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Kanpur News: दस्तावेज नहीं जुटा पा रहे मतदाता, सुनवाई में मायूसी लग रही हाथ

Fri, 23 Jan 2026 01:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Fri, 23 Jan 2026 01:18 AM IST
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Voters are unable to gather documents, and hearings are frustrating.
कानपुर देहात। मैपिंग से छूटे मतदाता अब निर्वाचन कार्यालय से थमाए जा रहे नोटिस को लेकर असजह हो रहे हैं। दरअसल जो दस्तावेज मांगे जा रहे हैं वह मतदाता जुटा नहीं पा रहे हैं। एईआरओ दस्तावेज खारिज कर रहे हैं तो मतदाता बैरंग लौट रहे हैं।
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विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में मैपिंग से करीब 1.24 लाख मतदाता छूट गए हैं। अब नोटिस जारी कर सुनवाई की जा रही है। 27 फरवरी तक तय तिथि पर सुनवाई होगी। इधर इन मतदाताओं से दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में लोग मांगे जा रहे दस्तावेज नहीं जुटा पा रहे हैं और असजह महसूस कर रहे हैं। मतदाता उपलब्ध दस्तावेज लेकर सुनवाई के लिए पहुंच रहे तो एईआरओ इन दस्तावेज के बजाय तय 12 दस्तावेज मांग रहे हैं। इसके चलते मैपिंग से छूटे मतदाताओं को अब नाम कटने का डर सता रहा है। बहुओं के प्रकरण अधिक हैं। कोई पत्नी की ससुराल में अभिलेखों की तलाश करा रहा है। कई महिला मायके में परिजनों से अभिलेखों का पता कर रही हैं।
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वर्जन................
मैपिंग से छूटे मतदाताओं को बीएलओ के जरिये नोटिस दी जा रही है। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है। पहचान व जन्मतिथि व जन्मस्थान की पुष्टि के लिए 12 दस्तावेज तय किए हैं। यही दस्तावेज ईआरओ या एईआरओ मांग रहे हैं। सुनवाई तिथि पर दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने वाले मतदाताओं को दूसरी तिथि का विकल्प दिया जा रहा है। - अमित कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
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फोटो- 30 रानी, इनायतपुर।
केस -1
20 साल पहले नहीं रहे माता-पिता, कहां से लाएं दस्तावेज
नोटिस मिलने पर अकबरपुर तहसील सभागार में एईआरओ के समक्ष सुनवाई के लिए पहुंची। यहां माता-पिता दोनों के अभिलेख मांगे गए। पीतांबरपुर में मायका है। 20 साल पहले माता व पिता नहीं रहे। अब इतने पुराने दस्तावेज कहां से लाऊं। भागदौड़ के बाद भी कोई हल नहीं निकला है। - रानी, इनायतपुर।
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फोटो- 31 किरन, अशोकनगर।
केस - 2 :
मांगे जा रहे दस्तावेज नहीं हैं, लगता है वोट कट जाएगा
सामान्य निवास व पिता की पासबुक लेकर सुनवाई के लिए अकबरपुर नगर पंचायत कार्यालय पहुंची। वहां एईआरओ ने दस्तावेज खारिज कर दिए। आयोग से तय किए गए दस्तावेज नहीं है। मायके कल्याणपुर में भाई को फोन पर परिजनों के दस्तावेज खोजने को कहा है मगर उम्मीद कम है कि मांगे जा रहे दस्तावेज मिल सकें। कई चुनाव में वोट डाला है लगता है अब वोट कट जाएगा। - किरन, अशोकनगर।
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फोटो-32 कविता, अशोक नगर।
केस -3 :
नोटिस मिलने पर अकबरपुर नगर पंचायत कार्यालय में सुनवाई के लिए पहुंची। कानपुर में मायका है। शादी को अर्से हो गए हैं। मायके से कोई दस्तावेज लेकर नहीं आई थी। अब मतदाता सूची में नाम न कटे इसके लिए तमाम दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। तहसील से जारी सामान्य निवास भी नहीं माना जा रहा है। इससे परेशानी है। - कविता, अशोक नगर।
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फोटो-33 सुशील, अशोकनगर।
केस -4 :
बीएलओ ने पिता के नाम नोटिस दिया है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज नहीं था। वह ई-रिक्शा चलाते हैं। उनका कोई जन्म प्रमाण पत्र नहीं बना है। केवल कक्षा आठ तक पढ़े हैं। अकबरपुर नगर पंचायत कार्यालय में एईआरओ ने पहले से तय 12 अभिलेखों में से जरूरी एक अभिलेख मांगा है। समझ नहीं आ रहा है कि दस्तावेज कहां से लाऊं। - सुशील, अशोक नगर।
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2003 की मतदाता सूची का ब्योरा देकर करा सकते मैपिंग
मैंपिंग से छूटे मतदाताओं के पास अभी विकल्प है कि वह 2003 की मतदाता सूची का ब्योरा दे सकते हैं। पहचान संबंधी अभिलेख से मिलान कर मैपिंग पूरी हो जाएगी। एईआरओ पवन कुमार ने बताया कि एसआईआर फार्म भरने के दौरान कई मतदाताओं ने लापरवाही कर 2003 की मतदाता सूची में परिजन का ब्योरा नहीं दिया था। इसकी वजह से फार्म डिजिटाइज तो कर दिया गया लेकिन अब मैपिंग छूटने की वजह से नोटिस दी जा रही है। ऐसे मतदाता अब भी 2003 की सूची में परिजन का ब्योरा उपलब्ध कराएंगे तो आसानी से मैपिंग पूरी हो जाएगी।

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इन तिथियों में जन्म तो जरूरी हैं यह दस्तावेज

1 जुलाई 1987 से पहले जन्म हुआ है तो खुद का कोई एक दस्तावेज दे सकते हैं जिसमें जन्म तिथि व जन्म स्थान का पता चलता हो। यदि 1 जुलाई 1987 और 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म हुआ है तो स्वयं की जन्मतिथि और जन्म स्थान को प्रमाणित करने वाले अभिलेख के साथ माता या पिता में से कोई एक का दस्तावेज उपलब्ध कराना है जो उनकी माता या पिता की जन्मतिथि या जन्मस्थान को प्रमाणित करता हो। यदि 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म हुआ है तो खुद के जन्मस्थान, जन्मतिथि, पिता व माता दोनों के जन्मस्थान व जन्मतिथि को प्रमाण पत्र देना होगा।
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ये प्रमुख 12 प्रपत्र
- किसी केंद्र सरकार/राज्य सरकार/ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी/पेंशनभोगी को जारी कोई पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश

- भारत सरकार/स्थानीय प्राधिकारणों/बैंक/डाकघर/एलआईसी आदि द्वारा 1 जुलाई 1987 के पहले जारी किया गया कोई पहचान पत्र/प्रमाण पत्र/अभिलेख
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्मप्रमाण पत्र

- पासपोर्ट
- मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय से जारी मैट्रीकुलेशन/शैक्षिक प्रमाण पत्र
- सक्षम राज्य अधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र

- वन अधिकार प्रमाण पत्र

- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या अन्य कोई जाति प्रमाण पत्र
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर

- राज्य/स्थानीय प्राधिकारी द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर
- सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि/मकान आवंटन पत्र
- आधार (आयोग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार)
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