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Kanpur News: धूप निकली तो खिले पुतला कारीगरों के चेहरे
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कानपुर। एक दिन पहले हुई बरसात ने रावण के पुतलों के बाजार को तगड़ा झटका दिया था। तेज बरसात के चलते पुतले भीग गए थे। बुधवार को तेज धूप निकलने से पुतला बनाने वाले कारीगरों के चेहरे खिले नजर आए।
उन्होंने प्रार्थना की है कि गुरुवार को भी बरसात न हो। इससे उन्हें कारोबार मिल जाएगा। पुतले खराब होने से उसे फिर से ठीक करने में उनकी लागत बढ़ गई है। शहर के जीटीरोड, निरालानगर में पुतलों का बाजार सज है। करीब 5-10 हजार पुतलों की बिक्री का अनुमान है। इस बार बड़े कद के पुतलों की ज्यादा मांग है। शहर से ही कानपुर देहात, कन्नौज, फतेहपुर, फतेहगढ़, उरई और आसपास के जिलों में पुतले सप्लाई किए जाते हैं। कारीगर तरुण ने बताया कि बरसात से पुतलों को नहीं बचा पाए थे। 50 प्रतिशत से ज्यादा पुतले भीग गए। उन्हें फिर से तैयार किया गया है। दशहरा वाले दिन बरसात न हो बस। इसी दिन सबसे ज्यादा कारोबार मिलता है।
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उन्होंने प्रार्थना की है कि गुरुवार को भी बरसात न हो। इससे उन्हें कारोबार मिल जाएगा। पुतले खराब होने से उसे फिर से ठीक करने में उनकी लागत बढ़ गई है। शहर के जीटीरोड, निरालानगर में पुतलों का बाजार सज है। करीब 5-10 हजार पुतलों की बिक्री का अनुमान है। इस बार बड़े कद के पुतलों की ज्यादा मांग है। शहर से ही कानपुर देहात, कन्नौज, फतेहपुर, फतेहगढ़, उरई और आसपास के जिलों में पुतले सप्लाई किए जाते हैं। कारीगर तरुण ने बताया कि बरसात से पुतलों को नहीं बचा पाए थे। 50 प्रतिशत से ज्यादा पुतले भीग गए। उन्हें फिर से तैयार किया गया है। दशहरा वाले दिन बरसात न हो बस। इसी दिन सबसे ज्यादा कारोबार मिलता है।
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