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Kanpur News: हितैषी ग्राम पंचायत पहल के तहत सशक्त होंगी महिलाएं
Wed, 07 Oct 2026 01:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:26 AM IST
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कानपुर देहात। जनपद की महिलाओं को पंचायत के फैसलों, शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में पहल शुरू की गई है। पंचायती राज मंत्रालय की आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत पहल के तहत दो ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इसमें महिलाओं को योजनाओं का लाभार्थी बनाने के साथ-साथ उन्हें सशक्त बनाया जाएगा।
पंचायत को महिला हितैषी मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़े मानकों पर काम होगा। इस पहल का लक्ष्य पंचायत में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, मातृ-शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम करना, पंचायत की बैठकों में महिलाओं की नियमित भागीदारी बढ़ाना और महिला अपराध को कम करना है। साथ ही प्राथमिक से उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्तर तक बालिकाओं की पढ़ाई जारी रखने तथा स्कूल छोड़ने की दर को न्यूनतम करने पर जोर रहेगा। पंचायत की बैठकों में महिलाओं और बालिकाओं की अधिक-से-अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। गांव में स्वयं सहायता समूह सक्रिय किया जाएगा। महिलाओं को बैंक से ऋण लेकर बकरी पालन, मुर्गी पालन समेत दूसरे कारोबार शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
डीपीआरओ ने बताया कि जनपद में अकबरपुर ब्लॉक के गैजूमऊ व मैथा ब्लॉक के कारी कलवारी ग्राम पंचायत को आदर्श महिला हितैषी पंचायत के रूप में चयनित किया गया है। यहां पंचायत की बैठकों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों को महिला संबंधी कानूनों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना समेत महिला कल्याण की योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा बेटियों के स्कूल जाने और महिलाओं के शैक्षिक स्तर में सुधार व पंचायत स्तर पर महिला हेल्प डेस्क, सीसीटीवी और महिला सुरक्षा से जुड़े उपायों पर भी काम किया जाएगा। कहा अभी 618 ग्राम पंचायतों में सिर्फ दो का चयन हुआ है, ये गांव अब नजीर बनेगा।
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बयान.......
केंद्र की इस पहल का उद्देश्य हर जिले में कम से कम एक आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत विकसित करना है। पंचायत सूचकांकों में भी बालिकाओं की प्राथमिक से उच्च प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में संक्रमण, संस्थागत प्रसव, महिला सहभागिता, स्वयं सहायता समूहों के बैंक ऋण, मातृ वंदना योजना और महिला अपराध जैसे संकेतकों को महिला हितैषी पंचायत के आकलन में शामिल किया गया है। - विकास पटेल, डीपीआरओ
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महिला हितैषी पंचायत के प्रमुख लक्ष्य
- शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव
- मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी
- महिलाओं की पंचायत बैठकों में नियमित भागीदारी
- महिला अपराध में कमी
- बालिकाओं की शिक्षा में निरंतरता
- स्कूल छोड़ने की दर कम करना
- स्वयं सहायता समूहों और बैंक ऋण से महिलाओं को जोड़ना
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पंचायत को महिला हितैषी मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़े मानकों पर काम होगा। इस पहल का लक्ष्य पंचायत में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, मातृ-शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम करना, पंचायत की बैठकों में महिलाओं की नियमित भागीदारी बढ़ाना और महिला अपराध को कम करना है। साथ ही प्राथमिक से उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्तर तक बालिकाओं की पढ़ाई जारी रखने तथा स्कूल छोड़ने की दर को न्यूनतम करने पर जोर रहेगा। पंचायत की बैठकों में महिलाओं और बालिकाओं की अधिक-से-अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। गांव में स्वयं सहायता समूह सक्रिय किया जाएगा। महिलाओं को बैंक से ऋण लेकर बकरी पालन, मुर्गी पालन समेत दूसरे कारोबार शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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डीपीआरओ ने बताया कि जनपद में अकबरपुर ब्लॉक के गैजूमऊ व मैथा ब्लॉक के कारी कलवारी ग्राम पंचायत को आदर्श महिला हितैषी पंचायत के रूप में चयनित किया गया है। यहां पंचायत की बैठकों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों को महिला संबंधी कानूनों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना समेत महिला कल्याण की योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा बेटियों के स्कूल जाने और महिलाओं के शैक्षिक स्तर में सुधार व पंचायत स्तर पर महिला हेल्प डेस्क, सीसीटीवी और महिला सुरक्षा से जुड़े उपायों पर भी काम किया जाएगा। कहा अभी 618 ग्राम पंचायतों में सिर्फ दो का चयन हुआ है, ये गांव अब नजीर बनेगा।
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केंद्र की इस पहल का उद्देश्य हर जिले में कम से कम एक आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत विकसित करना है। पंचायत सूचकांकों में भी बालिकाओं की प्राथमिक से उच्च प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में संक्रमण, संस्थागत प्रसव, महिला सहभागिता, स्वयं सहायता समूहों के बैंक ऋण, मातृ वंदना योजना और महिला अपराध जैसे संकेतकों को महिला हितैषी पंचायत के आकलन में शामिल किया गया है। - विकास पटेल, डीपीआरओ
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महिला हितैषी पंचायत के प्रमुख लक्ष्य
- शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव
- मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी
- महिलाओं की पंचायत बैठकों में नियमित भागीदारी
- महिला अपराध में कमी
- बालिकाओं की शिक्षा में निरंतरता
- स्कूल छोड़ने की दर कम करना
- स्वयं सहायता समूहों और बैंक ऋण से महिलाओं को जोड़ना