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कानपुर जिला पंचायत अध्यक्ष कौन: आज होगा फैसला, 11 से तीन बजे तक पड़ेंगे वोट, शाम तक परिणाम
Sat, 03 Jul 2021 01:03 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 03 Jul 2021 01:03 AM IST
सार
रुतबे और बजट के हिसाब से देखा जाए तो जिला पंचायत अध्यक्ष का पद किसी सांसद से कम नहीं होता है। यही वजह है कि इस पद को पाने के लिए पार्टियों और प्रत्याशियों में जमकर जद्दोजहद होती है।
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जिला पंचायत अघ्यक्ष के लिए भाजपा प्रत्याशी स्वप्निल वरुण
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए तीन जून को मतदान होगा। 32 जिला पंचायत सदस्य सुबह 11 से तीन बजे तक अंग्रेजी में वन और टू लिखकर वरीयता के आधार पर मतदान करेंगे। तीन बजे के बाद मतगणना शुरू होगी। करीब आधा घंटा बाद परिणाम आ जाएगा।
प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान कक्ष से 200 मीटर की दूरी को प्रतिबंधित रखा गया है। इस क्षेत्र में सिर्फ राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिकृत व्यक्ति, निर्वाचन में लगे कर्मी, सुरक्षा कर्मी, उम्मीदवार, जिला पंचायत के सदस्य, ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट ही जा सकेंगे।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी वीके श्रीवास्तव ने बताया कि कोई जिला पंचायत सदस्य नेत्रहीन या निरक्षर है तो उसे मतदान के लिए सहयोगी मिलेगा। इसकी जानकारी पहले ही दे दी गई है। मतदान व मतगणना परिसर में मतदाताओं के लिए मोबाइल अथवा अन्य कोई इलेक्ट्रानिक डिवाइस लेकर जाना प्रतिबंधित रहेगा।
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प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान कक्ष से 200 मीटर की दूरी को प्रतिबंधित रखा गया है। इस क्षेत्र में सिर्फ राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिकृत व्यक्ति, निर्वाचन में लगे कर्मी, सुरक्षा कर्मी, उम्मीदवार, जिला पंचायत के सदस्य, ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट ही जा सकेंगे।
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सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी वीके श्रीवास्तव ने बताया कि कोई जिला पंचायत सदस्य नेत्रहीन या निरक्षर है तो उसे मतदान के लिए सहयोगी मिलेगा। इसकी जानकारी पहले ही दे दी गई है। मतदान व मतगणना परिसर में मतदाताओं के लिए मोबाइल अथवा अन्य कोई इलेक्ट्रानिक डिवाइस लेकर जाना प्रतिबंधित रहेगा।
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सांसद से कम नहीं जिला पंचायत अध्यक्ष का रुतबा
रुतबे और बजट के हिसाब से देखा जाए तो जिला पंचायत अध्यक्ष का पद किसी सांसद से कम नहीं होता है। यही वजह है कि इस पद को पाने के लिए पार्टियों और प्रत्याशियों में जमकर जद्दोजहद होती है। किसी भी जिले के क्षेत्रफल के अनुसार उस जिले में पंचायत के तहत होने वाले कार्यों का बजट तैयार किया जाता है।
कानपुर जनपद का एक साल का बजट तीन अरब से लेकर सात अरब तक का होता है। वैसे अभी तक सरकार की तरफ से जो बजट जारी होता है, वह दो से तीन अरब तक ही पहुंच पाता है। जिला पंचायत के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का संपूर्ण विकास कराया जाता है। इसके लिए जिला पंचायत अध्यक्ष का आदेश आवश्यक होता है।
जिला पंचायत कि हर साल होने वाली अलग-अलग समीक्षा बैठकों के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से उस जिले का प्रभारी मंत्री, सभी सांसद और सभी विधायक पदेन सदस्य के रूप में मौजूद रहते हैं। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष की भी बड़ी भूमिका होती है। जिला पंचायत अध्यक्ष को वेतन के रूप में तो कुछ नहीं मिलता लेकिन भत्ते के रूप में अच्छी खासी रकम मिलती है।
रुतबे और बजट के हिसाब से देखा जाए तो जिला पंचायत अध्यक्ष का पद किसी सांसद से कम नहीं होता है। यही वजह है कि इस पद को पाने के लिए पार्टियों और प्रत्याशियों में जमकर जद्दोजहद होती है। किसी भी जिले के क्षेत्रफल के अनुसार उस जिले में पंचायत के तहत होने वाले कार्यों का बजट तैयार किया जाता है।
कानपुर जनपद का एक साल का बजट तीन अरब से लेकर सात अरब तक का होता है। वैसे अभी तक सरकार की तरफ से जो बजट जारी होता है, वह दो से तीन अरब तक ही पहुंच पाता है। जिला पंचायत के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का संपूर्ण विकास कराया जाता है। इसके लिए जिला पंचायत अध्यक्ष का आदेश आवश्यक होता है।
जिला पंचायत कि हर साल होने वाली अलग-अलग समीक्षा बैठकों के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से उस जिले का प्रभारी मंत्री, सभी सांसद और सभी विधायक पदेन सदस्य के रूप में मौजूद रहते हैं। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष की भी बड़ी भूमिका होती है। जिला पंचायत अध्यक्ष को वेतन के रूप में तो कुछ नहीं मिलता लेकिन भत्ते के रूप में अच्छी खासी रकम मिलती है।