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समूह की महिलाओं ने बनाया हर्बल गुलाल
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रंजीतपुर गांव में हर्बल गुलाल बनाती समूह की महिलाएं।
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। मैथा के रंजीतपुर व छतैनी गांव में समूह की महिलाओं ने हर्बल गुलाल तैयार किया है। इसकी जिले में खूब तारीफ हो रही है। सीडीओ ने महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए लोगों से हर्बल गुलाल खरीदने की अपील की है।
जिले में सीडीओ सौम्या पांडेय की देखरेख में समूह की महिलाएं कुछ न कुछ अलग कर आमदनी बढ़ा रही हैं। इस बार होली के त्योहार को लेकर मैथा ब्लाक के रंजीतपुर गांव में नारायण स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने हर्बल गुलाल तैयार किया है। इसकी क्षेत्र में खूब बिक्री भी हो रही है। समूह की सुनीता और पप्पी ने बताया कि यह गुलाल हल्दी, गाजर, पालक के जूस को गुलाब जल व आरारोट पाउडर में मिलाकर बनाया गया है। गुलाल में सुगंध के लिए गुलाब का इत्र मिलाया गया है।
सीडीओ सौम्या पांडेय ने बताया कि इसके प्रयोग से त्वचा रोग संबंधी किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। यह गुलाल सेहत के लिए हानिकारक नहीं है। लोग बाजार के केमिकल युक्त गुलाल से बचें। फिलहाल दो समूहों ने 13 किलो गुलाल तैयार किया है। ब्लाक स्तर पर स्टाल लगाकर इसकी बिक्री की जाएगी। सौ ग्राम हर्बल गुलाल की कीमत बीस रुपये है। अभी तक एक हजार रुपये की बिक्री हो चुकी है। सीडीओ लोगों को हर्बल गुलाल का प्रयोग करने की सलाह दी। ताकि समूह की महिलाओं की आमदनी बढ़े और उन्हें प्रोत्साहन मिल सके।
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जिले में सीडीओ सौम्या पांडेय की देखरेख में समूह की महिलाएं कुछ न कुछ अलग कर आमदनी बढ़ा रही हैं। इस बार होली के त्योहार को लेकर मैथा ब्लाक के रंजीतपुर गांव में नारायण स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने हर्बल गुलाल तैयार किया है। इसकी क्षेत्र में खूब बिक्री भी हो रही है। समूह की सुनीता और पप्पी ने बताया कि यह गुलाल हल्दी, गाजर, पालक के जूस को गुलाब जल व आरारोट पाउडर में मिलाकर बनाया गया है। गुलाल में सुगंध के लिए गुलाब का इत्र मिलाया गया है।
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सीडीओ सौम्या पांडेय ने बताया कि इसके प्रयोग से त्वचा रोग संबंधी किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। यह गुलाल सेहत के लिए हानिकारक नहीं है। लोग बाजार के केमिकल युक्त गुलाल से बचें। फिलहाल दो समूहों ने 13 किलो गुलाल तैयार किया है। ब्लाक स्तर पर स्टाल लगाकर इसकी बिक्री की जाएगी। सौ ग्राम हर्बल गुलाल की कीमत बीस रुपये है। अभी तक एक हजार रुपये की बिक्री हो चुकी है। सीडीओ लोगों को हर्बल गुलाल का प्रयोग करने की सलाह दी। ताकि समूह की महिलाओं की आमदनी बढ़े और उन्हें प्रोत्साहन मिल सके।
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