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दिल्ली से बनारस तक ट्रैक के दोनों तरफ उठेंगी दीवारें, अब और तेज होगी वंदेभारत एक्सप्रेस की रफ्तार
Thu, 19 Sep 2019 12:07 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 19 Sep 2019 12:07 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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दिल्ली से वाराणसी तक रेल पटरियों के दोनों तरफ दीवारें खड़ी करने का काम जल्द शुरू हो जाएगा। इससे ट्रेन से मवेशियों के टकराने, पटरी से गलत तरीके से वाहनों को निकालने के दौरान हादसे नहीं होंगे। ट्रेन भी सुरक्षित रहेगी।
उसकी स्पीड को बार-बार कम ज्यादा नहीं करना पड़ेगा। यह प्रोजेक्ट पास हो चुका है। जल्दी ही काम शुरू होगा। रेल राज्यमंत्री सुरेश सी अंगड़ी ने बुधवार को कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर यह बात अफसरों से चर्चा में कही। वह ट्रेन-18 से वाराणसी जा रहे थे। इलाहाबाद मंडल के डीआरएम अमिताभ कुमार और सेंट्रल निदेशक हिमांशु शेखर उपाध्याय से वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
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उसकी स्पीड को बार-बार कम ज्यादा नहीं करना पड़ेगा। यह प्रोजेक्ट पास हो चुका है। जल्दी ही काम शुरू होगा। रेल राज्यमंत्री सुरेश सी अंगड़ी ने बुधवार को कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर यह बात अफसरों से चर्चा में कही। वह ट्रेन-18 से वाराणसी जा रहे थे। इलाहाबाद मंडल के डीआरएम अमिताभ कुमार और सेंट्रल निदेशक हिमांशु शेखर उपाध्याय से वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
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रेल राज्यमंत्री ने वंदे भारत एक्सप्रेस के प्रति यात्रियों की दिलचस्पी और उसमें यात्रियों के आने जाने वालों की संख्या की रिपोर्ट मांगी। अधिकारियों ने बताया कि अब तक की यह सबसे वीआईपी ट्रेन है। इसमें यात्रियों की सीटों के लिए मारामारी रहती है। इस ट्रेन के प्रति लोगों का क्रेज अभी भी है।
अधिकतम स्पीड 130 किमी प्रति घंटा है, जो लगभग इसी स्पीड से चलती है। औसत स्पीड 110 किमी प्रति घंटे की है। अफसरों ने कहा कि अगर ट्रैक को अपग्रेड कर दोनों तरफ दीवारें बन जाएंगी तो इसकी स्पीड बढ़ाई जा सकती है। उन्हें यह भी बताया कि कई बार इस ट्रेन पर ग्रामीणों के पत्थरबाजी की घटनाओं भी हुईं, जिससे ट्रेन के शीशे टूटे हैं। आरपीएफ ने कार्रवाई के अलावा गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाया है।
अधिकतम स्पीड 130 किमी प्रति घंटा है, जो लगभग इसी स्पीड से चलती है। औसत स्पीड 110 किमी प्रति घंटे की है। अफसरों ने कहा कि अगर ट्रैक को अपग्रेड कर दोनों तरफ दीवारें बन जाएंगी तो इसकी स्पीड बढ़ाई जा सकती है। उन्हें यह भी बताया कि कई बार इस ट्रेन पर ग्रामीणों के पत्थरबाजी की घटनाओं भी हुईं, जिससे ट्रेन के शीशे टूटे हैं। आरपीएफ ने कार्रवाई के अलावा गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाया है।