फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   XEN of Jal Nigam could not count the projects properly, MP expressed displeasure

Kanpur News: ठीक से परियोजनाएं नहीं गिना सके जल निगम के एक्सईएन, सांसद ने जताई नाराजगी

Sat, 08 Mar 2025 01:55 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sat, 08 Mar 2025 01:55 AM IST
विज्ञापन
XEN of Jal Nigam could not count the projects properly, MP expressed displeasure
कानपुर देहात। कलक्ट्रेट सभागार में हुई जिला विकास समन्वय और निगरानी समित (दिशा) की बैठक में बिजली, पानी, सड़क का मुद्दा छाया रहा। जल निगम के एक्सईएन द्वारा पूरी हो चुकी परियोजनाएं ठीक से गिनकर न बता पाने पर सांसद ने नाराजगी जताई।
विज्ञापन

अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने पिछली बैठक की समीक्षा करते हुए प्रगति जानी। बैठक पर बिंदुवार चर्चा हो रही थी कि जनप्रतिनिधियों ने बिजली, पानी, सड़क के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य के मुद्दे रखने शुरू कर दिए। इस पर सांसद ने एक एक से अपनी बात रखने की बात कही। मलासा ब्लॉक प्रमुख स्वतंत्र पासवान, निगरानी समिति के सदस्य फूलचंद्र कठेरिया व राजेश तिवारी ने बताया कि गांव में जल जीवन मिशन के तहत भले ही जिम्मेदार घरों तक पानी पहुंचने का दावा कर रहे हो, लेकिन पानी नहीं पहुंच रहा है।
विज्ञापन

कई जगह सड़कें खोद कर डाल दी गई हैं, जो सालों से अधूरी पड़ी है। इससे लोगों को परेशानी होती है। इस पर सांसद ने जल निगम के एक्सईएन एमके सिंह से पूछा कि जिले में कितनी परियोजनाओं पर काम चल रहा है और इन्हें कब तक पूरा किया जाना था। इस पर एक्सईन ने जवाब दिया कि जिले में 506 परियोजनाओं पर चार कार्यदायी संस्था आईएचपी, जीवीपीआर, एससीएल-वीएसए, वीटीएल गाजा काम कर रही हैं। सभी परियोजनाओं को 31 मार्च 2024 तक पूरा किया जाना था। इसमें से 197 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। जिनसे घरों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। एक्सईएन के इतना कहते ही जनप्रतिनिधियों ने इसे गलत ठहराना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस पर सांसद ने ब्लॉकवार पूरी हो चुकी परियोजनाएं पढ़कर सभी के सामने गिनाने के लिए एक्सईएन को कहा तो वह 179 परियोजनाएं गिना सके। इस पर सांसद का पारा हाई हो गया। सांसद ने कहा कि आप को ठीक से परियोजनाओं की जानकारी नहीं। इससे ये पता चलता है कि आप काम को लेकर गंभीर नहीं है। सांसद ने जिलाधिकारी आलोक सिंह से समीक्षा करने की बात कही। कहा कि आरडी समिति भारत सरकार को रिपोर्ट भेजें। इस दौरान राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, अजीत सिंह पाल, इटावा सांसद जितेंद्र दोहरे, कन्नौज सांसद अखिलेश यादव के प्रतिनिधि शिवकुमार बेरिया, रसूलाबाद विधायक पूनम संखवार, जिलाधिकारी आलोक सिंह, सीडीओ लक्ष्मी आदि अधिकारी रहे।
..................
बैठक में विभागवार समीक्षा के बिंदु
जल निगम:
सांसद: एक्सईएन साहब जल जीवन मिशन के तहत कितनी परियोजनाएं पूरी हो चुकी है।
एक्सईएन : 506 में 197 परियोजनाएं पूरी हैं।
सांसद: जल निगम की परियोजनाएं कब तक पूरी होनी थी।
एक्सईएन: चार कार्यदायी संस्था काम कर रही है, इन्हें 31 मार्च 2024 तक पूरा होना था।
सांसद: एक साल से काम क्यों लटका है।
एक्सईएन: कार्यदायी संस्थानाओं ने मैन पॉवर की कमी बताई थी।
सांसद: काम कब आवंटित हुआ
एक्सईएन: वर्ष 2021 में
सांसद: एक्सईएन साहब आप ने गंभीरता नहीं दिखाई, कार्यदायी संस्था के लोग कभी मीटिंग में नहीं आते। इसीलिए पानी नहीं पहुंच रहा है।
जिलाधिकारी : 197 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जहां टंकी अधूरी है वहां सुबह शाम डायरेक्ट आपूर्ति की जा रही है।
..............
बिजली निगम
सांसद : बिजली निगम के अफसर मनानी कर रहे हैं। मेरे पास कहिंजरी के देवी सहाय का मामला सामने आया। जिसमें दो माह का बिल बकाया होने पर फर्जी तरीके से रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।
एक्सईएन रसूलाबाद : सर मामले में जांच चल रही है।
सांसद : एसडीएम रसूलाबाद ने जांच कर रिपोर्ट दे दी, आप को कुछ पता है। आपने वीडियो ग्राफी नहीं कराई, बिना जांच के एफआईआर करा दी।
परियोजना निदेशक : सर जांच रिपोर्ट आ गई है।
सांसद : पढ़ कर सुनाइएं।
परियोजना निदेशक : कहिंजरी मामले में एसडीएम की रिपोर्ट में पीड़ित ने अपने बयान में बताया है कि पांच जनवरी 2022 को पुत्र शिव बदन सो रहा था। आटा चक्की बंद थी, बिजली निगम के लोग आए पिसाई रजिस्टर उठा ले गए। बेटे से 50 हजार की मांग की। पुत्र को कानपुर बुलाया गया। रुपये न दे पाने पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
सांसद: और क्या है रिपोर्ट में
परियोजना निदेशक: रिपोर्ट में बताया गया कि निरीक्षण के तीन माह पूर्व बाद में बिल में कोई अंतर प्रतीत नहीं होता है। फिर भी एक लाख का बिल थमाया गया।
सांसद: पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
अजीत सिंह पाल (राज्यमंत्री) : मेरे क्षेत्र में एक मृतक के नाम बिजली निगम के अधिकारियों ने दोबारा कनेक्शन कर दिया।
सांसद: कौन है यह भी इन्हें बता दीजिए
राज्यमंत्री: मंगलपुर का चंद्रभान कुशवाहा
सांसद: इसके बारे में कौन बताएगा, यह कैसे हुआ।
एक्सईएन: सर पुराना मामला है, जांच चल रही है।
...........
मनमानी करते बिजली निगम के अफसर : जितेंद्र सिंह
बैठक में निगरानी समिति के सदस्य व पूर्व चेयरमैन अकबरपुर जितेंद्र सिंह गुड्डन ने बिजली निगम के अधिकारियों पर मनमानी के आरोप लगाए। कहा कि अकबरपुर के एक गेस्ट हाउस में जिस स्थान पर पीएसी बल ठहरा, वहां पुलिस ने बिजली के लिए लाइन दी गई थी। बिजली निगम के अधिकारियों ने गेस्ट हाउस संचालक पर नौ लाख का जुर्माना लगाते हुए रिपोर्ट करा दी। इसके बाद मामला निपटाने के नाम पर साढे तीन लाख पर आए और अब डेढ़ लाख की बात कही जा रही है। जबकि पुलिस व बिजली निगम ने स्वयं लाइन डाली थी। इसमें गेस्ट हाउस संचालन से कोई मतलब नहीं रहा। उसे तो किराया तक नहीं मिला। इस सांसद देवेंद्र सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई और जिलाधिकारी से मामले में शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
.............
हाईवे के गड्ढे शीघ्र कराए ठीक
कानपुर-झांसी हाईवे की खराब सड़क और गड्ढों से हो रहे हादसों का मुद्दा भी बैठक में उठा। इस पर सांसद ने एनएचएआई के अधिकारियों से नाराजगी जताई। इस पर एनएचएआई द्वारा अवगत कराया गया कि रख-रखाव व रोड मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया की गई है, शीघ्र ही कार्य प्रारंभ होगा। सांसद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र काम कराने के लिए कहा। वहीं, पटेल चौक पुखरायां के चौड़ीकरण व सर्विस रोड के मरम्मत का भी मुद्दा समिति के समक्ष रखा गया, जिस पर एनएचएआई के अधिकारियों ने शीघ्र प्रस्ताव भेजकर कार्य कराने को कहा।
...............
डेरापुर में शीघ्र चालू कराए अल्ट्रासाउंड मशीन
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में डेरापुर सीएचसी में कई खामियों की बात सामने आई। अल्ट्रासाउंड मशीन के संचालन न होने की जनप्रतिनिधियों ने बात रखी। इस पर सांसद ने सीएमओ डॉ. एके सिंह से जानकारी की। सीएमओ ने बताा कि रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण डेरापुर में अल्ट्रासाउण्ड मशीन का संचालन नहीं हो पा रहा है। डाक्टर को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। सीएचसी पुखरायां में टेलीमेडिसिन सेंटर न संचालित होने की जानकारी दी गई। इस पर सीएमओ ने कहा कि पुखरायां में टेलीमेडिसिन सेंटर शीघ्र चालू कराया जाएगा।

..........

वन विभाग से मांगा खर्च का ब्योरा निगरानी समिति के सदस्य फूलचंद्र कठेरिया ने कहा कि लाखों का बजट खर्च होने के बाद भी लगाए गए पौधे सुरक्षित नहीं है। उन्होंने डीएफओ से गड्ढा खुदाई, जिप्सम खाद, तार बंदी, ट्रीगार्ड में खर्च हुए बजट की जानकारी देने की बात कही। इस पर सांसद ने कहा कि कितना बजट था, किस किस मद में कितना दिया गया और कितना खर्च हुआ, इसका ब्योरा उपलब्ध कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed