फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Weather forecast proving wrong for the first time in 122 years

Weather Forecast: 122 साल के आंकड़ों को धोखा दे रहा मौसम, पहली बार गलत साबित हो रहा पूर्वानुमान

Thu, 11 Aug 2022 07:56 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 11 Aug 2022 07:56 AM IST
सार

122 साल में पहली बार मौसम का पूर्वानुमान गलत साबित हो रहा है।  मौजूद डाटा के आधार पर मौसम विभाग भविष्यवाणी करता था। जलवायु परिवर्तन की वजह से विशेषज्ञ चिंता में हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कानपुर समेत सभी एजेंसियों को मॉडल में सुधार लाने के निर्देश दिए है।

विज्ञापन
Weather forecast proving wrong for the first time in 122 years
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जलवायु परिवर्तन की वजह से मौसम का पूर्वानुमान गलत साबित हो रहा है। 122 साल में पहली बार बनी ऐसी स्थिति ने मौसम विभाग को चिंता में डाल दिया है। खुद भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की तरफ से कहा गया है कि मौसम को लेकर भविष्यवाणी करने वाली सभी एजेंसियां प्रभावित हुई हैं। 
विज्ञापन


इसे देखते हुए कानपुर सहित सभी मौसम एजेंसियों को अपने निगरानी नेटवर्क और पूर्वानुमान मॉडल में सुधार लाने की दिशा में काम करने को कहा गया है। 
स्थानीय चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार जलवायु परिवर्तन की वजह से ऐसा पहली बार हुआ है कि कम समय में भारी बारिश की घटनाएं बढ़ गई हैं। 
विज्ञापन


पहले की मानसूनी बारिश पूरे दिन या फिर कई घंटे तक लगातार हल्की बारिश होती रहती थी। अब बदले स्वरूप में कम समय में तेज बारिश हो रही है। पहले दिनभर होने वाली रिमझिम बारिश 40 से 50 मिमी होती थी। अब एक या दो घंटे में ही इतनी बारिश हो जाती है। उन्होंने बताया कि रुक-रुककर होने वाली बारिश खेती के लिए अच्छी होती है। साथ ही उमस भी नहीं बढ़ाती। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कुछ घंटे की बारिश से उमस बढ़ जाती है। जुलाई से लेकर अगस्त में अभी तक कानपुर सहित देश के दूसरे हिस्सों में इस तरह की बारिश कई बार हो चुकी है। आईएमडी महानिदेशक के हवाले से स्थानीय मौसम विभाग प्रमुख डॉ. पांडेय ने बताया है कि मौसम का पूर्वानुमान अभी तक मौजूद 122 साल के डाटा के आधार पर किया जाता है। इस बार यह भविष्यवाणी सटीक नहीं बैठ रही। 

देश में भारी वर्षा के दिनों में वृद्धि हुई

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 1970 से लेकर अब तक के बारिश के दैनिक डाटा के विश्लेषण से पता चलता है कि देश में भारी बारिश के दिनों में वृद्धि हुई है, जबकि हल्की या मध्यम स्तर की बारिश के दिनों में कमी आई है। मतलब बारिश नहीं हो रही है तो बिल्कुल नहीं हो रही।

होती है तो ज्यादा पानी बरस रहा है। कम दबाव का क्षेत्र बनने पर बारिश अधिक तीव्र होती है। यह भारत सहित ऊष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में देखे जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण रुझानों में से एक है। अध्ययनों ने साबित किया है कि यह परिवर्तन जलवायु परिवर्तन का नतीजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed