{"_id":"68bb30df019b4e045d0c3094","slug":"yamuna-water-level-rises-to-104-meters-concern-increases-kanpur-news-c-220-1-akb1006-131370-2025-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: यमुना का जल स्तर बढ़कर 104 मीटर पहुंचा, चिंता बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: यमुना का जल स्तर बढ़कर 104 मीटर पहुंचा, चिंता बढ़ी
Sat, 06 Sep 2025 12:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 06 Sep 2025 12:20 AM IST
विज्ञापन
आढन पथार पुलिया में नाव से मवेशियों के लिए चारा लेकर जाते ग्रामीण। संवाद
मूसानगर। चंबल के धौलपुर राजस्थान के इलाकों में हो रही बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। एक बार फिर से यमुना उफान पर है। शुक्रवार को यमुना का जलस्तर बढ़कर 104 मीटर तक पहुंच गया। इससे किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। किसान बाढ़ के खतरे को लेकर संसाधन जुटाने लगे हैं।
यमुना का जल स्तर बढ़ने से आढ़न-पथार की पुलिया डूब गई है। पुलिया डूबने से गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी होने लगी। इधर गांव से बाहर आने जाने के लिए लोग नाव का इस्तेमाल करने लगे हैं। ग्रामीण सुरेश, रामसजीवन, छोटे, वीरन ने बताया कि बार-बार नदी का जलस्तर बढ़ने से अब भय लगने लगा है। सही से लोग व्यवस्थित नहीं हो पाते और बाढ़ फिर आने लगती है। यमुना व सेंगुर नदी के तटवर्ती गांव के लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।
आढ़न-पथार की पुलिया सबसे पहले डूबने से आवागमन प्रभावित हो जाता है। फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। मवेशियों के लिए चारा की समस्या लगातार बनी हुई है। इधर तेजी से बढ़ रहे पानी को लेकर लोग मवेशियों के चारे व उन्हें सुरक्षित रखने के साथ संसाधन जुटाने लगे हैं। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार शाम तीन बजे यमुना नदी का जलस्तर 104.47 मीटर दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
एसडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि बढ़ते जल स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। अभी सिर्फ आढ़न-पथार की पुलिया पर पानी बह रहा है। जहां नाव के इंतजाम किए गए हैं। लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। सुरक्षा चौकियों में कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। लेखपाल लगातार रिपोर्ट कर रहे हैं।
विज्ञापन
यमुना का जल स्तर बढ़ने से आढ़न-पथार की पुलिया डूब गई है। पुलिया डूबने से गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी होने लगी। इधर गांव से बाहर आने जाने के लिए लोग नाव का इस्तेमाल करने लगे हैं। ग्रामीण सुरेश, रामसजीवन, छोटे, वीरन ने बताया कि बार-बार नदी का जलस्तर बढ़ने से अब भय लगने लगा है। सही से लोग व्यवस्थित नहीं हो पाते और बाढ़ फिर आने लगती है। यमुना व सेंगुर नदी के तटवर्ती गांव के लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।
विज्ञापन
आढ़न-पथार की पुलिया सबसे पहले डूबने से आवागमन प्रभावित हो जाता है। फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है। मवेशियों के लिए चारा की समस्या लगातार बनी हुई है। इधर तेजी से बढ़ रहे पानी को लेकर लोग मवेशियों के चारे व उन्हें सुरक्षित रखने के साथ संसाधन जुटाने लगे हैं। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार शाम तीन बजे यमुना नदी का जलस्तर 104.47 मीटर दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
एसडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि बढ़ते जल स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। अभी सिर्फ आढ़न-पथार की पुलिया पर पानी बह रहा है। जहां नाव के इंतजाम किए गए हैं। लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। सुरक्षा चौकियों में कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। लेखपाल लगातार रिपोर्ट कर रहे हैं।