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Kanpur News: दुष्कर्म में युवक को 10 साल की सजा
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हरदोई। घर में घुसकर महिला से दुष्कर्म के पांच साल पुराने मामले में एक को दोषी करार दिया गया है। अपर जिला जज कोर्ट संख्या चार यशपाल ने दोषी को 10 साल की सजा सुनाई है। दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जुर्माने की आधी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने के आदेश भी अपर जिला जज ने दिए हैं।
बघौली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि उसके पति रेलवे में लाइनमैन के पद पर तैनात हैं। पति के साथ ही दुर्गेश कुमार राठौर नाम का व्यक्ति भी तैनात था। इसके कारण दुर्गेश का उसके घर आना जाना रहता था। कई बार पति की गैरहाजिरी में भी आ जाता था और फब्तियां कसता था। फोन करते गलत संबंध बनाने का दबाव भी बनाता था। इसकी शिकायत पति से की थी। पति ने दुर्गेश के परिजनों से शिकायत की, लेकिन इन लोगों ने पति को गालियां दीं। तीन मई 2020 को उसके पति ड्यूटी पर गए थे। वह घर में अकेली थी। इसी दौरान दुर्गेश घर में घुस आया और दुष्कर्म किया था। पीड़िता के चिल्लाने पर कुछ और लोग आ गए थे तो आरोपी भाग गया था। जिलाधिकारी के आदेश पर 21 जून 2020 को दुर्गेश और उसके पिता रामसिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने दुर्गेश के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही आठ अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज ने सजा सुनाई है।
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बघौली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि उसके पति रेलवे में लाइनमैन के पद पर तैनात हैं। पति के साथ ही दुर्गेश कुमार राठौर नाम का व्यक्ति भी तैनात था। इसके कारण दुर्गेश का उसके घर आना जाना रहता था। कई बार पति की गैरहाजिरी में भी आ जाता था और फब्तियां कसता था। फोन करते गलत संबंध बनाने का दबाव भी बनाता था। इसकी शिकायत पति से की थी। पति ने दुर्गेश के परिजनों से शिकायत की, लेकिन इन लोगों ने पति को गालियां दीं। तीन मई 2020 को उसके पति ड्यूटी पर गए थे। वह घर में अकेली थी। इसी दौरान दुर्गेश घर में घुस आया और दुष्कर्म किया था। पीड़िता के चिल्लाने पर कुछ और लोग आ गए थे तो आरोपी भाग गया था। जिलाधिकारी के आदेश पर 21 जून 2020 को दुर्गेश और उसके पिता रामसिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने दुर्गेश के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पांच गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही आठ अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज ने सजा सुनाई है।
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