हादसे-दर-हादसेः आज तक नहीं पता चल सका आखिर कौन है ‘यात्रियों की मौत का जिम्मेदार’?
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पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस शनिवार की शाम करीब 5.40 बजे मुजफ्फरनगर के खतौली में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसकी 11 बोगियां पटरी से उतर गईं। इसमें 14 लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक लोग घायल हो गए।
मामला आतंकी साजिश की तरफ घूमा था
20 नवंबर 2016 को पुखरायां में इंदौर पटना एक्सप्रेस की दुर्घटना में 152 यात्रियों की मौत हुई थी और 300 से अधिक लोग घायल हुए थे। इसके बाद 28 दिसंबर 2016 को रूरा में सियालदह-अजमेर एक्प्रेस डिरेलमेंट में 68 यात्री बुरी तरह घायल हो गए थे। इसके बाद मंधना में 31 दिसंबर 2016 को देर रात पटरी काटकर कानपुर-फर्रुखाबाद पैसेंजर को पलटाने की साजिश का खुलासा होने के बाद मामला आतंकी साजिश की तरफ घूमा था।
इंदौर-पटना एक्सप्रेस डिरेलमेंट की जांच कोलकाता के पूर्वी सर्किल के सीआरएस पीकेआचार्या और सियालह-अजमेर एक्सप्रेस मामले की जांच उत्तर रेलवे के सीआरएस एसके पाठक ने शुरू की। कई बार सेंट्रल स्टेशन पर आए संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। मामला एनआईए की तरफ घूमने से सीआरएस जांच ठंडे बस्ते में है। एनआईए भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। बोगी में गड़बड़ी थी या ट्रैक में खराबी अथवा किसी आतंकी ने इस साजिश को अंजाम दिया। यह अभी तक पता नहीं चल पाया है।
मामले की जांच एनआईए कर रही
हादसे-दर-हादसे
22 नवंबर 2016: इंदौर-पटना एक्सप्रेस डिरेलमेंट पर पुखरायां-मलासा के बीच तड़के 3:10 बजे इंदौर-पटना एक्सप्रेस डिरेलमेंट होने से 14 बोगियां पटरी से उतर गईं। इसमें 152 यात्रियों की मौत हुई और 300 से अधिक यात्री घायल हुए।में झांसी के डीआरएम हटाए गए और पांच बड़े इंजीनियरों को रेलवे ने निलंबित कर दिया।
28 दिसंबर 2016: दिल्ली-कानपुर रेलमार्ग पर रूरा स्टेशन के पास सुबह 5:18 बजे सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए। इसमें किसी यात्री की मौत नहीं हुई लेकिन 68 यात्री बुरी तरह से घायल हुए।
31 दिसंबर 2016: कानपुर-फर्रुखबाद रेलमार्ग पर मंधना औैर नारामऊ के बीच देर रात फर्रुखाबाद पैसेंजर को पलटाने की साजिश विफल हुई। देर रात 12:10 बजे नाइट पेट्रोलिंग कर रहे दो ट्रैकमैनों को देख पटरी काट रहे संदिग्ध युवक भाग निकले। संदिग्ध तत्व पटरी काटकर 50 पैंड्रॉल क्लिप खोल चुके थे।
12 जनवरी2017: उन्नाव के शुक्लागंज के पास कानपुर-लखनऊ रेलमार्ग पर मालगाड़ी की छह बोगियां शाम 5:40 बजे पटरी से उतर गईं। कई बोगियां एक दूसरे पर चढ़ गईं। यहां भी कई पैंड्रॉल क्लिप खुले हुए मिले।
13 जनवरी 2017: आरपीएफ डीजी एसके भगत की सीबीआई जांच कराने की मांग पर लखनऊ से सीबीआई का पांच सदस्यीय दल मंधना में ट्रेन पलटाने की साजिश की जांच करने पहुंचा। इसमें सीबीआई के एडिशनल एसपी आरएन मिश्रा, डिप्टी एसपी पीके श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। टीम ने मौके से नमूने भी एकत्र किए।
17 जनवरी 2017: बिहार के मोतिहारी जिले में पकड़े गए बदमाशों ने पुखरायां हादसे के पीछे आईएसआई का हाथ होने कुबूला। इसके तार नेपाल और दुबई से भी जुड़े। इसके बाद एनआईए, एटीएस और यूपी पुलिस की टीम बिहार पहुंची और आरोपियों से पूछताछ की।
28 जनवरी 2017: एनआईए के आइजी आलोक मित्तल की अगुवाई में आठ सदस्यीय एनआईए का दल पुखरायां पहुंचा। वहां इंदौर-पटना एक्सप्रेस डिरेलमेंट की जांच की।
3फरवरी 2017: एनआईए के आईजी मंधना रेल हादसा की साजिश विफल होने की जांच करने पहुंचे। मंधना में उन्होंने काटी गई पटरी देखी और रेल कर्मियों से पूछताछ कर आसपास का इलाका देखा। उनके साथ आईआईटी के तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।