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पूर्वा एक्सप्रेस हादसा: चेकरेल क्यों टूटी, बोल्ट खुले थे या बोगी से टकराई, जांच में सामने आए ये सच
Fri, 26 Apr 2019 11:30 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 26 Apr 2019 11:30 AM IST
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पटरी से उतरने के बाद ताश के पत्ताें की तरह बिखर गई थी पूर्वा एक्सप्रेस (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्वा एक्सप्रेस के शुक्रवार देर रात कानपुर के रूमा रेलवे स्टेशन के पास डिरेलमेंट होने की जांच पूर्वोत्तर और पश्चिमी मंडल के रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) एके जैन ने गुरुवार को पूरी कर ली। तीन दिन चली इस जांच में यह तो साफ हो गया कि ट्रेन चेकरेल टूटने से डिरेल हुई लेकिन चेकरेल क्यों टूटी, इसके दो तथ्य सामने आए।
पहला किसी बोगी (खासकर पैंट्रीकार या दो स्लीपर कोच) में पहिये के पास टूटे हुए हैंगिंग पार्ट से चेकरेल पर ठोकर पड़ी। दूसरा चेकरेल के बोल्ट पहले से खुले थे। चेकरेल का काम दो पटरियोें को जोड़ने (लंबाई में) का काम होता है। सीआरएस एक महीने बाद इस रिपोर्ट को रेल मंत्रालय को देंगे।
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पहला किसी बोगी (खासकर पैंट्रीकार या दो स्लीपर कोच) में पहिये के पास टूटे हुए हैंगिंग पार्ट से चेकरेल पर ठोकर पड़ी। दूसरा चेकरेल के बोल्ट पहले से खुले थे। चेकरेल का काम दो पटरियोें को जोड़ने (लंबाई में) का काम होता है। सीआरएस एक महीने बाद इस रिपोर्ट को रेल मंत्रालय को देंगे।
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सीआरएस जांच मेें स्पष्ट हो गया कि पूर्वा एक्सप्रेस चेकरेल टूटने से डिरेल हुई
पूर्वा एक्सप्रेस हादसे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
93 रेलकर्मियों से पूछताछ और बयान दर्ज कराने के बाद सभी दस्तावेज और साक्ष्य लेकर अहिरवां एयरपोर्ट से मुंबई के लिए रवाना हो गए। दरअसल, ट्रेन डिरेलमेंट में रेलवे के दो विभागों के अफसरों ने अपने-अपने विभाग की गलती न जाहिर होने देने की भरपूर कोशिश की। उसके समर्थन में मजबूती से तथ्यों को रखा और तर्क दिए।
एक थ्योरी में अगर बोल्ट खुले होने की वजह से चेकरेल का अलग होना साबित होता है तो इंजीनियरिंग विभाग की गलती होगी। दूसरी थ्योरी के तहत किसी कोच के हैंगिंग पार्ट (पहिये के पास बोगी का कोई क्षतिग्रस्त हिस्सा) के चेकरेल से टकराने की बात साबित हुई तो मेकैनिकल विभाग को दोषी माना जाएगा। यही वजह है कि दोनों विभाग के अफसर एक दूसरे के खिलाफ कमियां निकालकर सीआरएस के सामने तथ्य पेश कर रहे थे।
एक थ्योरी में अगर बोल्ट खुले होने की वजह से चेकरेल का अलग होना साबित होता है तो इंजीनियरिंग विभाग की गलती होगी। दूसरी थ्योरी के तहत किसी कोच के हैंगिंग पार्ट (पहिये के पास बोगी का कोई क्षतिग्रस्त हिस्सा) के चेकरेल से टकराने की बात साबित हुई तो मेकैनिकल विभाग को दोषी माना जाएगा। यही वजह है कि दोनों विभाग के अफसर एक दूसरे के खिलाफ कमियां निकालकर सीआरएस के सामने तथ्य पेश कर रहे थे।