ओलंपिक 2020 की तैयारियों में जुटे बजरंग पूनिया, बोले- देश के लिए पदक लाना मेरा सपना
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पहलवान बजरंग पूनिया ने ओलंपिक 2020 को लेकर अपनी दशा और दिशा स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि मेरा सपना ओलंपिक 2020 में देश के लिए पदक लाना है जिसको लेकर कड़ा अभ्यास कर रहा हूं और इंजरी से बच रहा हूं।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षक शाको पिछले डेढ़ साल से मुझे कुश्ती के दाव पेंच सिखा रहे हैं। उनकी वजह से मेरी कुश्ती में काफी बदलाव आया है और अब मैं यह दांव पेंच ओलंपिक में आजमाऊंगा।
बजरंग पूनिया ने कहा कि हमारे हरियाणा की मिट्टी में खुशबू है जिसने मुझे पूरी दुनिया में पहचान दिलाई है। यदि हर गांव और शहर में कुश्ती होने लगे तो इस खेल के प्रति लोग जागरूक होंगे।
सौरभ गांगुली को बीसीसीआई अध्यक्ष बनाए जाने की बात पर पूनिया ने कहा कि वह क्रिकेट की हर बारीकियों को जानते हैं और अब क्रिकेट में निखार आएगा। राजनीति में जाना चाहते हैं या नहीं, इस पर बजरंग पूनिया ने कहा कि अभी जीवन बहुत लंबा है। सारा फोकस खेल की तरफ है। अभी राजनीति में जाने का कोई विचार नहीं किया है।
गांव स्तर पर हो मैच, मिले सुविधाएं
ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक ने कहा कि यदि गांव और ब्लॉक स्तर पर कुश्ती का आयोजन समय-समय पर किया जाए तो इस खेल का विकास होगा। अभी सुविधाएं न मिलने के कारण घर वाले अपने बच्चों को इस खेल की तरफ नहीं भेजते हैं।
सरकार ने कुश्ती के लिए बहुत कुछ किया है। लड़कियों के लिए भी कुश्ती में काफी रास्ते हैं। अब समाज में काफी बदलाव आया है। बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ और बेटी खिलाओ होना चाहिए।
साक्षी ने कहा कि टोकियों में होने वाली चैंपियनशिप को लेकर वह अपनी तैयारी कर रही हैं। साक्षी अपने पति अर्जुन अवार्डी सत्यव्रत के साथ कार्यक्रम में शिरकत करने आई थीं। साक्षी ने कहा कि उनके ससुर सत्यवान केदान कुश्ती के प्रशिक्षक हैं, उन्हीं की देखरेख में कुश्ती के दांव पेंच सीख रहीं हूं। राजनीति से मैं काफी दूर हूं।
इंटरनेशनल चैंपियनशिप में पदक जीतना है
कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता पहलवान नरसिंह यादव ने कहा कि आगामी इंटरनेशनल चैंपियनशिप को लेकर वह कड़ी तैयारी कर रहें हैं। नरसिंह ने कहा कि आने वाले समय में कुश्ती में काफी खिलाड़ी दिखाई देंगे, क्योंकि सरकार कुश्ती के लिए काफी कुछ सुविधाएं दे रही हैं।
देश विदेश में होने वाली कुश्ती में खिलाड़ियों को काफी सुविधाएं मिलती हैं। बचपन से ही कुश्ती में दिलचस्पी थी। कुश्ती से ही मेरी पूरे देश में पहचान बनी है। आगे भी जीत के क्रम को जारी रखना है।