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Kanpur News: जागे अफसर तो जागा सर्वर, एक दिन में निपटाईं 8753 फाइलें
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कानपुर। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए दो से 17 फरवरी तक चली ऑनलाइन प्रक्रिया में अधिकारियों ने मनमानी की। जहां शुरूआत में सर्वर धीमा और ओटीपी प्रक्रिया में दिक्कत का हवाला दिया जाता रहा, वहीं अंतिम दिन मंगलवार को अचानक 8753 आवेदन का सत्यापन कर दिया गया। इससे एक दिन पहले 16 फरवरी तक 4793 आवेदनों का सत्यापन हुआ था, जिनमें से 3620 स्वीकृत और 1173 अस्वीकृत किए गए थे। एक दिन में इतने अधिक आवेदनों का सत्यापन होने से पूरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। इसमें कई गड़बड़ी होने और पात्र बच्चों के योजना से वंचित होने की संभावना जताई जा रही है।
बीएसए कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार आरटीई पोर्टल पर दो से 16 फरवरी की दोपहर तक कुल 12956 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसमें 4793 आवेदनों का सत्यापन करने के बाद भी बीईओ स्तर पर 7,401 और बीएसए स्तर पर 762 आवेदन लंबित थे। दोपहर बाद सर्वर धीमा होने से आवेदन में कुछ परेशानियां हुईं। इसके बाद भी शाम तक कुल 13546 आवेदन प्राप्त हुए। 17 फरवरी को आवेदन के सत्यापन का अंतिम दिन होने के कारण 16 फरवरी को अफसरों की नींद खुली। पूरी रात चली प्रक्रिया के बाद मंगलवार तक बीएसए और बीईओ ने शेष 8753 आवेदन का सत्यापन कर डाला। अंतिम दिन तक 10647 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि 2899 आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए। अधिकारियों की इस गति से एक दिन में पिछले 15 दिनों से भी ज्यादा सत्यापन हो गया।
सोमवार रात बीएसए दफ्तर का नजारा कुछ अलग ही था। कुर्सियों पर कर्मचारी जमा थे और सिस्टम ऑन थे। फाइलें तेजी से सत्यापित की जा रही थीं। दिन में जहां सर्वर और ओटीपी की दुहाई दी जा रही थी, वहीं देर रात तक सभी क्षेत्रों के बीईओ दफ्तर में बैठकर आवेदन का सत्यापन करते रहे। मंगलवार को शिक्षक नेताओं के बीच चर्चा रही कि आखिरी दिन सर्वर कैसे लगातार काम करता रहा। 15 दिन की सुस्ती के बाद एक ही दिन में हुए सत्यापन ने पूरे सिस्टम को सवालों के घेरे में खड़ा किया है।
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सत्यापन की तेज रफ्तार के बीच बड़ी संख्या में आवेदन रिजेक्ट भी कर दिए गए। काकादेव के कृष्ण कुमार का फॉर्म चाइल्ड डोमिसाइल नॉट वेरीफाइड और विष्णुपुरी की कोमल का आवेदन अदर वार्ड लिखकर निरस्त कर दिया गया, जबकि अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने सभी वैध दस्तावेज लगाए थे। ऐसे कई मामलों में पात्र बच्चों का आवेदन लॉटरी तक पहुंचने से पहले ही बाहर हो गया, जिससे अभिभावकों में नाराजगी है।
शुरू में सर्वर की रफ्तार धीमी रही। अंतिम दिन सर्वर ठीक चला तो रात भर दफ्तर में बैठकर सभी कर्मचारियों ने काम निपटाया। इससे इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों का सत्यापन हो सका। रिजेक्ट किए गए आवेदन की वजह उसी फार्म पर अंकित है। आवेदन की विस्तृत जानकारी लॉटरी के बाद पता चलेगी। - सुरजीत कुमार सिंह, बीएसए
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बीएसए कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार आरटीई पोर्टल पर दो से 16 फरवरी की दोपहर तक कुल 12956 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसमें 4793 आवेदनों का सत्यापन करने के बाद भी बीईओ स्तर पर 7,401 और बीएसए स्तर पर 762 आवेदन लंबित थे। दोपहर बाद सर्वर धीमा होने से आवेदन में कुछ परेशानियां हुईं। इसके बाद भी शाम तक कुल 13546 आवेदन प्राप्त हुए। 17 फरवरी को आवेदन के सत्यापन का अंतिम दिन होने के कारण 16 फरवरी को अफसरों की नींद खुली। पूरी रात चली प्रक्रिया के बाद मंगलवार तक बीएसए और बीईओ ने शेष 8753 आवेदन का सत्यापन कर डाला। अंतिम दिन तक 10647 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि 2899 आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए। अधिकारियों की इस गति से एक दिन में पिछले 15 दिनों से भी ज्यादा सत्यापन हो गया।
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सोमवार रात बीएसए दफ्तर का नजारा कुछ अलग ही था। कुर्सियों पर कर्मचारी जमा थे और सिस्टम ऑन थे। फाइलें तेजी से सत्यापित की जा रही थीं। दिन में जहां सर्वर और ओटीपी की दुहाई दी जा रही थी, वहीं देर रात तक सभी क्षेत्रों के बीईओ दफ्तर में बैठकर आवेदन का सत्यापन करते रहे। मंगलवार को शिक्षक नेताओं के बीच चर्चा रही कि आखिरी दिन सर्वर कैसे लगातार काम करता रहा। 15 दिन की सुस्ती के बाद एक ही दिन में हुए सत्यापन ने पूरे सिस्टम को सवालों के घेरे में खड़ा किया है।
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सत्यापन की तेज रफ्तार के बीच बड़ी संख्या में आवेदन रिजेक्ट भी कर दिए गए। काकादेव के कृष्ण कुमार का फॉर्म चाइल्ड डोमिसाइल नॉट वेरीफाइड और विष्णुपुरी की कोमल का आवेदन अदर वार्ड लिखकर निरस्त कर दिया गया, जबकि अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने सभी वैध दस्तावेज लगाए थे। ऐसे कई मामलों में पात्र बच्चों का आवेदन लॉटरी तक पहुंचने से पहले ही बाहर हो गया, जिससे अभिभावकों में नाराजगी है।
शुरू में सर्वर की रफ्तार धीमी रही। अंतिम दिन सर्वर ठीक चला तो रात भर दफ्तर में बैठकर सभी कर्मचारियों ने काम निपटाया। इससे इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों का सत्यापन हो सका। रिजेक्ट किए गए आवेदन की वजह उसी फार्म पर अंकित है। आवेदन की विस्तृत जानकारी लॉटरी के बाद पता चलेगी। - सुरजीत कुमार सिंह, बीएसए