनका कहना है कि अधिकारी जांच के बहाने काम के वक्त दुकान और प्रतिष्ठान में आ जाते हैं। व्यापारी को आर्थिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। कुछ कहने पर माल जब्त करने की धमकी भी दी जाती है।
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बड़े-छोटे सभी व्यापारी इससे परेशान हैं। कारोबार प्रभावित हो रहा है। जर्दा व्यापारी आरके चौरसिया तो अपनी पीड़ा बताते-बताते रो पड़े। इस दौरान व्यापार मंडल के चेयरमैन मणिकांत जैन, पप्पू त्रिवेदी, मुकुंद मिश्रा, रोशन लाल अरोड़ा, संत मिश्रा, अतुल अग्रवाल, मनीष अरोड़ा, मनोज साहू, मो. नफीस और राम चंदर आदि मौजूद रहे।