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Weather Update: पारा सामान्य से 5.4 डिग्री नीचे, धुंध में छिपा सूरज, छूटी कंपकंपी
Mon, 06 Jan 2025 06:12 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 06 Jan 2025 06:12 PM IST
सार
Kanpur Weather News: सोमवार सुबह दृश्यता 30 मीटर पर पहुंची। माहौल में चक्रवाती घेरे ने नमी भर दी है। सारा दिन धूप नहीं निकली। सन शाइन आवर शून्य रहा।
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कानपुर का मौसम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सोमवार को पूरे दिन धुंध की चादर ने सूरज को छिपाए रखा। पारा सामान्य से 5.4 डिग्री नीचे आ गया। ठिठुरन भरी ठंड से शहरियों की कंपकंपी छूटती रही। धूप न निकलने से भरी दोपहर शाम का धुंधलका सा बना रहा। रात और दिन दोनों के तापमान में गिरावट आई है। रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3.8 डिग्री नीचे आ गया। सीएसए के मौसम विभाग ने पांच दिन धुंध-कोहरा छाए रहने और कड़ाके की ठंड का पूर्वानमान जारी किया है। सुबह सात बजे दृश्यता सामान्य दो किमी के स्थान पर सिर्फ 30 मीटर रही।
पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मरी और हिमाचल प्रदेश पर है। इसके साथ ही पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्र में चक्रवाती घेरा बना हुआ है। इस वजह से बादलों की एक श्रंखला पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वोत्तर अरब सागर तक फैली हुई। इन सबका असर कानपुर परिक्षेत्र समेत गंगा के अन्य मैदानी इलाकों पर आ रहा है। इसके साथ ही चक्रवाती घेरों की वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आने का सिलसिला थम नहीं रहा। माहौल में नमी बढ़ने से धुंध बढ़ गई है और बादल छाए हैं। वातावरण पर धुंध की चादर चढ़े होने की वजह से ठंडी हवाएं और धुंध ऊपर नहीं उठ पा रही। इससे ठिठुरन बनी हुई है।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय 10 जनवरी से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मौसमी गतिविधि ला-नीना का प्रभाव अभी और बढ़ सकता है। इसके असर से ठंड और बढ़ेगी। इसका अरसा कितना लंबा खिचेंगा यह ला-नीना की सक्रियता पर निर्भर करता है। लेकिन इसका प्रभाव गंगा के मैदानी इलाकों पर असर डालता है। इससे ठंड बढ़ने के साथ बारिश भी हो सकती है। इस समय नमी के कारण ठंड पड़ रही है। उत्तर पश्चिमी हवाओं की गति इस समय धीमी है।
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सीएसए के मौसम विभाग के मुताबिक अभी माहौल में नमी का प्रतिशत 95 फीसदी है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने से चक्रवाती घेरे टूटेंगे। इससे उत्तर पश्चिमी हवाओं में निरंतरता आएगी और हिमालयी बर्फबारी और बारिश की ठंड मैदानी इलाकों में पहुंचने लगेगी। फिलहाल मौसम के मिजाज में बदलाव आने की उम्मीद कम है।
तापमान
अधिकतम- 14.2 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 6.6 डिग्री सेल्सियस
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पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मरी और हिमाचल प्रदेश पर है। इसके साथ ही पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्र में चक्रवाती घेरा बना हुआ है। इस वजह से बादलों की एक श्रंखला पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वोत्तर अरब सागर तक फैली हुई। इन सबका असर कानपुर परिक्षेत्र समेत गंगा के अन्य मैदानी इलाकों पर आ रहा है। इसके साथ ही चक्रवाती घेरों की वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आने का सिलसिला थम नहीं रहा। माहौल में नमी बढ़ने से धुंध बढ़ गई है और बादल छाए हैं। वातावरण पर धुंध की चादर चढ़े होने की वजह से ठंडी हवाएं और धुंध ऊपर नहीं उठ पा रही। इससे ठिठुरन बनी हुई है।
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वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय 10 जनवरी से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। उन्होंने बताया कि मौसमी गतिविधि ला-नीना का प्रभाव अभी और बढ़ सकता है। इसके असर से ठंड और बढ़ेगी। इसका अरसा कितना लंबा खिचेंगा यह ला-नीना की सक्रियता पर निर्भर करता है। लेकिन इसका प्रभाव गंगा के मैदानी इलाकों पर असर डालता है। इससे ठंड बढ़ने के साथ बारिश भी हो सकती है। इस समय नमी के कारण ठंड पड़ रही है। उत्तर पश्चिमी हवाओं की गति इस समय धीमी है।
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सीएसए के मौसम विभाग के मुताबिक अभी माहौल में नमी का प्रतिशत 95 फीसदी है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने से चक्रवाती घेरे टूटेंगे। इससे उत्तर पश्चिमी हवाओं में निरंतरता आएगी और हिमालयी बर्फबारी और बारिश की ठंड मैदानी इलाकों में पहुंचने लगेगी। फिलहाल मौसम के मिजाज में बदलाव आने की उम्मीद कम है।
तापमान
अधिकतम- 14.2 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 6.6 डिग्री सेल्सियस