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Kanpur News: मौसम का सेहत पर असर, वायरल के साथ पहुंचे उल्टी-दस्त के मरीज
Thu, 27 Mar 2025 01:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 27 Mar 2025 01:01 AM IST
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कानपुर देहात। एकदम से मौसम में आया बदलाव लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में कई बीमारियों से ग्रसित मरीज पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ से लेकर फीजीशियन कक्ष की ओपीडी में ज्यादातर मरीज पेट रोग से जुड़े पहुंचे। इनमें से कई मरीजों को उल्टी-दस्त की समस्या रही।
गर्मी में तेजी आने के साथ ही मरीजों की संख्या का ग्राफ भी बढ़ा है। चिकित्सकों के अनुसार, बदलता मौसम सेहत के लिए खतरनाक है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बुधवार को 1150 मरीज पहुंचे। इनमें एक चौथाई बुखार और डायरिया के मरीज रहे। इमेंरजेंसी में आने वाले मरीजों को वार्ड में भर्ती किया गया।
फीजीशियन डॉ. प्रतीक सक्सेना का कहना है कि मौसम में बदलाव के बाद वायरल और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस समय रमजान में कुछ लोग रोजा रखने के बाद तली-भुनी चीजों से इफ्तार करते हैं। इस कारण भी पेट में परेशानी होती है। इसके अलावा रखा हुआ और बासी खाना खाने से भी पेट खराब हो जाता है। तापमान बढ़ रहा है। ऐसे में फ्रिज में रखा एक दो दिन पुराना खाना भी बीमारी पैदा करता है। बीमारी से बचाव के लिए जरूरी है कि ताजा भोजन खाएं।
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जांच के लिए सबसे ज्यादा हो रही परेशानी
मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजाें को जांच के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अकबरपुर के पंकज, डेरापुर से सुरेंद्र, रनियां की सावित्री, गुड़िया ने बताया कि वह बुधवार को डॉक्टर को दिखाने के लिए आए थे। शरीर में कमजोरी के साथ शाम को बुखार आने की समस्या थी। किसी तरह वह सीढ़ी से चढ़कर ओपीडी पहुंची। यहां पर डॉक्टर को दिखाने के बाद जांच कराने के लिए पुराने भवन की बिल्डिंग में भेज दिया गया। बीमार हालात में पैदल आए, यहां आधा घंटे बाद सैंपल देने का नंबर आया। सैंपल देने पर एक घंटे बाद रिपोर्ट मिली। इस तरह सुबह 10 बजे के आने के बाद उन्हें दोपहर दो बजे तक अस्पताल में ही रुकना पड़ा।
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शरीर में हो जाती है इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी, अधिक पानी पिएं
होली के बाद से अस्पताल में पेट के रोगी अधिक पहुंच रहे हैं। ईएमओ डॉ. निशांत पाठक ने बताया कि त्योहार में बिगड़े खान-पान व मौसम के असर कि वजह से लोगों को पेट की समस्या हो रही है। उनका कहना है कि उल्टी दस्त लगने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। ऐसे में अधिक पानी पीना चाहिए। अगर संभव हो तो ओआरएल (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) का सेवन करें। साथ ही उल्टी-दस्त की शिकायत पर नमक और चीनी को पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं।
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इन बातों का भी रखें ध्यान
- केला, चावल, सेब जैसे हल्के खाद्य पदार्थ लें।
- दस्त में दही और केला खाएं।
- बुखार और उल्टी-दस्त की बीमारी में पर्याप्त आराम करें।
- खाना खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।
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गर्मी में तेजी आने के साथ ही मरीजों की संख्या का ग्राफ भी बढ़ा है। चिकित्सकों के अनुसार, बदलता मौसम सेहत के लिए खतरनाक है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बुधवार को 1150 मरीज पहुंचे। इनमें एक चौथाई बुखार और डायरिया के मरीज रहे। इमेंरजेंसी में आने वाले मरीजों को वार्ड में भर्ती किया गया।
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फीजीशियन डॉ. प्रतीक सक्सेना का कहना है कि मौसम में बदलाव के बाद वायरल और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस समय रमजान में कुछ लोग रोजा रखने के बाद तली-भुनी चीजों से इफ्तार करते हैं। इस कारण भी पेट में परेशानी होती है। इसके अलावा रखा हुआ और बासी खाना खाने से भी पेट खराब हो जाता है। तापमान बढ़ रहा है। ऐसे में फ्रिज में रखा एक दो दिन पुराना खाना भी बीमारी पैदा करता है। बीमारी से बचाव के लिए जरूरी है कि ताजा भोजन खाएं।
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जांच के लिए सबसे ज्यादा हो रही परेशानी
मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजाें को जांच के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अकबरपुर के पंकज, डेरापुर से सुरेंद्र, रनियां की सावित्री, गुड़िया ने बताया कि वह बुधवार को डॉक्टर को दिखाने के लिए आए थे। शरीर में कमजोरी के साथ शाम को बुखार आने की समस्या थी। किसी तरह वह सीढ़ी से चढ़कर ओपीडी पहुंची। यहां पर डॉक्टर को दिखाने के बाद जांच कराने के लिए पुराने भवन की बिल्डिंग में भेज दिया गया। बीमार हालात में पैदल आए, यहां आधा घंटे बाद सैंपल देने का नंबर आया। सैंपल देने पर एक घंटे बाद रिपोर्ट मिली। इस तरह सुबह 10 बजे के आने के बाद उन्हें दोपहर दो बजे तक अस्पताल में ही रुकना पड़ा।
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शरीर में हो जाती है इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी, अधिक पानी पिएं
होली के बाद से अस्पताल में पेट के रोगी अधिक पहुंच रहे हैं। ईएमओ डॉ. निशांत पाठक ने बताया कि त्योहार में बिगड़े खान-पान व मौसम के असर कि वजह से लोगों को पेट की समस्या हो रही है। उनका कहना है कि उल्टी दस्त लगने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। ऐसे में अधिक पानी पीना चाहिए। अगर संभव हो तो ओआरएल (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) का सेवन करें। साथ ही उल्टी-दस्त की शिकायत पर नमक और चीनी को पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं।
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इन बातों का भी रखें ध्यान
- केला, चावल, सेब जैसे हल्के खाद्य पदार्थ लें।
- दस्त में दही और केला खाएं।
- बुखार और उल्टी-दस्त की बीमारी में पर्याप्त आराम करें।
- खाना खाने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।