PM मोदी के Rose Day वाले बयान पर ऐसा रहा युवाओं का रिएक्शन
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पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद के मूल्यों से शुरूआत करते हुए न्यू इंडिया, स्किल्ड इंडिया और क्लीन इंडिया सहित कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। अपने संवाद में मोदी ने रोज डे का जिक्र किया। बोले, कॉलेज में स्टूडेंट अलग-अलग डे मनाते हैं। आज रोज डे है, आज ये डे है... कुछ लोग इसके विरोधी हैं लेकिन मैं नहीं। इतना सुनते ही पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मोदी ने इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हमने रोबोट तैयार नहीं करने हैं। हमें अच्छे इंसान चाहिए। क्या कभी किसी को विचार आता है कि हरियाणा का कॉलेज तय करे कि आज तमिल डे मनाएंगे। दूसरे राज्यों की संस्कृति अपनाएंगे।
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पीएम को सुनने को उमड़े युवा
पीएम के भाषण के लिए कानपुर यूनिवर्सिटी, डीबीएस कॉलेज, पीपीएन, आईआईटी कानपुर, पीएसआईटी, बीएनडी, अर्मापुर पीजी कॉलेज, यूपीटीटीआई सहित शहर के लगभग सभी शिक्षण संस्थानों में एलईडी की व्यवस्था कराई गई थी। पीएम को सुनने के लिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उमड़े थे।
यह सही है कि हम सभी देशवासियों को एक-दूसरे प्रदेश की संस्कृति जाननी चाहिए। पीएम मोदी के इन बातों ने काफी प्रभावित किया। हम इसको लेकर अलग-अलग कल्चर के इवेंट कराएंगे।
स्वप्निल
कल्चलर कोआर्डिनेटर
आईआईटी कानपुर
जब हमारे पीएम स्वच्छता के लिए इतनी कोशिश कर रहे हैं तो क्या हम कुछ नहीं कर सकते। हम सभी उनके इस मुहिम में उनके साथ हैं। अपने आस-पास साफ-सफाई रखेंगे।
आकाश जैन
आईआईटी कानपुर
पीएम मोदी की बातों ने काफी प्रभावित किया है। युवाओं के लिए उन्होंने कई बातें कहीं है। इन बातों का अनुसरण करना चाहिए और सभी को जीवन में आत्मसात करना चाहिए। तभी देश आगे बढ़ पाएगा।
डॉ. आरके सिंह
प्राचार्य
डीबीएस कॉलेज
स्वामी विवेकानंद की बातें पीएम मोदी के भाषण में झलकी। यह सभी के लिए प्रेरणादायक है। पीएम ने बेहद सरल शब्दों में समझाया कि खुद के साथ दूसरों के लिए भी जीवन में कुछ न कुछ करना चाहिए।
आरसी अवस्थी, रजिस्ट्रार
छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में सफलता का टिप्स दिया है। उन्होंने बताया कि सफलता नदी के किनारे खड़े होकर नहीं मिलती बल्कि नदी में उतरने के बाद उसे पार करने पर मिलती है।
प्रो. मनोज शुक्ला
एचबीटीयू