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'शराब और बीयर के शौकीन हैं' तो जरूर पढ़ लें ये खबर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 22 Mar 2018 10:17 PM IST
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शासन ने शराब कारोबार में माफियाओं पर रोक लगाने के लिए पहले ई-लाटरी की व्यवस्था लागू की। इसके बाद एक और नया कदम उठाया है। शराब व बीयर के शौकीन लोग सुबह से चीयर्स नहीं कर पाएंगे। एक अप्रैल से जिले में दोपहर 12 बजे से दुकानें खुलेंगी, वहीं, रात 10 बजे इसके बंद करना होगा।
शटर के नीचे से होती थी दारू सप्लाई
डेमाे पिक
कानपुर देहातः प्रदेश सरकार शराब कारोबार में कायम माफियाराज खत्म करने के लिए पहले तो दुकानों के लिए ऑन लाइन आवेदन करने की व्यवस्था लागू की। सामान्य लोग इस व्यवस्था के तहत आवेदन कर सके। जबकि पिछली सरकारों में दुकानें लगातार कई वर्षों से नवीनीकरण की जा रही थीं। शासन ने दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया आनलाइन कराने के बाद नया निर्देश जारी कर दिया है।
नई व्यवस्था के तहत एक अप्रैल से दोपहर 12 बजे के बाद ही शराब की दुकानें खुलेंगी। अभी तक कहीं सुबह सात बजे तो कहीं आठ बजे ही दुकानें गुलजार हो जाती हैं। रात में दुकानें बंद करने के नियम पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शासन ने पूरे दिन हो रही नशेबाजी व दुकानों में मनमानी खत्म करने के लिए कदम उठा लिया है। जानकारों की माने तो यह पहल अधिकारी व शराब माफियाओं का गठजोड़ खत्म करने के लिए की गई है। वर्तमान में दुकानें संचालित किए जाने का समय सुबह 9 बजे से रात 11 बजे तक है।
नई व्यवस्था के तहत एक अप्रैल से दोपहर 12 बजे के बाद ही शराब की दुकानें खुलेंगी। अभी तक कहीं सुबह सात बजे तो कहीं आठ बजे ही दुकानें गुलजार हो जाती हैं। रात में दुकानें बंद करने के नियम पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शासन ने पूरे दिन हो रही नशेबाजी व दुकानों में मनमानी खत्म करने के लिए कदम उठा लिया है। जानकारों की माने तो यह पहल अधिकारी व शराब माफियाओं का गठजोड़ खत्म करने के लिए की गई है। वर्तमान में दुकानें संचालित किए जाने का समय सुबह 9 बजे से रात 11 बजे तक है।
शटर के नीचे से होती थी दारू सप्लाई
डेमाे पिक
ई-लाटरी के बाद ठेकेदारों को दी जा रही नियमावली
कानपुर देहात। ई-लाटरी निकलने के बाद ठेकेदारों को नई नियमावली से दुकानें चलाने का निर्देश थमाया जा रहा है। आबकारी अधिकारी उन ठेकेदारों को नियमों के बारे में बता रहे हैं जिनकी दुकानें ई लाटरी में निकली हैं। अभी 31 मार्च तक वहीं पुराने नियमानुसार ही दुकानें खुलेंगी।
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शटर के नीचे से होती थी दारू सप्लाई
नगरीय व देहात क्षेत्र में शराब की दुकानों के खोलने व बंद करने के नियम को माना नहीं जा रहा है। नगरीय क्षेत्र में रात 12 से 1 बजे तक दुकानें खुली नजर आ जाती हैं, वहीं कई जगह तो पूरी रात शटर के नीचे से शराब लेने की सुविधा चलती रहती है। जहां अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। गजनेर, सरवनखेड़ा, रनियां, झींझक, पुखरायां, रसूलाबाद आदि क्षेत्रों में पूरी रात शराब की बिक्री की जाती है। रात में दुकान बंद करने के नियम की बात की जाए तो कुछ जगह अगर पुलिस ने सख्ती की तो शटर गिरा दिया जाता है लेकिन बिक्री पूरी रात होती रहती है।
नई व्यवस्था के तहत एक अप्रैल से दुकानों के संचालन के समय में बदलाव किया गया है। इसके बाबत सभी ठेकेदारों को अवगत कराया जा रहा है। निर्धारित समय के अंदर ही दुकानों का संचालन करने दिया जाएगा। अगर इसका पालन नहीं किया तो संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई होगी
- हेमंत चौधरी, जिला आबकारी अधिकारी
कानपुर देहात। ई-लाटरी निकलने के बाद ठेकेदारों को नई नियमावली से दुकानें चलाने का निर्देश थमाया जा रहा है। आबकारी अधिकारी उन ठेकेदारों को नियमों के बारे में बता रहे हैं जिनकी दुकानें ई लाटरी में निकली हैं। अभी 31 मार्च तक वहीं पुराने नियमानुसार ही दुकानें खुलेंगी।
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शटर के नीचे से होती थी दारू सप्लाई
नगरीय व देहात क्षेत्र में शराब की दुकानों के खोलने व बंद करने के नियम को माना नहीं जा रहा है। नगरीय क्षेत्र में रात 12 से 1 बजे तक दुकानें खुली नजर आ जाती हैं, वहीं कई जगह तो पूरी रात शटर के नीचे से शराब लेने की सुविधा चलती रहती है। जहां अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। गजनेर, सरवनखेड़ा, रनियां, झींझक, पुखरायां, रसूलाबाद आदि क्षेत्रों में पूरी रात शराब की बिक्री की जाती है। रात में दुकान बंद करने के नियम की बात की जाए तो कुछ जगह अगर पुलिस ने सख्ती की तो शटर गिरा दिया जाता है लेकिन बिक्री पूरी रात होती रहती है।
नई व्यवस्था के तहत एक अप्रैल से दुकानों के संचालन के समय में बदलाव किया गया है। इसके बाबत सभी ठेकेदारों को अवगत कराया जा रहा है। निर्धारित समय के अंदर ही दुकानों का संचालन करने दिया जाएगा। अगर इसका पालन नहीं किया तो संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई होगी
- हेमंत चौधरी, जिला आबकारी अधिकारी