अगर हम अाप से कहें कि यूपी में एक शहर एेसा है जहां के लाेग हजाराें किलाे भांग एक साल में खा जाते हैं ताे अापकाे इस बात पर यकीन नहीं अाएगा पर सच यही है। हम अापकाे अाज उस शहर से रूबरू करवाने जा रहे हैं जहां के लाेग एक साल में कई हजार किलाे भांग चट कर जाते हैं।
कनपुरिए हर साल 46 हजार किलो भांग खा जाते हैं। इस साल भी इतनी भांग का ठेका उठा है। जिले की सभी 70 दुकानें एक करोड़ 74 लाख 45 हजार रुपये में नीलाम हुईं। जिले में भांग की 70 दुकानें हैं। इनमें से 32 दुकानें ही पिछले वर्ष तक चल रही थीं। इस बार 30 दुकानों के लिए ही आवेदन आए।
3 of 4
भांग से बनते हैं इतने सामान
इस पर एक करोड़ 74 लाख 45 हजार की बोली लगाई गई। इसमें नौ लाख 20 हजार रुपये लाइसेंस फीस शामिल है। आबकारी अधिकारी ने बताया कि पिछले साल भी 46 हजार किलो भांग बिक्री का ठेका था। इस साल भी इतनी ही बिक्री का ठेका है।
दुकान वार आवेदन न आने के कारण आबकारी विभाग ने सभी 70 दुकानों को 10 सर्किल में बांटा। इस तरह सात-सात दुकानों की बोली लगाने को कहा गया। एडीएम फाइनेंस संजय चौहान ने बताया कि इसमें सभी दुकानों की एक करोड़ 62 लाख 53 हजार रुपये की बोली लगी। आबकारी विभाग ने ज्यादा राजस्व की मंशा से पूरे जिले की सभी दुकानों की बोली लगाने का प्रस्ताव 30 आवेदकों के सामने रखा।