{"_id":"6112d3118ebc3e76ff666012","slug":"yamuna-s-water-level-decreased-problem-remains-as-it-is-pukhrayan-news-knp6455161149","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुना का जलस्तर घटा, समस्या जस की तस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुना का जलस्तर घटा, समस्या जस की तस
विज्ञापन
Yamuna's water level decreased, problem remains as it is
- फोटो : PUKHRAYAN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुखरायां/मूसानगर। यमुना नदी का जलस्तर मंगलवार को एक मीटर घटने से लोगों को राहत हुई। हालांकि अभी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। प्रशासनिक अधिकारी, राजनैतिक दलों के नेताओं के अलावा अन्य सामाजिक कार्यकर्ता राशन, लंच पैकेट के साथ मोमबत्ती बांट रहे हैं। ग्रामीणाें का कहना है कि जब यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से कम हो जाएगा तब राहत मिलेगी। अभी भी यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से तीन मीटर ऊपर है।
यमुना नदी के बहाव से सेंगुर नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है, जिसकी चपेट में 27 गांव हैं। भोगनीपुर की तरफ ट्योगा, क्योंटरा, दिवैर की मडैंया, दौलतपुर, डिलौलिया बांगर, देवराहट, कलुआताला से होकर नगीना बांगर, चपरघटा, चपरेहटा, आढ़न, पथार, मुसरिया, चतुरीपुरवा, रसूलपुर, कुम्हापुर, हलिया, नयापुरवा, भुंडा, भरतौली, बम्हरौली घाट, अहरौली घाट, मौदन, गांव शामिल हैं। जलभराव रहने के कारण घरों की दीवारों में सीलन आ गई है। पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। कुछ लोग नाव से जाकर बाहर से पानी ला रहे हैं।
मुनींद्र, रामगणेश, श्यामू, मनोज, शत्रुघ्न आदि ने बताया कि जलस्तर घट रहा है, लेकिन अभी समय लगेगा। राशन व लंच पैकेट मिल रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी भी लगातार गांव आ रहे हैं। बाहर से पानी लाना सभी के बस की बात नहीं है।
विज्ञापन
एसडीएम दीपाली भार्गव ने बताया कि सभी बाढ़ ग्रस्त गांवों में नजर रखी जा रही है। राहत कार्य भी निरंतर चलाया जा रहा है। पानी घटने से कुछ राहत मिली है। ग्रमीणों की प्रत्येक समस्या का समाधान कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है। जिस रफ्तार से पानी घटना शुरू हुआ है, उससे जल्दी ही राहत मिलने की संभावना है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रक प्रभारी ज्ञानचंद्र के अनुसार यमुना नदी का जलस्तर 111.30 मीटर तक पहुंच गया है।
जलभराव से घर की दीवार गिरी
मूसानगर। क्योंटरा बांगर के जगदेव का घर एक सप्ताह से बाढ़ के पानी से घिरा रहने के कारण घर पीछे की दीवार मंगलवार को गिर गई। पानी घर के अंदर भी भर गया। (संवाद)
आढ़न पथार में ट्यूब पर बैठकर पानी से निकले लोग
मूसानगर। जलस्तर कम होने से नदी के बहाव की तीव्रता भी कम होने लगी है। जिससे आढ़न पथार गांव के युवक ट्यूब में बैठकर घूमते दिखाई दिए। कुछ सामान आदि भी उसी से बैठ कर ले आए। अभी बाढ़ से प्रभावित गांव के लोगों का छतों पर और ऊंचाई वाले स्थानों पर ही रुके हुए हैं। (संवाद)
राशन किट, लंच पैकेट के साथ बांटा हलुआ पूड़ी
मूसानगर। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के निजी सचिव राजेंद्र निषाद ने एक हजार लंच पैकैट और राशन वितरण कराई। महात्मा गांधी इंटर कालेज हलिया में ठहरे क्योंटरा बांगर के 15 परिवारों को खाद्यान्न बांटा। क्योटरा बांगर, नयापुरवा आदि गांवों में राशन वितरण कराया। वहीं, नय्यूम अली, अनिल गुप्ता, शिवम, रौनक, पूर्व प्रधान अनवर आदि ने 1500 लंच पैकेट वितरित कराए। वहीं, विधासागर त्रिपाठी, विनोद निषाद ,अनुज कुमार ने रमपुरा गांव में बच्चों को हलुआ पूड़ी बांटा। (संवाद)
घर में पानी भरने से पेड़ के सहारे छत पर चढ़ाया सामान
पुखरायां। दिवैर की मड़ैया में राजेश बाबू के घर में जल भराव हो जाने के कारण नीचे रहना मुश्किल हो गया। जल भराव के कारण जीने का दरवाजा नहीं खुल सका। जिसके लिए दरवाजे पर खड़े पेड़ के सहारे घर का सामान छत पर चढ़ाया। (संवाद)
जिलाधिकारी के निर्देश पर भेजा गया राशन
पुखरायां। ट्योगा के क्योंटरा गांव के शैलेंद्र सिंह निषाद ने जिलाधिकारी जेपी सिंह को मैसेज करके बताया था कि गांव में भेजी जा रही राशन सामग्री पर्याप्त नहीं है। जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। जिसपर मंगलवार को नायब तहसीलदार मनीष द्विवेदी नाव से राशन लेकर गांव पहुंचे। (संवाद)
फोटो कैप्शन
10पीयूकेपी1- केंद्रीय ग्रामीण मंत्री के निजी सचिव विद्यालय में विस्थापित लोगों को राशन देते हुए। संवाद
10पीयूकेपी2- रमपुरा में लंच पैकेट बांटते सपा नेता नरेंद्र पाल सिंह मनू।
10पीयूकेपी3- ट्योगा गांव में राशन किट बांटते विधायक विनोद कटियार व एसडीएम दीपाली भार्गव। संवाद
10पीयूकेपी4- पथार गांव में डूबे घर, हैंडपंप व कटिया मशीन। संवाद
10पीयूकेपी5- आढ़न पथार गांव में ट्यूब के सहारे पानी से निकलते लोग। संवाद
10पीयूकेपी6- आढ़न गांव में गृहस्थी का सामान ले जाते ग्रामीण। संवाद
10पीयूकेपी7- क्योंटरा में राशन बांटते लोग। संवाद
10पीयूकेपी8- दिवैर की मडै़या गांव में घर के नीचे का सामान पेड़ के सहारे छत पहुंचाते परिजन। संवाद
10पीयूकेपी10- ट्रैक्टर से उतरवा कर राशन सामग्री रखवाते नायब तहसीलदार मनीष द्विवेदी। संवाद
10पीयूकेपी11- विजयीपुर गांव के पास सेंगुर नदी का पानी भरने से गिरा विद्युत पोल। संवाद
10पीयूकेपी12- मुसरिया गांव में मवेशियों के चारे का इंतजाम करते पशुपालक। संवाद
10पीयूकेपी13- क्याेंटरा गांव पहुंचे सीएमओ और दवाइयां बांटते चिकित्सक। संवाद
10पीयूकेपी14- रमपुरा गांव में बच्चों को हलुआ पूड़ी बांटते लोग। संवाद
10पीयूकेपी15- जलभराव से क्योंटरा बांगर गांव में गिरी घर की दीवार। संवाद
10पीयूकेपी16- चपरघटा मंदिर के पास नाव का इंतजार करते ग्रामीण। संवाद
10पीयूकेपी20- पथार में राशन किट बांटते सपा नेता वीरसेन यादव व तहसीलदार अनीता शेखर। संवाद
विज्ञापन
यमुना नदी के बहाव से सेंगुर नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है, जिसकी चपेट में 27 गांव हैं। भोगनीपुर की तरफ ट्योगा, क्योंटरा, दिवैर की मडैंया, दौलतपुर, डिलौलिया बांगर, देवराहट, कलुआताला से होकर नगीना बांगर, चपरघटा, चपरेहटा, आढ़न, पथार, मुसरिया, चतुरीपुरवा, रसूलपुर, कुम्हापुर, हलिया, नयापुरवा, भुंडा, भरतौली, बम्हरौली घाट, अहरौली घाट, मौदन, गांव शामिल हैं। जलभराव रहने के कारण घरों की दीवारों में सीलन आ गई है। पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। कुछ लोग नाव से जाकर बाहर से पानी ला रहे हैं।
विज्ञापन
मुनींद्र, रामगणेश, श्यामू, मनोज, शत्रुघ्न आदि ने बताया कि जलस्तर घट रहा है, लेकिन अभी समय लगेगा। राशन व लंच पैकेट मिल रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी भी लगातार गांव आ रहे हैं। बाहर से पानी लाना सभी के बस की बात नहीं है।
विज्ञापन
एसडीएम दीपाली भार्गव ने बताया कि सभी बाढ़ ग्रस्त गांवों में नजर रखी जा रही है। राहत कार्य भी निरंतर चलाया जा रहा है। पानी घटने से कुछ राहत मिली है। ग्रमीणों की प्रत्येक समस्या का समाधान कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है। जिस रफ्तार से पानी घटना शुरू हुआ है, उससे जल्दी ही राहत मिलने की संभावना है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रक प्रभारी ज्ञानचंद्र के अनुसार यमुना नदी का जलस्तर 111.30 मीटर तक पहुंच गया है।
जलभराव से घर की दीवार गिरी
मूसानगर। क्योंटरा बांगर के जगदेव का घर एक सप्ताह से बाढ़ के पानी से घिरा रहने के कारण घर पीछे की दीवार मंगलवार को गिर गई। पानी घर के अंदर भी भर गया। (संवाद)
आढ़न पथार में ट्यूब पर बैठकर पानी से निकले लोग
मूसानगर। जलस्तर कम होने से नदी के बहाव की तीव्रता भी कम होने लगी है। जिससे आढ़न पथार गांव के युवक ट्यूब में बैठकर घूमते दिखाई दिए। कुछ सामान आदि भी उसी से बैठ कर ले आए। अभी बाढ़ से प्रभावित गांव के लोगों का छतों पर और ऊंचाई वाले स्थानों पर ही रुके हुए हैं। (संवाद)
राशन किट, लंच पैकेट के साथ बांटा हलुआ पूड़ी
मूसानगर। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के निजी सचिव राजेंद्र निषाद ने एक हजार लंच पैकैट और राशन वितरण कराई। महात्मा गांधी इंटर कालेज हलिया में ठहरे क्योंटरा बांगर के 15 परिवारों को खाद्यान्न बांटा। क्योटरा बांगर, नयापुरवा आदि गांवों में राशन वितरण कराया। वहीं, नय्यूम अली, अनिल गुप्ता, शिवम, रौनक, पूर्व प्रधान अनवर आदि ने 1500 लंच पैकेट वितरित कराए। वहीं, विधासागर त्रिपाठी, विनोद निषाद ,अनुज कुमार ने रमपुरा गांव में बच्चों को हलुआ पूड़ी बांटा। (संवाद)
घर में पानी भरने से पेड़ के सहारे छत पर चढ़ाया सामान
पुखरायां। दिवैर की मड़ैया में राजेश बाबू के घर में जल भराव हो जाने के कारण नीचे रहना मुश्किल हो गया। जल भराव के कारण जीने का दरवाजा नहीं खुल सका। जिसके लिए दरवाजे पर खड़े पेड़ के सहारे घर का सामान छत पर चढ़ाया। (संवाद)
जिलाधिकारी के निर्देश पर भेजा गया राशन
पुखरायां। ट्योगा के क्योंटरा गांव के शैलेंद्र सिंह निषाद ने जिलाधिकारी जेपी सिंह को मैसेज करके बताया था कि गांव में भेजी जा रही राशन सामग्री पर्याप्त नहीं है। जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। जिसपर मंगलवार को नायब तहसीलदार मनीष द्विवेदी नाव से राशन लेकर गांव पहुंचे। (संवाद)
फोटो कैप्शन
10पीयूकेपी1- केंद्रीय ग्रामीण मंत्री के निजी सचिव विद्यालय में विस्थापित लोगों को राशन देते हुए। संवाद
10पीयूकेपी2- रमपुरा में लंच पैकेट बांटते सपा नेता नरेंद्र पाल सिंह मनू।
10पीयूकेपी3- ट्योगा गांव में राशन किट बांटते विधायक विनोद कटियार व एसडीएम दीपाली भार्गव। संवाद
10पीयूकेपी4- पथार गांव में डूबे घर, हैंडपंप व कटिया मशीन। संवाद
10पीयूकेपी5- आढ़न पथार गांव में ट्यूब के सहारे पानी से निकलते लोग। संवाद
10पीयूकेपी6- आढ़न गांव में गृहस्थी का सामान ले जाते ग्रामीण। संवाद
10पीयूकेपी7- क्योंटरा में राशन बांटते लोग। संवाद
10पीयूकेपी8- दिवैर की मडै़या गांव में घर के नीचे का सामान पेड़ के सहारे छत पहुंचाते परिजन। संवाद
10पीयूकेपी10- ट्रैक्टर से उतरवा कर राशन सामग्री रखवाते नायब तहसीलदार मनीष द्विवेदी। संवाद
10पीयूकेपी11- विजयीपुर गांव के पास सेंगुर नदी का पानी भरने से गिरा विद्युत पोल। संवाद
10पीयूकेपी12- मुसरिया गांव में मवेशियों के चारे का इंतजाम करते पशुपालक। संवाद
10पीयूकेपी13- क्याेंटरा गांव पहुंचे सीएमओ और दवाइयां बांटते चिकित्सक। संवाद
10पीयूकेपी14- रमपुरा गांव में बच्चों को हलुआ पूड़ी बांटते लोग। संवाद
10पीयूकेपी15- जलभराव से क्योंटरा बांगर गांव में गिरी घर की दीवार। संवाद
10पीयूकेपी16- चपरघटा मंदिर के पास नाव का इंतजार करते ग्रामीण। संवाद
10पीयूकेपी20- पथार में राशन किट बांटते सपा नेता वीरसेन यादव व तहसीलदार अनीता शेखर। संवाद